सीधे और चमकदार बाल भला किसे पसंद नहीं हैं, यह आपके लुक में चार चांद लगा देते हैं। इसके लिए बहुत से लोग सैलून में हजारों रुपए खर्च करके हेयर स्ट्रेटनिंग कराते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शारीरिक खूबसूरती को बढ़ाने के लिए किया गया यह आपका प्रयास आपकी सेहत की खूबसूरती को बिगाड़ सकता है। जी हां एक हेल्थ शोध में ये बात सामने आई है कि हेयर स्ट्रेट कराने में प्रयोग किए जाने वाले केमिकल्स कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बनते हैं। एक अमेरिकी संस्था यूएस फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने हेयर स्ट्रेटनिंग के कुछ प्रोडक्ट को बैन करने का प्रस्ताव किया है। आइए जानते हैं कौन-से हैं ये प्रोडक्ट्स और कैसे पहुंचाते हैं नुकसान?
कैंसर का बढ़ता है खतरा
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो हेयर स्ट्रेटनिंग में प्रयोग किए जाने प्रोडक्ट्स में फॉर्मेल्डिहाइड नाम का तत्व होता है, जो कैंसर पैदा करने की वजह बन सकता है। शोध की मानें तो ल्यूकेमिया के बढ़ते खतरे का बड़ा कारण यह केमिकल है। वहीं भारत में भी हेयर स्ट्रेट करने में फॉर्मेल्डिहाइड भरपूर प्रयोग होता है। जिसमें हीटिंग के दौरान बालों से निकलने वाले धुएं में सांस लेने पर कैंसर का खतरा बढ़ता है।
शोध में आए चौंकाने वाले आंकड़े
शोध में यह बात भी सामने आई है कि यदि आप इन केमिकल का इस्तेमाल कर साल में कम से कम 5 बार हेयर स्ट्रेट करा रहे हैं। इसके साथ ही यदि आप 15 साल तक लगातार इस प्रोसेस को फॉलो कर रहे हैं, तो आपको गर्भाशय और स्तन कैंसर का खतरा कहीं ज्यादा हो सकता है। इसलिए इस खतरे को रोकने के इस तरह के ट्रीटमेंट से बचना ही समझदारी है।
इस तरह के कैंसर का खतरा
- ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) का खतरा।
- गर्भाशय के कैंसर का खतरा।
- स्तन कैंसर का खतरा।
डिस्क्लेमर - यह लेख इंटरनेट पर प्राप्त विभिन्न जानकारी के आधार पर है। इसमें प्रस्तुत डाटा शोध के आंकड़ों के आधार पर है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से एक बार आपको एक्सपर्ट की राय लेनी चाहिए।
