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क्या Baby Powder बन सकता है आगे चलकर कैंसर की वजह, क्यों इस संस्था ने बच्चों की सेहत को लेकर जारी की चेतावनी

Is Talcum powder cancerous: क्या पाउडर लगाने से भी कैंसर हो सकता है? जी हां आपका पाउडर का शौक आपको परेशानी में डाल सकता है। IARC के मुताबिक कैंसर इंसानों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। वहीं बच्चों को पाउडर लगाना काफी हानिकारक साबित हो सकता है। आइए जानते हैं टैल्कम पाउडर को लेकर क्या कहती है रिसर्च?

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talcum powder cancerous

Photo : iStock

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की कैंसर संस्था, अंतरराष्ट्रीय कैंसर शोध संस्थान (International Agency for Research on Cancer) ने टैल्कम पाउडर को कैंसर की एक बड़ी वजह बताया है। IARC के मुताबिक पाउडर में कार्सिनोजेनिक तत्व पाए जाते हैं। जो शरीर में कैंसर सेल्स को जन्म देने का काम करते हैं। हालांकि संस्था के मुताबिक अभी इस बात पर और भी काफी होने की संभावना है, लेकिन अभी तक प्राप्त आंकड़ों के आधार पर इस बात को काफी बल मिलता है कि पाउडर कैंसर का कारण बन रहा है।

छोटे बच्चों को ज्यादा खतरा

पाउडर बनाने में यूज किया जाने वाला बेस तत्व 'टैल्क' एक खनिज पदार्थ है जो धरती से निकाला जाता है। इसके अलावा पाउडर में 'एस्बेस्टस' भी मिलाया जाता है। यह भी एक खनिज तत्व है जो धरती से निकाला जाता है। छोटे बच्चों को पाउडर लगाते समय यह 'एस्बेस्टस' सांस के साथ उनके फेफड़ों में चला जाता है। जो उनके शरीर में कई तरह के कैंसर का कारण बनता है।

महिलाओं में इन कैंसर का खतरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की कैंसर संस्था, अंतरराष्ट्रीय कैंसर शोध संस्थान (International Agency for Research on Cancer) के मुताबिक टैल्कम पाउडर महिलाओं के ओवेरियन, लंग्स और पेट के कैंसर का कारण बन सकता है। क्योंकि चूहों पर की गई स्टडी में साबित हुआ है कि टैल्कम पाउडर में ऐसे कार्सिनोजेनिक तत्व मिले हैं, जो कैंसर की बड़ी वजह बनते हैं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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