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Ramadan and Diabetes: रमजान में रोजा रखते हुए डायबिटीज पेशेंट इन बातों पर दें विशेष ध्यान, नहीं बढ़ेगा जरा सा भी ब्लड शुगर!

  • Edited by: प्रणव मिश्र
  • Updated Mar 21, 2023, 04:28 PM IST

Precautions for Ramadan and Diabetes: इस बात को लेकर अक्सर चर्चा होती है कि डायबिटीज वाले लोगों को रमजान में रोजा रखना चाहिए या नहीं। आइये जानते हैं कि यदि मधुमेह के मरीज रोजा रखते हैं तो उन्हें क्या-क्या सावधानियां रखनी चाहिए-

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अगर मुझे डायबिटीज है तो क्या मैं रमजान में रोजा रख सकता हूं? (Image: istockphoto)

Ramadan Diet for Diabetes Patient: मुस्लिम भाइयों के लिए रमजान ( Ramzan 2023 ) का महीना बेहद पवित्र होता है। रमजान इस्लामिक कैलेंडर के 9वें चंद्र महीने में होता है। नतीजतन, तिथि पश्चिमी (ग्रेगोरियन) कैलेंडर के बीच भिन्न होती है। वे इस पूरे महीने रोजा रख रहे हैं। इस दौरान सूर्योदय से सूर्यास्त तक खाने-पीने की मनाही होती है।

इतना ही नहीं कई मुस्लिम भाई अपनी लार भी नहीं निगलते। रोजा में बड़ी संख्या में बुजुर्ग भी शामिल हो रहे हैं। अगर वे मधुमेह रोगी हैं तो उन्हें विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। विशेषज्ञ अक्सर कहते हैं कि मधुमेह के रोगियों को लंबे समय तक भूखे रहने की सलाह नहीं दी जाती है। ऐसे में मधुमेह रोगियों के लिए 14 से 15 घंटे रोजा करना कितना हानिकारक है? आइये जानते है-

व्रत में रखें इस बात का ध्यान

1) पूर्व बीमारी या स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को रोजा से छूट दी गई है। इसलिए अगर आपको स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या है तो बेहतर है कि आप रोजा न करें। लेकिन बहुत से लोग अभी भी रोजा रखते हैं। लंबे समय तक भूखे रहने से मधुमेह रोगियों के शरीर में अचानक ग्लूकोज का स्तर कम हो सकता है। इससे हाइपोग्लाइसीमिया हो सकता है। इसमें मरीज को चक्कर आ सकते हैं और बेहोश भी हो सकते हैं। इसके अलावा ब्लड शुगर लेवल बढ़ने पर आंखों के आसपास अंधेरा, धुंधला दिखना, चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। अगर फिर भी आप व्रत रखने पर जोर देते हैं तो आपको पहले किसी विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

2) रोजा रखते समय भूखे रहने से ब्लड प्रेशर की समस्या के साथ मधुमेह भी हो सकता है। दिन के दौरान, आपको नियमित रूप से अपने रक्तचाप की जांच करनी चाहिए। कोई दिक्कत हो तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें। इसी तरह व्रत करते समय किसी भी तरह की टेंशन न रखें, इससे ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है।

3) रोजा के दौरान शरीर में ग्लूकोज की मात्रा को कैसे नियंत्रित किया जाए, इस पर विशेषज्ञों से विशेष सलाह लें। सहरी के दौरान जब भी कुछ खाएं तो पहले अपना ब्लड प्रेशर चेक करा लें। अपने दैनिक आहार को उसी के अनुसार रखें।

4) कई लोग सेहरी में पूरे दिन रोजा करने के बाद खूब खाते हैं। लेकिन इससे शरीर में ग्लूकोज की मात्रा अचानक बढ़ने का खतरा पैदा हो जाता है। इसलिए लंबे समय तक भूखे रहने के बाद तुरंत खाना नहीं खाना चाहिए। अपने आहार में फल, सब्जियां, दाल आदि को शामिल करना चाहिए। कार्बोहायड्रेट कम खाएं। आप दिन में एक खास डाइट चार्ट भी बना सकते हैं।

5) व्रत में भोजन के साथ जल पीना वर्जित है। ऐसे में शरीर में लंबे समय तक पानी की कमी बनी रहती है। इसलिए योजना बनानी चाहिए कि शरीर में पानी की कमी न हो। शरीर में पानी की कमी न होने दें, सहरी में अधिक पानी पियें, भोजन में सलाद, खीरा, टमाटर आदि का प्रयोग करें।

प्रणव मिश्र
प्रणव मिश्रauthor

मीडिया में पिछले 5 वर्षों से कार्यरत हैं। इस दौरान इन्होंने मुख्य रूप से टीवी प्रोग्राम के लिए रिसर्च, रिपोर्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम किया है। इससे पहले जनसत्ता, लोकसभा टीवी/संसद टीवी, पेबेल मीडिया नेटवर्क, टाइम 8, डीडी न्यूज़ के लिए काम कर चुके हैं। इस समय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पेशल करेस्पोंडेंट के पद पर कार्यरत हैं।

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