Dengue Alert In Delhi: दिल्ली में डेंगू ने इस बार मौसम से पहले ही दस्तक देकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। आमतौर पर मानसून के दौरान तेजी से फैलने वाली यह बीमारी अब गर्मियों में भी लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। अप्रैल 2026 में राजधानी में डेंगू के मामलों (dengue cases in delhi) ने पिछले 5 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। डॉक्टरों का कहना है कि बदलता मौसम, अचानक बारिश और बढ़ती गर्मी मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बना रहे हैं। यही वजह है कि डेंगू अब सिर्फ सीजनल बीमारी नहीं, बल्कि पूरे साल बना रहने वाला खतरा बनता जा रहा है।
अप्रैल में 52 केस, 5 साल का रिकॉर्ड टूटा
दिल्ली नगर निगम (MCD) के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2026 में डेंगू के 52 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले 5 साल में सबसे ज्यादा हैं। तुलना करें तो अप्रैल 2025 में 32, 2024 में 35, 2023 में 18 और 2022 में 20 मामले सामने आए थे। जनवरी से अप्रैल तक कुल 107 केस रिपोर्ट हो चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मौसम में हुए बदलाव ने डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छरों को तेजी से बढ़ने का मौका दिया।
बारिश और बढ़ती गर्मी बनी बड़ी वजह
MCD अधिकारियों के मुताबिक अप्रैल में करीब 30 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 16.3 मिमी होता है। लगातार बदलते तापमान और रुक-रुक कर हुई बारिश के कारण जगह-जगह पानी जमा हो गया, जो मच्छरों की ब्रीडिंग के लिए आदर्श स्थिति बन गई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अब मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है, जिससे वायरल संक्रमण और मच्छर जनित बीमारियों का खतरा पहले की तुलना में ज्यादा बढ़ गया है।
डेंगू अब सिर्फ मानसून तक सीमित नहीं
डॉ. नीतू जैन ने भी ये चेतावनी दी है कि 'डेंगू अब सिर्फ मानसून तक सीमित नहीं' है। PSRI अस्पताल की पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. नीतू जैन बताती हैं कि पिछले महीने हुई बारिश के बाद कई जगह पानी जमा हो गया, जिससे मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ी। उनका कहना है कि पहले अप्रैल-मई में डेंगू के इतने मामले नहीं आते थे, लेकिन अब मौसम में अचानक बदलाव की वजह से स्थिति बदल चुकी है।
डॉ. जैन के मुताबिक, तापमान में गिरावट और फिर तेजी से बढ़ोतरी के कारण वायरल फीवर भी तेजी से फैल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि डेंगू अब केवल मानसून तक सीमित बीमारी नहीं रहा, बल्कि पूरे साल संक्रमण का खतरा बना रहता है।
MCD का बड़ा अभियान, लाखों घरों की जांच
डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए MCD ने राजधानी में व्यापक अभियान शुरू किया है। इसके तहत:
- 12.15 लाख से ज्यादा घरों का निरीक्षण किया गया
- 15,649 घरों में मच्छरों के पनपने की स्थिति मिली
- 16,261 नोटिस जारी किए गए
- 1,712 मामलों में कार्रवाई की गई
- 358 जगहों पर लार्वा खाने वाली मछलियां छोड़ी गईं
- 79,298 घरों में कीटनाशक का छिड़काव किया गया
अधिकारियों का कहना है कि लोगों की जागरूकता के बिना डेंगू पर पूरी तरह काबू पाना मुश्किल है।
सिर्फ बुखार नहीं, जानलेवा भी हो सकता है डेंगू
विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। गंभीर मामलों में यह लिवर, किडनी और दिल पर असर डाल सकता है। इसे ‘हड्डी तोड़ बुखार’ भी कहा जाता है क्योंकि इसमें जोड़ों और शरीर में तेज दर्द होता है। डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर दिन में काटता है और साफ पानी में पनपता है। यही वजह है कि घरों में जमा साफ पानी भी जोखिम बढ़ा सकता है।
डेंगू से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय
घर में पानी जमा न होने दें
कूलर, गमले, टंकी और बाल्टी का पानी हफ्ते में कम से कम एक बार जरूर बदलें। छत और आंगन में पानी जमा न होने दें।
मॉस्किटो रेपेलेंट का इस्तेमाल करें
बच्चों और बाहर जाने वाले लोगों को मॉस्किटो रेपेलेंट क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करना चाहिए। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनना भी जरूरी है।
बुखार को नजरअंदाज न करें
अगर तेज बुखार, बदन दर्द या कंपकंपी हो रही है तो तुरंत जांच कराएं। यह डेंगू, मलेरिया या चिकनगुनिया का संकेत हो सकता है।
आसपास सफाई रखें
घर और आसपास लंबे समय तक पानी जमा न रहने दें। छोटी-सी लापरवाही भी संक्रमण का कारण बन सकती है।
