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भारत में पहली बार रोबोट ने की ने की हार्ट सर्जरी, मीलों दूर बैठे डॉक्टर की मदद से किया गया ये मुश्किल काम

भारत में पहला मौका है जब देश में बनाए गए एक रोबोट से करीब 300 किलोमीटर दूर एक सर्जरी की गई। सर्जन ने गुरुग्राम में बैठकर जयपुर के अस्पताल में एक मरीज की हार्ट सर्जरी की। आइए जानते हैं इस इलाज का तरीके को और इससे होने वाले फायदे के बारे में।

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First robotic telesurgery successfully done in india

चिकित्सा क्षेत्र के में आए दिन नई-नई तकनीक आ रही हैं और इसी कड़ी में डॉक्टर और मरीजों दोनों को सुविधा के लिए एक और तकनीक आई है, जिसका नाम है टेलीसर्जरी। इसमें सर्जन मीलों दूर बैठकर मरीज की कोई भी जटिल सर्जरी कर सकता है। भारत में भी हाल ही में ऐसी ही एक सर्जरी हुई, जिसे डॉ. सुधीर अग्रवाल ने किया। उन्होंने गुरुग्राम से मणिपाल अस्पताल जयपुर में एक हार्ट की सर्जरी की, इसके लिए एसएसआई मंत्र 3 (SSI Mantra 3) सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। ये सिस्टम पूरी तरह भारत में निर्मित है और पहली बार इसका इस्तेमाल करके सर्जरी की गई है। आइए इसके बारे में जानते हैं।

इतने मिनट में पूरी की सर्जरी

गुरुग्राम से एसएसआई मंत्र के 3 सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम का उपयोग करके डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने जयपुर के मणिपाल अस्पताल में टेलीरोबोटिक-असिस्टेंट इंटरनल मैमरी आर्टरी हार्वेस्टिंग (IMA) सर्जरी पूरी की, जिसकी दूरी 286 किलोमीटर थी। सर्जरी में गुरुग्राम से दिए गए इनपुट को जयपुर में स्थित रोबोट तक पहुंचने में केवल 35-40 मिली सेकंड की देरी हुई, जो बेहद कम है। मात्र 58 मिनट यह सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई।

दिसंबर में मिली थी मंजूरी

एसएसआई मंत्रा को, जो एक सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम है, इसे दिसंबर 2024 में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) से मंजूरी मिली थी। इसका मतलब है कि यह रोबोट और वायरलेस तकनीक का इस्तेमाल करके दूर से सर्जरी करने में सक्षम था। यह देश में अपनी तरह का पहला सिस्टम है, जिसे एसएस इनोवेशन्स (SSI) नाम की भारतीय कंपनी ने विकसित किया है। पिछले साल क्लिनिकल ट्रायल के तहत छह टेली सर्जरी करने में इस्तेमाल किया गया था।

एसएस इनोवेशन के संस्थापक, अध्यक्ष और सीईओ डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने कहा, कि भारत जैसे देश में इसकी इतनी बड़ी ग्रामीण आबादी और स्वास्थ्य सेवा असमानताओं के बीच, यह इनोवेशन बड़ा बदलाव लाएगा। टेलीसर्जरी की मदद से हम मेडिकल एक्सपर्टीज की पहुंच के गैप को बिना भौगोलिक बाधाओं की परवाह किए खत्म कर सकते हैं और बिना बेहतरीन और हाई स्टैंडर्ड की सेवा प्रदान कर सकते हैं।

जयपुर के मणिपाल अस्पताल में कार्डियक सर्जरी के प्रमुख डॉ. ललित मलिक ने भी इस तकनीक को एक बड़ी सफलता बताया और कहा, कि इससे सर्जरी की दुनिया में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि अब भौगोलिक दूरी के बावजूद रोगियों को समय पर सटीक इलाज मिल सकता है।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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