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क्या आप भी दिनभर टाइपिंग करते हैं, डेस्क जॉब का ये छुपा खतरा जानकर चौंक जाएंगे आप - 1 गलती छीन रही हाथों की ताकत

Desk Job Side Effects : क्या आप भी डेस्क जॉब करते हैं और घंटों कंप्यूटर-लैपटॉप पर टाइपिंग करते हैं, तो बता दें कि इसका आपके हाथों, उंगलियों और कलाई पर बुरा असर पड़ सकता है। जानिए कैसे डेस्क जॉब हाथों को कमजोर बना रही है और इससे बचने के आसान तरीके।

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डेस्क जॉब में दिनभर टाइपिंग कैसे आपके हाथों को नुकसान पहुंचा रही है

Desk Job Side Effects: आजकल ज्यादातर लोगों का आधा दिन लैपटॉप, कंप्यूटर या मोबाइल पर ही निकल जाता है। ऑफिस का काम हो, पढ़ाई हो या फिर मोबाइल चलाना, हाथों को आराम ही नहीं मिलता। शुरुआत में सब ठीक लगता है, लेकिन धीरे-धीरे हाथों में दर्द, उंगलियों में झनझनाहट और कलाई में कमजोरी महसूस होने लगती है। कई लोग इसे मामूली थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील डाचेपल्ले बताते हैं कि लगातार एक ही तरीके से टाइपिंग करने से हाथों की नसों और मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो आगे चलकर हाथों की ताकत भी कम हो सकती है। खास बात यह है कि शरीर पहले से इसके संकेत देने लगता है, लेकिन लोग उन्हें समझ नहीं पाते।

लंबे समय तक टाइपिंग क्यों बन रही खतरा

डॉ. सुनील बताते हैं कि जब हम घंटों बिना रुके टाइपिंग (Typing side effects) करते हैं, तो हाथ और कलाई लगातार काम करते रहते हैं। इससे हाथों की नसों और मांसपेशियों पर जोर पड़ता है। यही वजह है कि आजकल ऑफिस में काम करने वाले लोग, स्टूडेंट्स और मोबाइल ज्यादा इस्तेमाल करने वाले लोग हाथों की दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। अगर रोजाना यही आदत बनी रहे, तो हाथों में दर्द और कमजोरी बढ़ सकती है। कई बार लोगों को चीजें पकड़ने में भी परेशानी होने लगती है।

शरीर पहले ही देने लगता है ये संकेत

हाथों की समस्या अचानक नहीं होती। शरीर पहले से कुछ संकेत देता है। जैसे उंगलियों में झनझनाहट होना, हाथ सुन्न पड़ना या सुबह उठते समय हाथ भारी लगना। कुछ लोगों को कलाई में दर्द रहता है, तो कुछ को टाइपिंग करते समय उंगलियां अकड़ती हुई महसूस होती हैं। अगर रात में हाथों का दर्द बढ़ जाए या हाथों में जलन महसूस हो, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।

डेस्क जॉब करने वाले लोग सबसे ज्यादा करते हैं ये गलती

डॉ. सुनील डाचेपल्ली के अनुसार सबसे बड़ी गलती है बिना ब्रेक लिए लगातार काम करना। कई लोग घंटों तक एक ही जगह बैठे रहते हैं और हाथों को आराम नहीं देते। इसके अलावा गलत तरीके से बैठना, कलाई को मोड़कर टाइपिंग करना और लगातार माउस चलाना भी हाथों पर बुरा असर डालता है। धीरे-धीरे यही आदत दर्द और कमजोरी की वजह बन सकती है।

हाथों को मजबूत रखने के लिए क्या करें

अगर आपका काम टाइपिंग वाला है, तो हर 45 मिनट या 1 घंटे बाद थोड़ा ब्रेक जरूर लें। इस दौरान हाथों और उंगलियों को हल्का स्ट्रेच करें। टाइपिंग करते समय कोशिश करें कि कलाई सीधी रहे। बहुत जोर से कीबोर्ड दबाने की आदत से भी बचें। सही कुर्सी और सही तरीके से बैठना भी बहुत जरूरी है। इसके साथ रोज थोड़ा चलना-फिरना और हल्की एक्सरसाइज करना हाथों को मजबूत रखने में मदद कर सकता है।

कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है

अगर हाथों में लगातार दर्द बना रहे, चीजें पकड़ने में दिक्कत हो या हाथ बार-बार सुन्न पड़ने लगें, तो डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए। कई लोग दर्द को नजरअंदाज करते रहते हैं, लेकिन बाद में यही परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है।

डॉ. सुनील डाचेपल्ली कहते हैं कि अगर शुरुआत में ही ध्यान दे दिया जाए, तो हाथों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है और बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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