हेल्थ

मसल्स जितनी मजबूत होंगी उतना कम होगा डायबिटीज का खतरा, नई रिसर्च में हुआ खुलासा, जानिए बढ़ाने के आसान टिप्स

How Strong Muscles Can Reduce Diabetes Risk: मसल्स स्ट्रेंथ न केवल शारीरिक फिटनेस के लिए, बल्कि टाइप 2 डायबिटीज से बचाव के लिए भी महत्वपूर्ण है। हाल ही में हुए कुछ अध्ययनों में भी इस बात की पुष्टि हुई है। मजबूत मसल्स और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

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Strong Muscles Can Reduce Diabetes Risk

How Strong Muscles Can Reduce Diabetes Risk: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर अपने शरीर की देखभाल को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी मसल्स की ताकत न केवल आपकी फिटनेस के लिए, बल्कि डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए भी महत्वपूर्ण है? हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन में यह पाया गया है कि जिन लोगों की मसल्स स्ट्रेंथ अधिक होती है, उनमें टाइप 2 डायबिटीज का खतरा 44% तक कम होता है, चाहे उनकी जेनेटिक प्रवृत्ति कुछ भी हो । यह दर्शाता है कि मसल्स स्ट्रेंथ बढ़ाना न केवल फिटनेस के लिए, बल्कि डायबिटीज से बचाव के लिए भी आवश्यक है। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं...

मसल्स स्ट्रेंथ और डायबिटीज के बीच संबंध

अध्ययन में पाया गया कि अच्छी मसल्स स्ट्रेंथ वाले व्यक्तियों में टाइप 2 डायबिटीज का खतरा 44% तक कम होता है, भले ही उनकी जेनेटिक प्रवृत्ति हाई क्यों न हो।

जेनेटिक जोखिम को भी मात देती है मसल्स

रिसर्च दर्शाती है कि मजबूत मसल्स जेनेटिक जोखिम को भी कम कर सकती हैं, जिससे डायबिटीज का खतरा घटता है ।

मीडियम मसल्स स्ट्रेंथ भी लाभकारी

एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि मीडियम मसल्स स्ट्रेंथ वाले व्यक्तियों में टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा 32% तक कम होता है ।

महिलाओं में भी प्रभावी

नर्सेज हेल्थ स्टडी के अनुसार, मसल्स-स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज करने वाली महिलाओं में डायबिटीज का खतरा 7% से 40% तक कम होता है ।

कम मसल मास से बढ़ता है डायबिटीज का खतरा

कम मसल मास वाले युवाओं में डायबिटीज की संभावना अधिक पाई गई है, जो दर्शाता है कि मसल्स की मात्रा और ताकत दोनों महत्वपूर्ण हैं ।

मसल्स स्ट्रेंथ बढ़ाने के आसान टिप्स - How To Build Muscles In Hindi

सप्ताह में 2-3 बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें : बॉडीवेट एक्सरसाइज जैसे स्क्वैट्स, पुश-अप्स, और लंजेस से शुरुआत करें।

प्रोटीन से भरपूर आहार: हर रोज पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन का सेवन करें, जैसे दालें, अंडे, दूध, और नट्स।

कार्डियो और स्ट्रेंथ का कॉम्बिनेशन: स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के साथ-साथ कार्डियो एक्सरसाइज जैसे तेज चलना या साइक्लिंग भी करें।

पर्याप्त नींद लें: 7-9 घंटे की नींद मसल्स रिकवरी और ग्लूकोज मेटाबोलिज्म के लिए आवश्यक है ।

तनाव मैनेज करें: योग, ध्यान, या गहरी सांस लेने की तकनीकों की मदद से तनाव को कम करें, जिससे इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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