Monsoon Food Poisoning Risk Factors: बारिश का मौसम आते ही लोग सबसे पहले बाहर का खाना खाने से बचने लगते हैं। उन्हें लगता है कि फूड पॉइजनिंग सिर्फ स्ट्रीट फूड खाने से होती है। लेकिन सच यह है कि अगर खाने को सही तरीके से रखा या बनाया न जाए, तो घर का खाना भी नुकसान पहुंचा सकता है। बारिश के मौसम में हवा में नमी ज्यादा होती है, जिससे खाने में खराबी जल्दी आ जाती है। यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. दिलीप गुडे बताते हैं कि इस मौसम में थोड़ी-सी लापरवाही भी पेट खराब होने, उल्टी-दस्त और फूड पॉइजनिंग की वजह बन सकती है। इसलिए सिर्फ बाहर के खाने से बचना ही काफी नहीं है, बल्कि घर में भी खाने को सही तरीके से संभालना जरूरी है।
सिर्फ स्ट्रीट फूड नहीं घर का खाना भी हो सकता है वजह
डॉ. दिलीप गुडे के अनुसार, बारिश में बैक्टीरिया और दूसरे कीटाणु तेजी से बढ़ते हैं। ऐसे में अगर पका हुआ खाना कई घंटों तक बाहर रखा रहे, तो वह खराब हो सकता है। बाद में वही खाना खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए यह मान लेना कि घर का बना हर खाना पूरी तरह सुरक्षित है, सही नहीं है।
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इन चीजों से बारिश में ज्यादा रहता है खतरा
कुछ खाने की चीजें बारिश के मौसम में जल्दी खराब हो जाती हैं। जैसे पका हुआ चावल या बचा हुआ खाना, जिसे लंबे समय तक बाहर रखा गया हो। दूध और उससे बनी चीजें जैसे पनीर, दही और क्रीम भी जल्दी खराब हो सकती हैं। वहीं अगर चिकन, मटन, मछली या अंडे अच्छी तरह नहीं पके हों, तो उनसे भी संक्रमण फैल सकता है। कटे हुए फल, कच्ची सब्जियां, सलाद, ताजा जूस और चटनी जैसी चीजें भी नुकसान कर सकती हैं, खासकर अगर उन्हें साफ पानी से न धोया गया हो या लंबे समय तक खुला रखा गया हो।
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बचाव मुश्किल नहीं बस कुछ आदतें बदलें
बारिश के मौसम में हमेशा ताजा और गर्म खाना खाने की कोशिश करें। अगर खाना बच जाए, तो उसे दो घंटे के अंदर फ्रिज में रख दें और दोबारा खाने से पहले अच्छी तरह गर्म करें। फल और सब्जियों को साफ पानी से धोएं। पीने के लिए हमेशा साफ, फिल्टर या उबला हुआ पानी इस्तेमाल करें। खाना बनाते समय हाथ, बर्तन और रसोई को साफ रखना भी बहुत जरूरी है। साथ ही कच्चे और पके हुए खाने को एक साथ न रखें, ताकि कीटाणु एक से दूसरे खाने में न पहुंचें।
ये लक्षण दिखें तो लापरवाही न करें
फूड पॉइजनिंग होने पर पेट दर्द, उल्टी, दस्त, जी मिचलाना, बुखार या कमजोरी महसूस हो सकती है। कई बार शरीर में पानी की कमी भी होने लगती है। अगर बार-बार उल्टी हो रही हो, तेज बुखार हो, दस्त रुक नहीं रहे हों या शरीर बहुत कमजोर लग रहा हो, तो बिना देर किए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
छोटी सावधानी दे सकती है बड़ी सुरक्षा
डॉ. दिलीप गुडे का कहना है कि बारिश के मौसम में फूड पॉइजनिंग से बचना मुश्किल नहीं है। बस ताजा खाना खाएं, खाने को सही तरीके से रखें, साफ पानी पिएं और रसोई की सफाई का ध्यान रखें। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर आप खुद को और अपने पूरे परिवार को इस मौसम में फूड पॉइजनिंग से काफी हद तक बचा सकते हैं।
