Mens Contraceptives: पुरुषों के लिए पहली भारतीय गर्भ निरोधक इंजेक्शन (Indian Contraceptive Injection) अब जल्द उपलब्ध होगी। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने अपनी रिसर्च (Research) के बाद इस पर मुहर लगा दी है। वहीं अगर इस इंजेक्शन (Injection) की खासियत की बात करें तो इस इंजेक्शन को लेना बेहद आसान है और ये काफी ज्यादा प्रभावी है। आईसीएमआर की इस रिसर्च की मानें तो ये इंजेक्शन प्रेगनेंसी (Pregnancy) को रोकने में करीब 99 फीसदी तक प्रभावी है।
वहीं इस इंजेक्शन को लेकर आईसीएमआर की रिपोर्ट में जानने के लिए काफी कुछ है। आपको इससे पहले केवल महिलाओं के लिए ही तमाम तरह की तकनीक, दवाईं और परिवार नियोजन के कई तरह के उपाय उपलब्ध हैं, ये बात सुनी होगी... लेकिन पुरुषों के लिए अभी तक ऐसा कोई उपाय नहीं था। मगर अब ICMR के सफल रिसर्च के बाद पुरुषों के लिए इंजेक्शन आ गया है जो करीब 99 प्रतिशत मामलों में प्रेग्नेंसी रोकने में कामयाब बताया जा रहा है।
लगाने से पहले दिया जाएगा लोकल एनेस्थीसिया
इसके बाद अब देशभर के एक्सपर्ट्स और डॉक्टर द्वारा आईसीएमआर के इस सफल परीक्षण पर प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। जाने-माने डॉक्टर एम वली ने बताया इस इंजेक्शन को स्पर्म डक्ट में इंजेक्ट किया जाएगा। इसको लगाने से पहले व्यक्ति को लोकल एनेस्थीसिया दिया जाता है। RISUG को एक के बाद एक स्पर्म डक्ट्स में इंजेक्ट किया जाता है। इंजेक्शन लगने के बाद काफी चार्ज्ड पॉलिमर स्पर्म डक्ट की अंदर वाली वॉल में चिपक जाते हैं। फिर जब पॉलिमर निगेटिव चार्ज्ड स्पर्म के संपर्क में आता है तो ये उसे नष्ट कर देता है। इससे अंडे फर्टिलाइज करने में वह सक्षम नहीं रह जाता। ICMR ने 300 से ज्यादा लोगों पर टेस्ट करके पाया कि ये इंजेक्शन पुरुषों पर कारगर साबित हो रहा है और अब पुरुष भी परिवार नियोजन में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
ICMR की स्टडी में पता चला कि नॉन-हार्मोनल इंजेक्शन वाले पुरुष गर्भनिरोधक RISUG (रिवर्सिबल इनहिबिशन ऑफ स्पर्म अंडर गाइडेंस) पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है और ये लंबे समय तक काम भी करता है। इस खबर को जानने के बाद लोगों के मन में इस इंजेक्शन के इस्तेमाल को लेकर कई सारे सवाल उठ रहे होंगे कि आखिरकार ये कैसे काम करेगा।
इंजेक्शन को स्पर्म डक्ट में किया जाएगा इंजेक्ट
बता दें कि यह इंजेक्शन को स्पर्म डक्ट में इंजेक्ट किया जाएगा। यहीं से पेनिस तक स्पर्म आता है। इसको लगाने से पहले व्यक्ति को लोकल एनेस्थीसिया दिया जाता है। RISUG को एक के बाद एक स्पर्म डक्ट्स में इंजेक्ट किया जाता है। इंजेक्शन लगने के बाद काफी चार्ज्ड पॉलिमर स्पर्म डक्ट की अंदर वाली वॉल में चिपक जाते हैं। फिर जब पॉलिमर निगेटिव चार्ज्ड स्पर्म के संपर्क में आता है तो ये उसे नष्ट कर देता है। इससे अंडे फर्टिलाइज करने में वह सक्षम नहीं रह जाता है।
रिपोर्ट- भावना किशोर
