Healthy Vegan Recipe: बच्चों के नाश्ते में ऐसा खाना देना थोड़ा मुश्किल होता है जो स्वादिष्ट भी हो और सेहत के लिए फायदेमंद भी। अक्सर बच्चे हेल्दी चीजों का नाम सुनते ही नाक-मुंह बनाने लगते हैं। ऐसे में अगर कोई ऐसी रेसिपी मिल जाए जो देखने में पैनकेक जैसी हो और उसमें प्रोटीन और फाइबर भी भरपूर हो, तो बात बन सकती है। प्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. पलानीअप्पन मणिकम जो यूट्यूब पर Dr. Pal के नाम से फेमस हैं उन्होंने Culinary Expert प्रिया पाल के साथ मिलकर ऐसी ही एक आसान रेसिपी शेयर की है, जिसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है।
ओट्स डोसा की खास विधि
डॉ. पाल के मुताबिक यह ज्यादा प्रोटीन वाला शाकाहारी ओट्स डोसा या पैनकेक है। खास बात यह है कि इसे बनाने में मैदा या किसी तरह के परिष्कृत आटे की जरूरत नहीं पड़ती। इसे तला भी नहीं जाता। दो पैनकेक में करीब 24 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है। इस विधि को बच्चों के हिसाब से पैनकेक का रूप दिया गया है, क्योंकि कई बार बच्चे डोसा के बजाय पैनकेक नाम सुनकर ज्यादा आसानी से इसे खाने के लिए तैयार हो जाते हैं।
मूंग दाल है इस विधि की मुख्य सामग्री
इस पैनकेक को बनाने के लिए सबसे पहले मूंग दाल ली जाती है। इसके साथ ओट्स, हरी मटर और धनिया डाला जाता है। इन सभी चीजों को थोड़ा नमक और धनिया पाउडर के साथ मिक्सर में डालकर एक मुलायम घोल तैयार किया जाता है। डॉ. पाल बताते हैं कि इस विधि में मूंग दाल और ओट्स इसे प्रोटीन और फाइबर से भरपूर बनाने में मदद करते हैं। यही वजह है कि यह नाश्ता बच्चों के लिए एक पौष्टिक विकल्प हो सकता है।
ओट्स को लेकर डॉ. पाल ने समझाई जरूरी बात
विधि के दौरान डॉ. पाल ने ओट्स के बारे में भी बताया। उन्होंने समझाया कि ओट्स एक साबुत अनाज है और इसमें फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है। खासतौर पर इसमें बीटा-ग्लूकान नाम का घुलनशील फाइबर होता है। डॉ. पाल के मुताबिक यह फाइबर आंतों में जेल जैसी परत बनाने में मदद करता है, जिससे भोजन से ग्लूकोज का अवशोषण धीरे हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि ओट्स को लेकर लोगों के बीच कई तरह की गलतफहमियां हैं, जबकि सही तरीके से इसे आहार में शामिल किया जा सकता है।
कौन सा ओट्स खरीदना बेहतर है?
डॉ. पाल और प्रिया पाल ने बातचीत में ओट्स की अलग-अलग किस्मों का भी जिक्र किया। इसमें स्टील-कट ओट्स, रोल्ड ओट्स और इंस्टेंट ओट्स शामिल हैं। डॉ. पाल के अनुसार स्टील-कट ओट्स कम प्रसंस्कृत होते हैं। हालांकि इन्हें पकाने में इंस्टेंट या रोल्ड ओट्स की तुलना में ज्यादा समय लग सकता है। इसलिए रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी में लोग अक्सर दूसरे विकल्प चुनते हैं।
हरी मटर से आएगा पैनकेक में खूबसूरत रंग
इस विधि में हरी मटर भी डाली जाती है। इसका एक फायदा फाइबर और जटिल कार्बोहाइड्रेट के तौर पर बताया गया है। इसके अलावा हरी मटर और धनिया की वजह से पैनकेक का रंग भी काफी अच्छा और आकर्षक हो जाता है। बच्चों के लिए खाना बनाते समय इसका रंग काफी मायने रखता है। रंग-बिरंगा खाना देखकर बच्चे इसे ज्यादा आसानी से आजमा सकते हैं।
ऊपर से डालें रंग-बिरंगी सब्जियों की परत
डॉ. पाल और प्रिया पाल ने इस पैनकेक को पिज्जा जैसा रूप देने के लिए ऊपर से सब्जियों की परत तैयार की। इसके लिए गाजर, प्याज, हरी और लाल शिमला मिर्च, कद्दूकस किया हुआ कच्चा पपीता और अदरक जैसी चीजों का इस्तेमाल किया गया। आप चाहें तो इसमें अपनी पसंद की दूसरी सब्जियां भी डाल सकते हैं। जैसे मक्का, शिमला मिर्च या कुछ दूसरी सब्जियां। इस तरह बच्चों को एक ही नाश्ते में कई तरह की सब्जियां खिलाई जा सकती हैं।
कच्चे पपीते को लेकर डॉ. पाल ने क्या बताया?
विधि में कच्चे पपीते का इस्तेमाल भी किया गया। डॉ. पाल ने बताया कि पपीते में पपेन नाम का एंजाइम पाया जाता है, जो प्रोटीन को पचाने में मदद करता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कच्चे पपीते को कई बार मांस को मैरीनेट करने में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसमें मौजूद पपेन प्रोटीन को तोड़ने में मदद करता है, जिससे मांस नरम हो सकता है।
पैनकेक को ऐसे करें तैयार
घोल तैयार होने के बाद इसे हल्के तेल पर पैनकेक की तरह तवे पर फैलाया जाता है। इसके ऊपर तैयार की गई सब्जियों की परत डाल दी जाती है। इसे दोनों तरफ से अच्छी तरह पकाया जाता है। डॉ. पाल के अनुसार अगर पैनकेक को ढककर पकाया जाए तो इसे पलटने की जरूरत भी नहीं पड़ सकती। हालांकि आप अपनी सुविधा और पसंद के हिसाब से इसे दोनों तरफ से सेंक सकते हैं।
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दो पैनकेक में 24 ग्राम प्रोटीन
इस विधि की सबसे खास बात इसका प्रोटीन स्तर है। डॉ. पाल के मुताबिक दो ओट्स पैनकेक में करीब 24 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है। अगर प्रोटीन की मात्रा और बढ़ानी हो तो इसके साथ ग्रीक योगर्ट की चटनी ली जा सकती है। वीडियो में बताया गया कि करीब 200 ग्राम ग्रीक योगर्ट के साथ प्रोटीन की मात्रा काफी बढ़ सकती है। हालांकि प्रोटीन की वास्तविक मात्रा इस्तेमाल की गई सामग्री और उनकी मात्रा पर निर्भर करेगी।
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बच्चों के नाश्ते के लिए हो सकता है अच्छा विकल्प
डॉ. पाल और प्रिया पाल की यह विधि उन माता-पिता के लिए काम की हो सकती है जो बच्चों के नाश्ते में प्रोटीन, फाइबर और अलग-अलग सब्जियां शामिल करना चाहते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बहुत ज्यादा तामझाम के बिना घर पर बनाया जा सकता है। डोसा को पैनकेक जैसा रूप देकर बच्चों के लिए इसे थोड़ा और मजेदार बनाया जा सकता है। साथ ही ऊपर रंग-बिरंगी सब्जियां डालने से इसकी सजावट भी अच्छी हो जाती है। अगर बच्चे रोज-रोज एक जैसा नाश्ता खाने से परेशान रहते हैं, तो डॉ. पाल की यह विधि नाश्ते में एक नया और पौष्टिक विकल्प बन सकती है।
