हेल्थ

स्मॉग सीजन में हेल्दी रहने का आसान तरीका, अपनाएं ये 5 डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज

Smog Season Health: दिल्ली समेत कई शहरों में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस वजह से सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। यह एक गंभीर समस्या है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे में अगर लोग रोजाना इन आसान 5 गहरी सांस लेने की तकनीकों को अपनाएं, तो वे प्रदूषण के असर से खुद को काफी हद तक बचा सकते हैं।

Image

स्मॉग सीजन में हेल्दी रहने का आसान तरीका

Air Pollution Health Effects: धुंध और स्मॉग के मौसम में हवा की गुणवत्ता यानी AQI बहुत खराब हो जाती है। प्रदूषण की वजह से हवा में मौजूद बेहद बारीक कण सीधे हमारे फेफड़ों पर असर डालते हैं। ऐसे माहौल में सांस से जुड़ी सेहत का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। सांस फूलना, खांसी, गले में जलन और कई बार सीने में भारीपन अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं तो ये आर्टिकल आपके बेहद काम आने वाला है। ऐसे में सिर्फ मास्क पहन लेना काफी नहीं है। हमें इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि हम कैसे सांस ले रहे हैं। सही तरीके से गहरी सांस लेने की आदतें इस मौसम में फेफड़ों को मजबूत बना सकती हैं।

नाक से सांस लेने की आदत डालें: इस तकनीक में सांस हमेशा नाक से ली और छोड़ी जाती है। आराम से बैठ जाएं, मुंह बंद रखें और नाक से 4 सेकंड तक गहरी सांस लें। 2 सेकंड रुकें और फिर 6 सेकंड में नाक से ही सांस बाहर छोड़ें। यह तरीका फेफड़ों को शांत करता है और प्रदूषित दिनों में मुंह से सांस लेने की आदत को कम करता है।

पेट से सांस लेना (डायफ्राम ब्रीदिंग): इससे फेफड़ों का निचला हिस्सा अच्छे से काम करता है। एक हाथ छाती पर और दूसरा पेट पर रखें। नाक से सांस लें और पेट को बाहर की ओर उठने दें, छाती ज्यादा न हिले। फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ें।

र्स्ड-लिप ब्रीदिंग: जब आप बाहर की प्रदूषित हवा से लौटते हैं, तब यह एक्सरसाइज बहुत फायदेमंद होती है। नाक से 2 सेकंड तक सांस लें, फिर होंठों को सीटी बजाने जैसे बनाकर 4 सेकंड में धीरे-धीरे सांस छोड़ें। इससे फेफड़ों में फंसी गंदी हवा बाहर निकलने में मदद मिलती है।

हम्मिंग ब्रीथ: सीधे बैठें, नाक से गहरी सांस लें और सांस छोड़ते समय हल्की-सी हम्म की आवाज निकालें। इससे नाक के रास्ते में नाइट्रिक ऑक्साइड बनता है, जो सांस लेने को आसान करता है और खून के प्रवाह को बेहतर बनाता है।

रात को सोने से पहले रिलैक्स ब्रीदिंग: पीठ के बल लेट जाएं, घुटनों को थोड़ा मोड़ लें। नाक से 4 सेकंड तक सांस लें और फिर मुंह से 6 सेकंड में सांस छोड़ें। यह एक्सरसाइज फेफड़ों को आराम देती है और नींद भी अच्छी आती है।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

और पढ़ें
End of Article