Mango eating tips hindi: गर्मियों का मौसम आते ही घरों में आम की खुशबू फैलने लगती है। किसी को आमरस पसंद होता है तो कोई कटे हुए ठंडे आम देखकर खुद को रोक नहीं पाता। लेकिन कई लोग आम खाते वक्त मन में एक डर भी रखते हैं कि कहीं इससे ब्लड शुगर न बढ़ जाए। खासकर PCOS, इंसुलिन रेजिस्टेंस या डायबिटीज से जूझ रहे लोग अक्सर आम से दूरी बनाने लगते हैं।
हालांकि क्लिनिकल डायटीशियन और हेल्थ इन्फ्लूएंसर अनुषा रोड्रिग्स का कहना है कि आम छोड़ने की जरूरत नहीं है। जरूरी यह है कि आप उसे किस तरीके से खाते हैं। अगर कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो आम का स्वाद भी लिया जा सकता है और ग्लूकोज स्पाइक की चिंता भी काफी कम हो सकती है। सही मात्रा, सही समय और सही कॉम्बिनेशन के साथ आम खाना शरीर के लिए ज्यादा बेहतर माना जाता है।
एक साथ ज्यादा आम खाना कर सकता है नुकसान
कई बार लोग स्वाद के चक्कर में एक बार में दो-दो आम खा लेते हैं। यही आदत शरीर में शुगर तेजी से बढ़ाने का कारण बन सकती है। अनुषा रोड्रिग्स के मुताबिक, आम हमेशा सीमित मात्रा में खाना चाहिए। करीब आधा कप या 75-100 ग्राम आम एक बार में काफी माना जाता है। इससे शरीर पर अचानक ज्यादा ग्लूकोज लोड नहीं पड़ता और ब्लड शुगर कंट्रोल में रहने में मदद मिल सकती है।
सिर्फ आम खाने की बजाय इसे किसी हेल्दी चीज के साथ खाएं
अगर आप सिर्फ आम खाकर छोड़ देते हैं, तो इससे शुगर जल्दी बढ़ सकती है। एक्सपर्ट सलाह देती हैं कि आम को हमेशा किसी प्रोटीन या हेल्दी फैट के साथ खाना बेहतर रहता है। जैसे दही, ग्रीक योगर्ट, बादाम, अखरोट या सीड्स के साथ आम खाना शरीर में ग्लूकोज को धीरे-धीरे रिलीज करने में मदद कर सकता है। इससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ भी महसूस होता है।
खाली पेट आम खाना सही आदत नहीं
सुबह खाली पेट मीठे फल खाना हर किसी के लिए सही नहीं माना जाता। खासतौर पर अगर किसी को इंसुलिन रेजिस्टेंस (insulin resistance diet) की समस्या हो, तो उसे और सावधानी रखनी चाहिए। अनुषा रोड्रिग्स कहती हैं कि आम को कभी भी खाली पेट नहीं खाना चाहिए। बेहतर होगा कि इसे लंच के बाद या मील के साथ खाया जाए। इस समय शरीर शुगर को बेहतर तरीके से मैनेज कर पाता है।
जूस और शेक से ज्यादा फायदेमंद है पूरा आम
गर्मी में मैंगो शेक और जूस पीना आम बात है, लेकिन एक्सपर्ट मानती हैं कि पूरा फल खाना ज्यादा बेहतर विकल्प है। जब आप आम को चबाकर खाते हैं, तो उसमें मौजूद फाइबर शरीर में शुगर को धीरे-धीरे रिलीज होने में मदद करता है। वहीं जूस या शेक में फाइबर काफी कम हो जाता है, जिससे ग्लूकोज तेजी से बढ़ सकता है।
फाइबर वाली डाइट भी करती है मदद
अगर आपकी डाइट में सलाद, दाल, ओट्स और हरी सब्जियां जैसी फाइबर वाली चीजें शामिल हैं, तो आम खाने के बाद शुगर स्पाइक का खतरा थोड़ा कम हो सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, दिनभर की हेल्दी डाइट भी उतनी ही जरूरी है जितना कि सही तरीके से आम खाना।
छोटी-छोटी ट्रिक्स बना सकती हैं बड़ा फर्क
अनुषा रोड्रिग्स के अनुसार, आम खाने के बाद थोड़ा दालचीनी लेना या इसे पोस्ट-मील स्वीट डिश की तरह खाना कुछ लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि हर शरीर का असर अलग होता है, लेकिन सही तरीके से आम खाने पर इसे बिना डर अपनी डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
