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Gestational Diabetes: अगर आप गर्भवती हैं तो इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, हो सकता है जेस्टेशनल डायबिटीज!

  • Edited by: प्रणव मिश्र
  • Updated May 21, 2023, 10:30 AM IST

Gestational Diabetes Symptoms and Causes: गर्भकालीन मधुमेह या जेस्टेशनल डायबिटीज एक प्रकार का मधुमेह है जो केवल गर्भवती महिलाओं में होता है। पहली बार गर्भावस्था में ही इसका पता चलता है। दरअसल, गर्भावस्था में हार्मोनल असंतुलन के कारण जब महिला का ब्लड शुगर लेवल बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तब यह स्थिति पैदा हो सकती है। तो आइए जानते हैं जेस्टेशनल डायबिटीज क्या है? इसका कारण क्या है और इसके लक्षण क्या हैं?

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Gestational Diabetes: क्या होती है जेस्टेशनल डायबिटीज?

Photo : iStock

Gestational Diabetes Symptoms and Causes: टीवी की मशहूर एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ प्रेग्नेंट हैं और उन्हें जेस्टेशनल डायबिटीज डायग्नोज हुआ है। इसे लेकर वह सोशल मीडिया पर खुलकर कमेंट कर चुकी हैं। गर्भावस्था के दौरान कई महिलाओं को इसका सामना करना पड़ता है। तो आइए जानते हैं जेस्टेशनल डायबिटीज क्या है? इसका कारण क्या है और इसके लक्षण क्या हैं?

गर्भावस्था के दौरान शरीर में इंसुलिन की कमी के कारण कुछ महिलाओं को गर्भकालीन मधुमेह हो सकता है। यह उन महिलाओं को भी हो सकता है जिन्हें पहले से मधुमेह नहीं है। संयुक्त राज्य अमेरिका में हर साल 2 से 10% महिलाएं गर्भकालीन मधुमेह का विकास करती हैं। गर्भकालीन मधुमेह महिलाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के अलावा अजन्मे बच्चे के लिए भी जोखिम पैदा करता है। यदि अनुपचारित छोड़ दिया जाए, तो भविष्य में महिलाओं में टाइप 2 मधुमेह होने का जोखिम प्रसव के बाद कई गुना बढ़ जाता है।

गर्भकालीन मधुमेह के कारण - Gestational Diabetes Causes

जैसा कि अमेरिकन सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) द्वारा रिपोर्ट किया गया है, कुछ महिलाएं गर्भावस्था के दौरान आवश्यक इंसुलिन का उत्पादन करने में असमर्थ होती हैं और गर्भावधि मधुमेह का विकास करती हैं। इंसुलिन एक हार्मोन है जो हमारे रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है। यह मधुमेह आमतौर पर गर्भावस्था के 24वें सप्ताह में विकसित होता है।

इसीलिए 24 से 28 हफ्ते के बीच डायबिटीज टेस्ट करवाना बेहद जरूरी है। गर्भावस्था के दौरान, शरीर कई हार्मोनल परिवर्तनों से गुजरता है। इन परिवर्तनों से शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध और रक्त शर्करा को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त इंसुलिन की आवश्यकता होती है। जिन महिलाओं का शरीर पर्याप्त इन्सुलिन नहीं बना पाता वे इस मधुमेह की शिकार होती हैं।

गर्भकालीन मधुमेह के लक्षण- Gestational Diabetes Symptoms

गर्भावधि मधुमेह के आमतौर पर कोई लक्षण नहीं होते हैं। समय-समय पर होने वाली जांच से ही इसका पता लगाया जा सकता है। इस मधुमेह के कारण लगभग 50% महिलाओं को टाइप 2 मधुमेह हो जाता है। हालांकि जरूरी कदम उठाकर डायबिटीज के खतरे से बचा जा सकता है। गर्भकालीन मधुमेह महिलाओं में रक्तचाप बढ़ा सकता है। ब्लड शुगर लो हो सकता है। बच्चे का वजन काफी बढ़ सकता है, जिससे डिलीवरी में परेशानी होती है।

ऐसे करें ख्याल - Gestational Diabetes Prevention

प्रेग्नेंसी से पहले वजन को कंट्रोल में रखें। अगर आपका वजन ज्यादा है तो उसे कम करने की कोशिश करें। गर्भावस्था के दौरान वजन कम होना खतरनाक है। गर्भावस्था के दौरान ऐसा बिल्कुल न करें। गर्भावधि मधुमेह गर्भावस्था के 24वें सप्ताह में विकसित होती है। ऐसे में 24 से 28 हफ्ते के बीच डायबिटीज टेस्ट कराएं। इससे पहले भी इसका परीक्षण किया जा सकता है।

हेल्दी डाइट लेकर आप इस समस्या से बच सकते हैं। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान सक्रिय रहना बहुत जरूरी है। हल्की शारीरिक गतिविधि इस रोग के जोखिम को कम करती है। किसी भी तरह के लक्षण होने पर डॉक्टर से मिलें और उनकी सलाह के अनुसार दवाएं लें। ऐसे में घरेलू नुस्खों को न आजमाएं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

प्रणव मिश्र
प्रणव मिश्रauthor

मीडिया में पिछले 5 वर्षों से कार्यरत हैं। इस दौरान इन्होंने मुख्य रूप से टीवी प्रोग्राम के लिए रिसर्च, रिपोर्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम किया है। इससे पहले जनसत्ता, लोकसभा टीवी/संसद टीवी, पेबेल मीडिया नेटवर्क, टाइम 8, डीडी न्यूज़ के लिए काम कर चुके हैं। इस समय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पेशल करेस्पोंडेंट के पद पर कार्यरत हैं।

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