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Diet Mantra for Indians: भारतीय थाली में नहीं होनी चाहिए ये तीन चीजें, इंडियन्स के लिए लॉन्च हुई नई गाइडलाइन्स.. बस फॉलो करनी होगी ऐसी डाइट

  • Authored by: अवनी बागरोला
  • Updated May 10, 2024, 08:21 AM IST

Diet Mantra for Indians: फिट बॉडी के लिए अच्छी लाइफस्टाइल मेन्टेन करना तो हेल्दी डाइट लेना बहुत जरूरी होता है। हाल ही में जारी हुई कुछ डायटरी गाइडलाइन्स के मुताबिक हर भारतीय को खास तीन चीजों से परहेज करना चाहिए। देखें इंडियन्स के लिए बेस्ट डाइट प्लान, क्या खाना सेहत के लिए हानिकारक है।

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Dietary guideline for Indian's

Diet Mantra for Indians: बॉडी को फिट और लंबे समय तक के लिए एक्टिव व हेल्दी रखने के लिए अच्छी लाइफस्टाइल, वर्कआउट और डाइट रूटीन हर किसी को फॉलो करना ही चाहिए। संतुलित आहार लेने से शरीर चुस्त दुरुस्त रहने के साथ साथ कई सारी बीमारियों से लड़ने के लिए सक्षम भी हो जाता है। वैसे तो इंडियन डाइट में दाल, सब्जी से लेकर मोटा अनाज आदि तक बहुत सी हेल्दी चीजें शामिल होती हैं। लेकिन हमारी डाइट में कुछ चीजें ऐसी भी हैं, जिनका सेवन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसे में हर भारतीय के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन द्वारा जारी की गई इन डायटरी गाइडलाइन्स को फॉलो करना काफी मददगार हो सकता है।

ऐसा होना चाहिए हर भारतीय का डाइट प्लान

NIN की हालिया गाइडलाइन्स के मुताबिक हर भारतीय की डाइट बहुत संतुलित होनी चाहिए। वही इस डाइट में खास तीन चीजें शक्कर, तेल और प्रोटीन सप्लीमेंट्स का इनटेक बहुत ही नियंत्रण के साथ करने की सलाह दी गई है। साधारण तौर पर आपको एक दिन में करीब 20 से 25 ग्राम शक्कर का सेवन ही करना चाहिए। वहीं तेल भी कम मात्रा में खाने तो केमिकल वाले प्रोटीन सप्लीमेंट्स से दूर रहना कई बीमारियों से लड़ने के लिए आवश्यक हो सकता है।

इस चीज का रखें खास ख्याल

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन की इन गाइडलाइन्स के मुताबिक डाइट में तेल की मात्रा का नियंत्रण तो अच्छी क्वालिटी का तेल यूज करना दोनों सबसे ज्यादा जरूरी माना गया है। गाइडलाइन्स में इस बात की खास सलाह दी गई थी कि, जितना हो सके उतना आपको कुकिंग ऑइल का सेवन कम करना चाहिए। बता दें कि कुकिंग ऑइल में कई हानिकारक तत्व होते हैं। इस तेल के बजाय आपको जरूरी फैटी एसिड्स की पूर्ति नट्स, ऑइल सीड्स तो सीड फुड से करनी चाहिए।

प्रोटीन पाउडर भी खतरनाक

खास डायटरी गाइडलाइन्स में भारी मात्रा में यूज किए जाने वाले प्रोटीन पाउडर्स को लेकर भी कई बातें कही गई है। सालों की रिसर्च के बाद NIN समेत कई बड़े इंस्टीट्यूट्स ने इस बात पर मुहर लगाई है कि, बाजार में मिलने वाले प्रोटीन पाउडर या अन्य सप्लीमेंट्स में फायदों से ज्यादा नुकसान होते हैं।

आमतौर पर प्रोटीन पाउडर्स अंडा, डेयरी दूध और सोयाबीन, मटर या चावल से बन सकते हैं। हालांकि इन देसी चीजों के अलावा भी बाजार वाले प्रोटीन पाउडर में एडेड शुगर, नॉन कैलोरीक स्वीटनर्स तो फुड कलरिंग जैसे एडिटिव्स भी मिलाए जाते हैं। जिनका भारी मात्रा में रोजाना तौर पर सेवन करना सलाहनीय नहीं माना गया है। आपकी डाइट में प्रोटीन की मात्रा काफी नियंत्रित ही होनी चाहिए, क्योंकि ज्यादा प्रोटीन इनटेक भी कई सारी कम्यूनिकेबल बीमारियों की जड़ बन सकता है।

दिन भर में कितना प्रोटीन लेना चाहिए?

प्रोटीन सप्लीमेंट्स का सेवन आमतौर पर मसल्स तो स्ट्रेंथ गेन करने के लिए हैवी वर्कआउट के दौरान किया जाता है। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि, आपकी बॉडी वेट से 1.6g/kg से ज्यादा प्रोटीन इनटेक हानिकारक हो सकता है। यही नहीं इस लेवल से ज्यादा का प्रोटीन मसल्स बिल्डिंग में मदद भी नहीं करता है।

डाइट है जरूरी

रिसर्च के मुताबिक भारत की अच्छी खासी आबादी बहुत तेजी से ओवरवेट तो ओबेसिटी जैसी बीमारी का शिकार बन रही है। वहीं समाज में कई लोग ऐसे भी हैं, जो कुपोषण का शिकार हैं। और इस तरह की 56 प्रतिशत बीमारियों की दिक्कत अंसतुलित और अनहेल्दी डाइट को माना गया है। इसलिए हर किसी के लिए ही नियमित प्रोटीन, विटामिन, फाइबर आदि वाली डाइट लेना तो अच्छी लाइफस्टाइल फॉलो करना जरूरी है।

अवनि बागरोला
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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