आम धारणा है कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर की ऊर्जा कम होने लगती है और थकान बढ़ने लगती है। वैसे जाने-माने गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी, जो खुद 44 वर्ष के हैं, का यह मानना है कि अगर लाइफस्टाइल में सही आदतें अपनाई जाएं, तो उम्र बढ़ने के बावजूद पहले से कहीं अधिक स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस किया जा सकता है। डॉ. सेठी ने अपने जीवन के ऐसे 7 महत्वपूर्ण बदलावों और आदतों का जिक्र किया है, जिन्हें यदि कोई व्यक्ति समय रहते अपना ले, तो वह अपने स्वास्थ्य में भारी सुधार देख सकता है।
बिना चीनी या कम चीनी वाली कॉफी का सेवन
डॉ. सेठी अपनी डाइट में कॉफी का सेवन तो करते हैं, लेकिन उसमें अत्यधिक चीनी डालने से बचते हैं। वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, सीमित और बिना अधिक चीनी वाली कॉफी लीवर से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं, जैसे क्रोनिक लीवर डिजीज, सिरोसिस और लीवर कैंसर, के जोखिम को कम करने में मददगार साबित होती है।
7 से 9 घंटे की भरपूर नींद
रोजाना कम से कम 7 से 9 घंटे की अच्छी नींद लेना शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए अनिवार्य है। डॉक्टर के अनुसार, लगातार कम सोने से ब्लड शुगर का स्तर, भूख को कंट्रोल करने वाले हार्मोन और दिल की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।
फाइबर रिच डाइट
अपने खान-पान में फलों, सब्जियों, बींस, साबुत अनाज, नट्स और सीड्स को शामिल कर रोजाना कम से कम 30 ग्राम फाइबर का सेवन करना चाहिए। पर्याप्त फाइबर से हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज और आंतों से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग
डॉ. सेठी सप्ताह में दो से तीन बार वेट ट्रेनिंग यानी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जरूर करते हैं और अपने पैरों की एक्सरसाइज को कभी नजरंदाज नहीं करते। कई शोधों में यह बात सामने आई है कि मजबूत और बेहतर थाई साइज हृदय संबंधी समस्याओं और जोखिमों को कम करने में सहायक होती है।
सोने से 2-3 घंटे पहले भोजन न करना
रात को सोने से ठीक पहले खाने की आदत सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। इससे रात के समय ब्लड शुगर का स्तर प्रभावित होता है और तुरंत लेटने से एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ जाती है।
खाने के बाद टहलने की आदत
हर मुख्य भोजन के बाद कम से कम 10 मिनट की हल्की सैर जरूर करनी चाहिए। भोजन के तुरंत बाद थोड़ा सा टहलने से शरीर में अचानक से बढ़ने वाले ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में बहुत मदद मिलती है।
मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखना
उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को सकारात्मक रूप से लेते हुए अपनी प्राथमिकताओं को सेट करना जरूरी है। छोटी-छोटी जीवनशैली की ये आदतें मिलकर लंबे समय तक एक स्वस्थ, खुशहाल और फिट जीवन का आधार तैयार करती हैं।
(नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या समस्या के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।)
