हेल्थ

सोने और खाने के बीच कितना गैप है जरूरी? ICMR ने दूर किया ज्यादातर लोगों का कंफ्यूजन

सोना और खाना हमारी लाइफस्टाइल का एक सबसे अहम हिस्सा होता है, क्योंकि ये दोनों चीजें यदि बिगड़ जाएं तो इससे हमारी सेहत को काफी नुकसान झेलना पड़ सकता है। वहीं कुछ लोग खाने और सोने के बीच में काफी कंफ्यूजन रहता है। आज हम आपको बताएंगे कि खाने और सोने में कितनी गैप होना चाहिए।

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gap between sleep and eat

Photo : iStock

हेल्दी रहने के लिए जरूरी है कि आप अपनी लाइफस्टाइल और खानपान का पूरा ख्याल रखें। इसके साथ ही आपको इस बात का ध्यान भी रखना चाहिए कि कितने बजे खाना और सोना है। क्योंकि हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो आपके खाने और सोने के बीच कुछ देर का अंतर होना बहुत जरूरी है। कुछ लोग खाने के तुरंत बाद सोने चले जाते हैं, तो कुछ लोग देर रात तक जागते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देर तक जागने और खाने के तुरंत बाद सोने दोनों ही तरह से आपकी सेहत पर नकारात्मक असर पड़ता है। सही समय पर भोजन करना और उसके बाद कुछ देर बाद सोना हमारी सेहत के लिए बेहतर साबित होता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

आईसीएमआर ने दिया सटीक जवाब

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद यानी ICMR की मानें तो, रात के समय खाने और सोने के बीच 2 से 3 घंटे का अंतर जरूर होना चाहिए। यदि आप इससे कम समय में सोने जाते हैं तो इससे आपको गैस, एसिडिटी, मोटापा, डायबिटीज और दिल की समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। क्योंकि खाने के बाद हमारे पाचन तंत्र को इसे ठीक से पचाने में काफी समय लगता है। यदि हम तुरंत सो जाते हैं, तो हमारा डाइजेशन स्लो हो जाता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जन्म ले सकती हैं।

खाने और सोने में गैप के फायदे - Benefits of gap between eating and sleeping

  • खाने और सोने में 2 घंटे का गैप होने पर आपको पाचन से जुड़ी समस्याओं से राहत मिलती है।
  • यदि आप खाने के 2-3 घंटे बाद सोने जाते हैं, तो आपका मोटापा की समस्या से बचाव हो सकता है।
  • खाने के तुरंत बाद सोने से आपको हार्ट रोगों का खतरा हो सकता है, इसलिए खाने और सोने में गैप रखें।
  • खाने और सोने में गैप रखने से आपकी नींद की क्वालिटी भी बेहतर होती है, जिससे मानसिक तनाव दूर होता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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