High Blood Pressure: हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन हृदय से जुड़ी एक खतरनाक बीमारी है। इसमें धमनियों से बहने वाले खून का दबाव धमनियों की दीवार पर बढ़ जाता है। यह अन्य रोगों को भी जन्म देता है। डॉक्टर्स मानते हैं कि गलत खानपान अव्यवस्थित दिनचर्या, फिजिकल एक्सरसाइज की कमी इस बीमारी के मुख्य कारण हैं।
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को आप अपने सही खानपान से नियंत्रित कर सकते हैं। रोगियों को यह जानना बहुत ही आवश्यक है कि उन्हें किन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए और किसका त्याग, यह इस बीमारी के इलाज के लिए आवश्यक है।
हाई ब्लड प्रेशर होने पर इन चीजों के सेवन से बचें-
1- नमक या सोडियम का कम करें सेवन
रक्तचाप की समस्या से ग्रसित लोगों के लिए कम नमक वाला भोजन ग्रहण करना फायदेमंद होता है। कम नमक का सेवन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में असरदार साबित होता है। विशेषज्ञ अक्सर प्रोसेस्ड फूड यानी डिब्बाबंद भोजन को खाने से बचने की सलाह देते हैं क्योंकि इसमें नमक की मात्रा अधिक होती है।
2- रेड मीट खाने से बचें
वैसे तो रेड मीट में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं लेकिन हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित व्यक्तियों को वसायुक्त आहार ग्रहण करने से बचना चाहिए। फुल क्रीम दूध, रेड मीट, मक्खन इत्यादि में वसा की मात्रा अधिक होती है तो इसका कम से कम सेवन करें।
3- अल्कोहल अवॉइड करें
अल्कोहल इनटेक से वजन बढ़ सकता है एवं बढ़ा हुआ वजन उच्च रक्तचाप का एक मुख्य कारण है। इसके अलावा अल्कोहल में मौजूद रसायन और यौगिक उच्च रक्तचाप के इलाज के दौरान खाई जाने वाली दवाइयों के साथ रिएक्शन भी कर सकता है, जो कि सेहत के लिए नुकसानदायक है।
4- कैफिन के सेवन से बचें
कैफीन का सेवन अस्थाई रूप से उच्च रक्तचाप की समस्या को बढ़ा सकता है। जो लोग चाय कॉफी या चॉकलेट इत्यादि का अधिक सेवन करते हैं उन्हें उच्च रक्तचाप की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। बेहतर है कि कैफीन युक्त पेय पदार्थों का कम ही सेवन करें।
नमक का प्रयोग फूड प्रिजर्वेटिव के रूप में किया जाता है। इसलिए लंबे समय तक उपयोग में लाए जाने वाले खाद्य पदार्थों में नमक का इस्तेमाल किया जाता है। अचार और प्रोसेस्ड यानी डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों में नमक की मात्रा अधिक पाई जाती है। उच्च रक्तचाप से ग्रसित व्यक्तियों की इनका सेवन ना करने में ही भलाई है।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
