Heavy bleeding: महिलाओं को हर माह पीरियड्स के दौर से गुजरना पड़ता है। यह एक नैचुरल प्रक्रिया है, लेकिन कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान काफी दर्द और मरोड़ का सामना करना पड़ता है। कई बार इस तरह की परेशानी नॉर्मल होती है। लेकिन अगर आपको दर्द के साथ-साथ हैवी ब्लीडिंग हो रही है तो यह गंभीर कारण भी हो सकता है। आज हम आपको इस लेख में महिलाओं को पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग क्यों होती है के बारे में विस्तार से बताएंगे। आइए जानते हैं इस बारे में-
हैवी ब्लीडिंग के क्या हैं कारण?
शरीर में विटामिन ई की कमी
पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग की परेशानी को कम करने में विटामिन ई महत्वपूर्ण होता है। अगर आपके शरीर में विटामिन ई की कमी हो जाए, तो इसकी वजह से ब्लीडिंग ज्यादा होने लगती है। ऐसे में आपको अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है। इस स्थिति में आप डॉक्टर से सलाह लेकर विटामिन ई सप्लीमेंट्स ले सकते हैं।
फाइब्रॉएड्स हो सकता है वजह
पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग होने का कारण गर्भाश्य में फाइब्रॉएड्स की परेशानी भी हो सकती है। कई बार महिलाओं को गर्भाशय में फ्राइब्रॉएड्स होने के कारण लंबे समय तक ब्लीडिंग होने लगती है। इसके कारण शरीर में हार्मोन असंतुलित हो सकात है। साथ ही महिलाओं को पीरियड्स की अनियमितता से भी गुजरना पड़ सकता है। इसलिए इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
कैसे करें सेल्फ केयर?
पीरियड्स के दौरान अगर आपको हैवी ब्लीडिंग हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। साथ ही इस दौरान कैफीन और एल्कोहलयुक्त चीजों का सेवन न करें। शरीर को अधिक से अधिक आराम दें।
ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें। वहीं, शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। घर के भारी काम करने से बचें, ताकि आपको हैवी ब्लीडिंग की वजह से शारीरिक कमजोरी महसूस न हों।
हैवी ब्लीडिंग की परेशानी होने पर आपके शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो सकती है। ऐसी स्थिति में आयरन से भरपूर आहार का सेवन करें, ताकि हीमोग्लोबिन की कमी को दूर किया जा सके।
पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग की स्थिति में आपको डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत होती है। साथ ही आप इन छोटी से छोटी बातों का ध्यान रखकर खुद की इस अवस्था में केयर कर सकते हैं, ताकि परेशानी की गंभीरता को कम किया जा सके।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
