Dry Fruits Can Reduce The Risk Of Diabetes: शुगर के मरीजों के साथ यह समस्या काफी देखने को मिलती है कि कुछ भी खाने से पहले बहुत सोच विचार करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें हमेशा इस बात का डर सताता है कि उनका शुगर लेवल न बढ़ जाए। शुगर को बढ़ाने में हमारे खानपान का बहुत योगदान होता है। इसलिए हमेशा व्यक्ति को यह सलाह दी जाती है, शुगर के मरीजों को अपने खानपान का बहुत खास ध्यान रखना चाहिए। लेकिन क्या आप जानते हैं कुछ ऐसे फूड्स भी हैं, जो शुगर कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं? आपको बता दें कि शुगर के मरीज अगर ड्राई फ्रूट यानी सूखे मेवे खाते हैं, तो इसकी मदद से उन्हें शुगर को कंट्रोल रखने में बहुत मदद मिल सकती है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में इस बात की पुष्टि हुई है कि ड्राई फ्रूट्स का सेवन करने से शुगर की बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
टाइप 2 डायबिटीज से बचा सकते हैं ड्राई फ्रूट
बीएमसी न्यूट्रिशन मेटाबॉलिज्म (BMC Nutrition Metabolism) हाल ही में एक अध्ययन प्रकाशित हुआ है। जिसमें यह पाया गया है डाइट में सूखे मेवे की मात्रा बढ़ाने से शुगर की बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं, वैज्ञानिकों का यह भी दावा है कि अगर नियमित ड्राई फ्रूट का सेवन किया जाता है, तो इससे टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को 60 प्रतिशत तक कम करने में मदद मिल सकती है। अध्ययन के निष्कर्ष चौंकाने वाले हैं। ये दुनियाभर में डायबिटीज के तेजी से बढ़तों पर लगाम लगाने में बहुत मददगार साबित हो सकते हैं।
शुगर को कंट्रोल रखने के लिए कौन-कौन से ड्राई फ्रूट खा सकते हैं
अगर अगर आप भविष्य में शुगर की बीमारी से बचना चाहते हैं, तो कई ड्राई फ्रूट्स को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। ऐसे में आप इन ड्राई फ्रूट्स का सेवन कर सकते हैं,
- अंजीर
- सूखे खुबानी
- मुनक्के
- अखरोट
- आलूबुखारा
- बादाम आदि।
शुगर की बीमारी से कैसे बचाते हैं ड्राई फ्रूट
जब आप ड्राई फ्रूट का सेवन करते हैं, तो यह आपके भोजन को पचने की रफ्तार को धीमा कर देते हैं। इससे भोजन जल्दी ग्लूकोज में परिवर्तित नहीं होता है और ब्लड स्ट्रीम में नहीं पहुंचता है। इसके अलावा, ड्राई फ्रूट खाने के बाद आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है। इस तरह आप अधिक खाने से बचते हैं।
सिर्फ इतना ही नहीं, ड्राई फ्रूट खाने से इंसुलिन सेंसिटिविटी और शरीर में हार्मोन्स के संतुलन को बनाए रखने में भी मदद मिलती है। इनकी मदद से भोजन से प्राप्त एनर्जी शरीर में कुशलता से यूज होती है और ब्लड शुगर में स्पाइक नहीं होती है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
