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Protein in Vrat Food: व्रत में कैसे पूरा करें Protein, साबूदाना खाते समय अपनाएं ये आसान तरीके

Protein in Vrat Food: फलाहार में प्रोटीन की कमी कैसे पूरी करें। जानें व्रत के खाने में दूध, दही, पनीर, मूंगफली और मेवों से प्रोटीन बढ़ाने के तरीके। साथ ही समझें साबूदाने को हेल्दी और प्रोटीनयुक्त कैसे बनाएं।

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व्रत के खाने में कैसे बढ़ाएं प्रोटीन, साबूदाना के साथ कैसे प्लान करें डाइट

Protein in Vrat Food: व्रत के खाने में अक्सर आलू, साबूदाना, कुट्टू की पूड़ी, फल और मीठी लस्सी शामिल होते हैं। इससे पेट तो भर जाता है, लेकिन थाली में प्रोटीन बहुत कम रह जाता है। लेकिन इसका असर कुछ घंटों बाद दिखाई देता है जब भूख जल्दी परेशान करने लगती है, मीठा खाने का मन करता है और कमजोरी महसूस होने लगती है। ऐसे में अगर डाइट को सही तरीके से प्लान किया जाए तो फलाहार में भी पर्याप्त प्रोटीन शामिल किया जा सकता है।

एक फिटनेस एप के साथ जुड़ीं डाइटिशियन नैना शर्मा कहती हैं कि एक हेल्दी वयस्क शरीर के वजन के अनुपात में प्रोटीन लेना होता है। यह मात्रा प्रति किलोग्राम वजन पर लगभग 0.8 ग्राम प्रोटीन की होती है। हालांकि उम्र, गतिविधि और स्वास्थ्य के अनुसार यह अमाउंट भी बदल सकती है। हार्वर्ड हेल्थ भी प्रोटीन की जरूरत तय करते समय शरीर के वजन को महत्वपूर्ण मानता है।

हालांकि फलाहार में इसका पूरा हिसाब लगाना जरूरी नहीं, लेकिन हर मुख्य भोजन में प्रोटीन का एक सोर्स शामिल होना ही चाहिए।

केवल फल खाने से पूरा नहीं होगा प्रोटीन

नैना बताती हैं कि फल विटामिन, फाइबर और प्राकृतिक शुगर देते हैं, लेकिन अधिकांश फलों में प्रोटीन बहुत कम होता है। इसलिए केवल फल की प्लेट को संपूर्ण फलाहार मानना ठीक नहीं है। प्रोटीन के लिए डाइट में दूध, दही, पनीर, मूंगफली, बादाम, कद्दू के बीज या राजगीरा जैसे विकल्प जोड़ें।

व्रत में दूध वाली चीजों से परहेज नहीं है तो एक कटोरी दही, गिलास भर दूध या पनीर की सब्जी लें। प्रोटीन को खाने में जोड़ने का यह सबसे आसान उपाय है। अगर डेयरी नहीं लेते तो मूंगफली, मेवे और बीज को खाने में शामिल करें। हालांकि इनमें कैलोरी भी अधिक होती है, इसलिए इन्हें मुट्ठी भर मात्रा में ही खाएं।

फलाहार का प्रोटीन चार्ट

फलाहार का विकल्पसामान्य मात्राअनुमानित प्रोटीन
दूध250 मिली8 ग्राम
सादा दही200 ग्राम7–8 ग्राम
पनीर100 ग्राम18–20 ग्राम
मूंगफली30 ग्राम7–8 ग्राम
बादाम30 ग्रामलगभग 6 ग्राम
कद्दू के बीज30 ग्राम8–9 ग्राम
राजगीरा50 ग्राम कच्चालगभग 7 ग्राम
कुट्टू का आटा50 ग्रामलगभग 6 ग्राम

ध्यान रखें कि मात्रा और ब्रांड के अनुसार पोषण मूल्य थोड़ा बदल सकता है।

साबूदाने के साथ प्रोटीन कैसे बढ़ाएं

साबूदाना मुख्य रूप से स्टार्च यानी कार्बोहाइड्रेट है। इसमें प्रोटीन की मात्रा बेहद कम होती है। इसलिए केवल आलू वाली साबूदाना खिचड़ी खाने पर आपको ऊर्जा तो मिलती है, लेकिन भोजन संतुलित नहीं बन पाता।

खिचड़ी बनाते समय साबूदाने की मात्रा थोड़ी घटाकर उसमें अच्छी मात्रा में भुनी मूंगफली डालें। एक कटोरी खिचड़ी में दो बड़े चम्मच मूंगफली मिलाने से स्वाद, कुरकुरापन और प्रोटीन तीनों बढ़ेंगे। नैना सलाह देती हैं कि आलू बहुत अधिक डालने के बजाय पनीर के छोटे टुकड़े मिलाने से प्रोटीन कर अमाउंट बढ़ सकती है। साथ में एक कटोरी गाढ़ा सादा दही लेने से भोजन ज्यादा संतुलित हो जाएगा।

इसके अलावा, साबूदाना वड़ा डीप फ्राई करने के बजाय टिक्की को तवे या एयर फ्रायर में बनाएं। मिश्रण में मूंगफली का चूरा और पनीर मिलाएं। साबूदाना खीर बनानी हो तो पानी के बजाय दूध का इस्तेमाल करें और ऊपर से बादाम तथा कद्दू के बीज डालें। चीनी कम रखें।

एक व्यावहारिक फलाहार प्लेट में आधी प्लेट सब्जी या फल, एक चौथाई साबूदाना, कुट्टू अथवा सामक और बाकी हिस्से में दही, पनीर या मेवे रखे जा सकते हैं।

नोट: डायबिटीज, किडनी रोग या किसी दूसरी स्वास्थ्य समस्या में फलाहार का मेन्यू डॉक्टर या डायटिशियन से पूछकर तय करें। यहां दी गई जानकारी बस आम जानकारी के लिए है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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