हेल्थ

कबूतर पालने का शौक कर सकता है आपको बीमार, हाल ही में दिल्ली से सामने आया अनोखा मामला, सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट

आपने शहरों में जगह-जगह पर पशु-पक्षियों के दाना डालने वाले स्थान देखे होंगे। जहां लोग अक्सर दाना डालते हुए देखे जा सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक प्यारा सा पक्षी जिसे आप दाना डालने जाते हैं आपके लिए बीमारी का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला..

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Pigeon causes of this disease

Photo : iStock

शहरों में आपके अक्सर चुग्गा स्थल बने देखे होंगे, जहां लोग आकर आवारा पशु-पक्षियों को दाना डालते दिख जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पशु-पक्षियों के प्रति आपका ये प्रेम आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। जी हां हाल ही में हुई एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि कबूतरों के मल से हमारे स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर पड़ता है।

हाल ही में दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में एक अजीब मामला देखने को मिला है। जिसमें एक 11 साल का लड़के में जानलेवा एलर्जी का शिकार हो गया है। इसके पीछे कबूतरों की बीट को कारण बताया जा रहा है। जिसमें सामने आ रहा है कि छत या बालकनी में जमा कबूतर की बीट जिसे हम हानिरहित मानते है, हमारे शरीर में एलर्जी का कारण बन सकती है।

किस बीमारी के चलते किया गया भर्ती

सर गंगा राम अस्पताल के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) के सह-निदेशक डॉ. धीरेंद्र गुप्ता ने बताया, कि बच्चे में हाइपर सेंसिटिविटी न्यूमोनाइटिस का संक्रमण पाया गया है, जो कबूतरों की बीट की एलर्जी के चलते हुआ है। यह एक गंभीर संक्रमण है जिसमें तुरंत इलाज की जरूरत होती है।

क्या है रोग के लक्षण

सर गंगाराम अस्पताल के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) के सह-निदेशक डॉ. धीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि बच्चे के फेफड़ों में सूजन और धुंधलापन देखा गया है जो इस बीमारी के सबसे अहम लक्षण हैं। यह रोग सामान्यतः लंग्स का रोग है, जिसमें हमारे फेफड़े बुरी तरह जख्मी हो जाते हैं।

कैसे फैलता है रोग?

हाइपर सेंसिटिविटी न्यूमोनाइटिस या एचपी का संक्रमण पक्षियों से निकलने वाली एलर्जी से पैदा होता है। पक्षियों में एलर्जी पैदा करने वाला एक तत्व (एलर्जेंस) पाया जाता है। जो हमारे शरीर में आकर हमारी इम्यूनिटी को बुरी तरह प्रभावित करता है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह रोग साल में 1 लाख लोगों में केवल 2-4 लोगों को ही देखने को मिलता है।

gulshan kumar
गुलशन कुमार author

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लो... और देखें

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