Monsoon Fungal Allergy: आपने अक्सर देखा होगा बारिश का मौसम आते ही कई लोगों को सुबह उठते ही लगातार छींक आने लगती है। किसी की नाक बहती रहती है, तो किसी की आंखों में खुजली होने लगती है। ज्यादातर लोग इसे मौसम बदलने की वजह से हुई सर्दी मान लेते हैं और कुछ दिनों तक खुद ही दवा खाते रहते हैं। लेकिन हर बार छींक आने की वजह सर्दी नहीं होती। कई बार इसके पीछे घर में पनपने वाली फफूंद यानी फंगस भी जिम्मेदार होती है। बारिश के मौसम में नमी बढ़ने से फंगस तेजी से फैलती है और यही कुछ लोगों में एलर्जी की वजह बन जाती है। अगर समय रहते इसकी पहचान हो जाए, तो परेशानी बढ़ने से पहले ही इसे आसानी से संभाला जा सकता है।
बारिश में फंगस क्यों बढ़ जाती है
बता दें कि जब मानसून या बरसात का मौसम रहता है तो इस दौरान हवा में नमी काफी बढ़ जाती है। यही नमी घर की दीवारों, बाथरूम, रसोई, पुराने फर्नीचर, गद्दों, पर्दों और बंद कमरों में फफूंद जमने का कारण बनती है। यह फफूंद हमें हमेशा दिखाई नहीं देती, लेकिन इसके बहुत छोटे-छोटे कण हवा में फैल जाते हैं। जब हम सांस लेते हैं, तो ये कण शरीर के अंदर चले जाते हैं। जिन लोगों को एलर्जी की समस्या होती है, उनमें यही कण बार-बार छींक और नाक से जुड़ी परेशानी शुरू कर सकते हैं।
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कैसे समझें कि यह सर्दी नहीं एलर्जी हो सकती है
जब सर्दी सामान्य होती है तो बुखार, बदन दर्द और कमजोरी जैसी दिक्कत भी हो सकती है और कुछ दिनों में आराम मिलने लगता है। लेकिन अगर कई दिनों तक लगातार छींक आती रहे, सुबह उठते ही नाक बहने लगे, आंखों में खुजली हो, नाक बार-बार बंद हो जाए या धूल और नमी वाली जगह पर जाते ही परेशानी बढ़ जाए, तो यह एलर्जी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में बार-बार सर्दी की दवा लेने से फायदा नहीं मिलता, क्योंकि समस्या की असली वजह कुछ और होती है।
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डॉक्टर क्या सलाह देते हैं
अमृता अस्पताल फरीदाबाद के इंटरनल मेडिसिन एक्सपर्ट और सीनियर कंसलंटेंट डॉक्टर मोहित शर्मा बताते हैं कि बारिश के मौसम में फंगस तेजी से बढ़ती है। इसके छोटे-छोटे कण सांस के साथ शरीर में चले जाते हैं और कई लोगों में बार-बार छींक, नाक बहना, आंखों में जलन और सांस से जुड़ी दिक्कत पैदा कर सकते हैं। उनका कहना है कि अगर ऐसी परेशानी बार-बार हो रही है, तो इसे सामान्य सर्दी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही जांच के बाद ही यह पता चल सकता है कि वजह संक्रमण है या एलर्जी।
थोड़ी-सी सावधानी बड़ी परेशानी से बचा सकती है
कोशिश करें कि बारिश के दिनों में घर को ज्यादा देर तक बंद न रखें। जहां तक हो सके, कमरों में हवा आती-जाती रहे। अगर दीवारों पर सीलन या फफूंद दिखे, तो उसे तुरंत साफ कराएं। गीले कपड़े लंबे समय तक कमरे में न रखें। कूलर, एसी और उनके फिल्टर की समय-समय पर सफाई करें। अगर पहले से एलर्जी की समस्या है, तो बहुत ज्यादा धूल या सीलन वाली जगह पर जाने से बचें। ये छोटी-छोटी आदतें एलर्जी का खतरा काफी कम कर सकती हैं।
कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है
डॉक्टर सलाह देते हैं कि अगर छींक कई दिनों तक बंद न हो, सांस लेने में तकलीफ महसूस हो, सीने में जकड़न हो, रात में खांसी बढ़ जाए या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें, तो डॉक्टर से जरूर मिलें। बिना सलाह के बार-बार एंटीबायोटिक या दूसरी दवाएं लेना सही नहीं है। सही इलाज तभी मिल सकता है, जब बीमारी की सही वजह पता चल जाए।
यह भी रखें ध्यान रखें
बारिश के मौसम में हर छींक सर्दी की निशानी नहीं होती। अगर परेशानी बार-बार हो रही है, तो इसे हल्के में लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें। समय पर पहचान और थोड़ी-सी सावधानी आपको लंबे समय तक होने वाली परेशानी से बचा सकती है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
