हेल्थ

साधारण दिखने वाला छाला भी हो सकता है ओरल कैंसर का संकेत, इग्नोर करने से बढ़ सकती है मुश्किल

Difference Between Mouth Ulcer And Oral Cancer In Hindi : मुंह के छाले को हम अक्सर सामान्य समझ कर इग्नोर कर देते हैं और होता भी है कि छाले आपके पाचन की समस्याओं के फलस्वरूप हो सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि साधारण दिखने वाला छाला भी गंभीर ओरल कैंसर का संकेत हो सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

Image

Mouth Ulcer VS Oral Cancer

Difference Between Mouth Ulcer And Oral Cancer In Hindi : मुंह में छाले होना अक्सर आम बात है, ये आपके पाचन गड़बड़ी शरीर में विटामिन की कमी और खानपान में ज्यादा मसालों के इस्तेमाल के कारण भी हो सकते हैं। ऐसे तो छाले कुछ दिनों में अपने आप ठीक भी हो जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि छाला गंभीर ओरल कैंसर की शुरुआत का संकेत हो सकता है। जी हां यदि कोई छाला बार-बार हो रहा है या लंबे समय तक ठीक नहीं रहा है, तो इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। जी हां आज हम आपको बताएंगे कि कैसे और कब साधारण छाला ओरल कैंसर का संकेत हो सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

साधारण छाले और ओरल कैंसर की शुरुआत में क्या अंतर है?

साधारण छाले काफी तेज दर्द और जलन होती है, वहीं ओरल कैंसर वाले छाला अक्सर बिना दर्द और जलन वाला होता है। इसके अलावा साधारण छाले को ठीक होने में 1-2 सप्ताह का समय लगता है, जबकि ओरल कैंसर वाला छाला लगभग 2-3 हफ्ते तक भी बना रहता है। इस तरह आप कुछ साधारण अंतर देखकर भी ओरल कैंसर और साधारण छाले का पता लगा सकते हैं।

क्यों पहचान है जरूरी?

साधारण छाले और ओरल कैंसर की पहचान समय रहते करना काफी जरूरी है, क्योंकि इसकी पहचान में जितनी ज्यादा देर होगी आपकी सेहत को खतरा उतना ही अधिक बढ़ता जाएगा। क्योंकि कई मामलों में देखा गया है कि मुंह के छाले को लंबे समय तक इग्नोर करना आपको ओरल कैंसर का शिकार बना देता है।

निष्कर्ष

उपरोक्त लेख के आधार पर साफ है कि अक्सर छाले को हम साधारण समझकर लंबे समय तक भी इग्नोर कर देते हैं। इसलिए यदि आपका छाला 2-3 हफ्ते तक भी ठीक नहीं हो रहा है, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें। याद रखना चाहिए कि कैंसर की समय रहते पहचान आपको जानलेवा खतरे से बचाने में कारगर साबित होती है।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

और पढ़ें
End of Article