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प्रेग्नेंसी के आखिरी महीनों में दीपिका को सहना पड़ा गंभीर दर्द, जानिए इसके कारण और महिलाएं कैसे पा सकती हैं राहत

Pregnancy Pain In Third Trimester Prevention Tips: दीपिका पादुकोण की प्रेग्नेंसी जर्नी कई महिलाओं के लिए सीख है। उन्होंने बताया कि चाहे दर्द कितना भी गहरा क्यों न हो, सही जानकारी, सपोर्ट और देखभाल से उस पर काबू पाया जा सकता है। हाल ही में अपने एक इंटर्व्यू में एक्ट्रेस ने बताया की प्रेग्नेंसी के आखिरी समय में उन्हें काफी गंभीर दर्द का सामना करना पड़ा था। यहां जानिए आखिर ऐसा क्यों होता है और गर्भवती महिलाएं कैसे इससे राहत पा सकती हैं।

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Pregnancy Pain In Third Trimester Prevention Tips

Pregnancy Pain In Third Trimester Prevention Tips: बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण इन दिनों अपनी प्रेग्नेंसी को लेकर काफी चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने बताया कि यह सफर उनके लिए जितना खूबसूरत था, उतना ही तकलीफदेह भी। खासकर प्रेग्नेंसी के आखिरी तीन महीने दीपिका के लिए काफी मुश्किल भरे रहे। उन्हें कमर और रीढ़ की हड्डी में काफी तेज दर्द का सामना करना पड़ा। इस दर्द को झेलना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन परिवार का साथ और कुछ जरूरी हेल्थ टिप्स ने उन्हें राहत दिलाई। आइए जानते हैं किन कारणों से होता है ऐसा दर्द और इससे बचने या राहत पाने के क्या उपाय हो सकते हैं।

प्रेग्नेंसी के आखिरी महीनों में क्यों बढ़ता है दर्द?

गर्भावस्था के आखिरी तीन महीने यानी तीसरी तिमाही में बच्चे का वजन तेजी से बढ़ता है। इसी वजह से मां के शरीर पर दबाव भी ज्यादा पड़ता है, खासकर पीठ, कमर और पैरों पर। दीपिका ने बताया कि इस दौरान उनकी रीढ़ की हड्डी में काफी तेज दर्द रहता था। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर की नसों और मांसपेशियों पर बच्चे के वजन का सीधा असर पड़ता है।

योग और हल्का व्यायाम दे सकता है आराम

दीपिका ने प्रेग्नेंसी के दौरान योग और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। इससे उन्हें दर्द से राहत भी मिली और शरीर भी एक्टिव रहा। एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि इस समय कुछ आसान योगासन और स्ट्रेचिंग बहुत फायदेमंद होते हैं, लेकिन इन्हें डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।

सेल्फकेयर और आराम जरूरी

शरीर जितना थकता है, उतना ही उसे आराम भी चाहिए। दीपिका ने बताया कि उन्होंने प्रेग्नेंसी के इस दौर में अपने आराम और नींद का पूरा ध्यान रखा। भरपूर नींद, आरामदायक कुशन या तकियों का सहारा और हल्का खाना इन सबने उन्हें राहत दी।

मानसिक तनाव से बचें और खुश रहें

शरीर की तकलीफ के साथ-साथ अगर मन भी तनाव में हो, तो परेशानी और बढ़ जाती है। दीपिका का कहना है कि उन्होंने पॉजिटिव सोच और फैमिली सपोर्ट की मदद से खुद को स्ट्रेस से दूर रखा। संगीत सुनना, किताब पढ़ना और अपने करीबी लोगों से बातें करना, ये छोटी-छोटी चीजें मानसिक रूप से बहुत सुकून देती हैं।

डॉक्टर से जुड़े रहें

गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह के असामान्य दर्द या परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। दीपिका ने भी अपनी हेल्थ पर लगातार डॉक्टरी निगरानी रखी। रेगुलर चेकअप और समय पर टेस्ट से मां और बच्चे दोनों की सेहत का सही ख्याल रखा जा सकता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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