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मानसून में कैसा हो खानपान, आयुर्वेद से जाने से सेहत से जुड़ा ये गहरा ज्ञान, जानें क्या खाएं और क्या नहीं?

मानसून का मौसम राहत और आफत दोनों एक साथ लाता है। बारिश के कारण वातावरण में बैक्टीरिया, वायरस की संख्या बढ़ जाती है। जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। आज हम आपको मानसून में खानपान संबंधी कुछ आयुर्वेदिक नियम बताने जा रहे हैं। जो आपको फिट रहने में मदद कर सकते हैं।

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Monsoon food tips by Ayurveda (Photo - Canva)

Monsoon Diet Tips According To Ayurveda : बरसात का मौसम आपको भले कितना भी अच्छा लगता हो, लेकिन ये आपकी सेहत को बहुत ज्यादा पसंद नहीं आता है। यही कारण है कि इन दिनों में पाचन से जुड़ी समस्याएं काफी बढ़ जाती हैं। यही कारण है कि इस मौसम में खानपान संबंधी मामलों में थोड़ी सावधानी रखने की सलाह दी जाती है। यदि आप बरसात में फिट रहना चाहते हैं, तो आपको खानपान के लिए आयुर्वेद के कुछ नियमों को फॉलो कर लेना चाहिए। आइए जानते हैं इसके कुछ खास नियम विस्तार से...

आयुर्वेद के अनुसार मानसून में कैसा हो खानपान?

हल्का और सुपाच्य भोजन लें

बरसात के दिनों में सबसे गहरा असर हमारी पाचन क्रिया पर पड़ता है। ये काफी स्लो हो जाती है। इसलिए इन दिनों में भारी खाना, तैलीय और मसालेदार चीजों को खाने से परहेज करना चाहिए। इसकी जगह आप खिचड़ी, मूंग दाल, दलिया और हरी सब्जियां खाएं। ये सुपाच्य और पोषण से भरपूर होती हैं।

ताजा भोजन करें

बारिश के दिनों में सबसे ज्यादा बीमारियां दूषित खाने और पीने से होती हैं। इसलिए इन दिनों में हमेशा गर्म और ताजा भोजन ही करना चाहिए। बासी या फ्रिज में रखे खाने में बैक्टीरिया पनपने की संभावना बढ़ जाती है। जिससे सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।

ठंडी चीजों से परहेज

बारिश के दिनों में जैसे ही एक दिन गर्मी बढ़ती है, वैसे ही हम आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक जैसी चीजों का सेवन कर लेते हैं। आयुर्वेद के अनुसार मानसून में ठंडी चीजें नहीं खानी चाहिए। इससे सेहत खराब हो सकती है। इसके साथ ही आपको दिन भर हल्का गर्म पानी पीना चाहिए।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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