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स्किन प्रॉब्लम की जड़ है रंजक पित्त, शरीर का ये दोष ठीक होते ही चेहरे पर लौट आता है नेचुरल ग्लो

  • Edited by: Vineet
  • Updated Jan 22, 2026, 07:01 AM IST

Ayurveda Glowing Skin Tips: चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए महंगे कॉस्मेटिक्स जरूरी नहीं हैं। आयुर्वेद के अनुसार लिवर और रंजक पित्त का संतुलन ही असली निखार की कुंजी है। जानिए कैसे रंजक पित्त बिगड़ने से त्वचा प्रभावित होती है और किन आयुर्वेदिक उपायों से खून साफ कर चेहरे पर प्राकृतिक ग्लो पाया जा सकता है।

ग्लोइंग स्किन का आुयर्वेदिक फॉर्मूला

ग्लोइंग स्किन का आुयर्वेदिक फॉर्मूला

Ayurveda Glowing Skin Tips: चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए आजकल लोग महंगे क्रीम, सीरम और पार्लर ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं। लेकिन आयुर्वेद इस सोच से अलग नजरिया रखता है। आयुर्वेद के अनुसार असली निखार बाहर से नहीं, बल्कि शरीर के भीतर से आता है। खासतौर पर लिवर और उसमें मौजूद रंजक पित्त चेहरे की रंगत और चमक में अहम भूमिका निभाते हैं।

आयुर्वेद में सुंदरता की असली परिभाषा

आयुर्वेद मानता है कि त्वचा का स्वास्थ्य शरीर के अंदरूनी संतुलन का प्रतिबिंब होता है। जब शरीर के दोष संतुलित रहते हैं, तो उसका असर चेहरे पर अपने आप दिखता है। इसलिए सिर्फ बाहरी देखभाल नहीं, बल्कि अंदरूनी सेहत पर ध्यान देना जरूरी माना गया है।

रंजक पित्त क्या है और क्यों है जरूरी

आयुर्वेद के अनुसार पित्त के पांच प्रकार होते हैं, जिनमें रंजक पित्त का स्थान खास है। यह लिवर और प्लीहा में स्थित होता है और भोजन से बने रस को रक्त में बदलने का काम करता है। सही रंजक पित्त खून को शुद्ध रखता है, जिससे त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है।

रंजक पित्त बिगड़ने पर चेहरे पर असर

जब रंजक पित्त असंतुलित हो जाता है, तो इसका असर सबसे पहले चेहरे पर दिखता है। त्वचा का पीलापन, काले घेरे, पिगमेंटेशन, मुंहासे और बेजानपन इसी का संकेत हो सकते हैं। ऐसे में महंगे कॉस्मेटिक्स सिर्फ लक्षण छिपाते हैं, समस्या को जड़ से खत्म नहीं करते।

आज की जीवनशैली कैसे पहुंचा रही नुकसान

देर रात तक जागना, जंक फूड, ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना, शराब, सिगरेट और लगातार तनाव लिवर को कमजोर कर देते हैं। इससे रंजक पित्त प्रभावित होता है और खून अशुद्ध होने लगता है, जिसका असर सीधे चेहरे की रंगत पर पड़ता है।

आयुर्वेदिक उपाय जो बढ़ाएं प्राकृतिक निखार

आयुर्वेद के अनुसार सही आहार और दिनचर्या से रंजक पित्त को संतुलित किया जा सकता है। आंवला, अनार, चुकंदर, मुनक्का और नारियल पानी खून साफ करने में मदद करते हैं। गिलोय, भृंगराज और भूमि आंवला लिवर को मजबूत बनाते हैं। साथ ही गुस्से और तनाव को नियंत्रित करना भी उतना ही जरूरी है।

Inputs: IANS

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
Vineet author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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