हेल्थ

मेडिकल स्टूडेंट्स में बढ़ रही मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं, UG में 27 तो PG में 84 प्रतिशत तक स्टूडेंट्स का मानसिक स्वास्थ्य खराब, सर्वे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Mental Health Issues Are Increasing Among Medical Students: मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण पर राष्ट्रीय टास्क फोर्स की 2024 रिपोर्ट में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चौंका देने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में यह बताया गया है कि मेडिकल स्टूडेंट्स खतरनाक मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं।

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Mental Health Issues Are Increasing Among Medical Students

Mental Health Issues Are Increasing Among Medical Students: दुनियाभर में मानसिक स्वास्थ्य जुड़ी समस्याएं लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही हैं। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि अब मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों में भी खराब मेंटल हेल्थ एक बड़ा मुद्दा बन गई है। हाल ही में हुए एक सर्वे में मेडिकल स्टूडेंट्स में खराब मेंटल हेल्थ को लेक काफी चौंका देने वाली खबर सामने आई है। सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि मेडिकल छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं गंभीर रूप से परेशान कर रही हैं। यह उनके स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा रहा है। सर्वे में क्या कुछ सामने आया है इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

क्या कहती है रिपोर्ट

हाल ही में मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण पर राष्ट्रीय टास्क फोर्स की रिपोर्ट आई है। रिपोर्ट में बताया गया है की स्नातकोत्तर (PG) में 84% मेडिकल स्टूडेंट्स तनाव का सामना करते हैं। वहीं, 64 प्रतिशत का कहना है कि काम के बोझ की वजह से उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है। यह उनके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालते हैं।

यह रिपोर्ट राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन सर्वेक्षण पर आधारित है। स्नातकोत्तर स्टूडेंट्स के अलावा, रिपोर्ट में स्नातक (UG) मेडिकल स्टूडेंट्स की मानसिक स्थिति के बारे में बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 27.8% स्नातक मेडिकल छात्रों ने अपनी इच्छा से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित होने का संकेत दिया है। इसी तरह 15.3% पीजी के छात्रों ने मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं की सूचना दी। वहीं, 16.2% यूजी और 31.2% पीजी छात्र ऐसे भी थे जिन्होंने मानसिक स्थिति खराब होने की वजह से आत्महत्या जैसे विचारों के आने की सूचना दी।

तनाव के प्रमुख कारकों को लेकर हुआ खुलासा

रिपोर्ट में यह बताया गया है कि मेडिकल छात्रों में लंबे समय तक काम करना, निरंतर ड्यूटी और अपर्याप्त बुनियादी ढांचे जैसे कारक स्टूडेंट्स में तनाव को ट्रिगर करते हैं। तनाव की वजह से 19% पीजी छात्रों ने शराब, तंबाकू, भांग और अन्य नशीले पदार्थों की मदद से तनाव कम करने की आवश्यकता व्यक्ति की। इसके अलावा, स्टूडेंट्स के बीच वित्तीय चिंताएं भी तनाव बढ़ने का एक प्रमुख कारण है। बढ़ता कॉम्टीशन, भावनात्मक तनाव, लगातार संघर्ष और पर्याप्त समर्थन न मिलना इसके कुछ प्रमुख कारणों में शामिल है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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