हेल्थ

बाल स्ट्रेटनिंग का शौक बना सकता है इस गंभीर बीमारी का शिकार, खूबसूरत बालों के शौकीन जरूर पढ़ें यह लेख

यदि आप बालों को चमकदार और स्ट्रेट रखने के शौकीन हैं, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। आपका ये शौक आपकी सेहत के मिजाज को बिगाड़ सकता है। अमेरिका में हुए हेल्थ शोध में ये बात सामने आई है कि हेयर स्ट्रेटनिंग की यह प्रोसेस आपके लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

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hair straightening may increase the risk of cancer

Photo : iStock

सीधे और चमकदार बाल भला किसे पसंद नहीं हैं, यह आपके लुक में चार चांद लगा देते हैं। इसके लिए बहुत से लोग सैलून में हजारों रुपए खर्च करके हेयर स्ट्रेटनिंग कराते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शारीरिक खूबसूरती को बढ़ाने के लिए किया गया यह आपका प्रयास आपकी सेहत की खूबसूरती को बिगाड़ सकता है। जी हां एक हेल्थ शोध में ये बात सामने आई है कि हेयर स्ट्रेट कराने में प्रयोग किए जाने वाले केमिकल्स कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बनते हैं। एक अमेरिकी संस्था यूएस फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने हेयर स्ट्रेटनिंग के कुछ प्रोडक्ट को बैन करने का प्रस्ताव किया है। आइए जानते हैं कौन-से हैं ये प्रोडक्ट्स और कैसे पहुंचाते हैं नुकसान?

कैंसर का बढ़ता है खतरा

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो हेयर स्ट्रेटनिंग में प्रयोग किए जाने प्रोडक्ट्स में फॉर्मेल्डिहाइड नाम का तत्व होता है, जो कैंसर पैदा करने की वजह बन सकता है। शोध की मानें तो ल्यूकेमिया के बढ़ते खतरे का बड़ा कारण यह केमिकल है। वहीं भारत में भी हेयर स्ट्रेट करने में फॉर्मेल्डिहाइड भरपूर प्रयोग होता है। जिसमें हीटिंग के दौरान बालों से निकलने वाले धुएं में सांस लेने पर कैंसर का खतरा बढ़ता है।

शोध में आए चौंकाने वाले आंकड़े

शोध में यह बात भी सामने आई है कि यदि आप इन केमिकल का इस्तेमाल कर साल में कम से कम 5 बार हेयर स्ट्रेट करा रहे हैं। इसके साथ ही यदि आप 15 साल तक लगातार इस प्रोसेस को फॉलो कर रहे हैं, तो आपको गर्भाशय और स्तन कैंसर का खतरा कहीं ज्यादा हो सकता है। इसलिए इस खतरे को रोकने के इस तरह के ट्रीटमेंट से बचना ही समझदारी है।

इस तरह के कैंसर का खतरा

  • ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) का खतरा।
  • गर्भाशय के कैंसर का खतरा।
  • स्तन कैंसर का खतरा।

डिस्क्लेमर - यह लेख इंटरनेट पर प्राप्त विभिन्न जानकारी के आधार पर है। इसमें प्रस्तुत डाटा शोध के आंकड़ों के आधार पर है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से एक बार आपको एक्सपर्ट की राय लेनी चाहिए।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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