हेल्थ

सावधान! EYE FLU के कारण कम हो सकती है आंखों की रोशनी? नेत्र विशेषज्ञ से जानिए किस तरह से रखें आंखों का ख्याल

  • Written by: प्रणव मिश्र
  • Updated Jul 27, 2023, 08:40 AM IST

EYE FLU in Delhi: यह एक संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने या उसके आंसुओं से फैलती है। इसके अलावा यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने के दौरान आंख मिलाने और छींकने से भी फैल सकता है। आइये डॉक्टर से जानते हैं कि क्या आई फ्लू से आंखो की रोशनी कम हो सकती है ?

Image

सावधान! आई फ्लू से जा सकती है आंखों की रोशनी?

Eye Flu or Conjunctivitis: इस समय देश में बारिश और बाढ़ के बाद तेजी से आंखो से संबंधित एक बीमारी आई फ्लू फैल रही है। मानसून के मौसम में अक्सर आई फ्लू के मामले सामने आते हैं। इसे पिंक आई भी कहा जाता है। यह एक संक्रामक रोग है, जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने या उसके आंसुओं से फैलता है। इसके अलावा यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने के दौरान आंख मिलाने और छींकने से भी फैल सकता है। दिल्ली में भी इसका संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है, जिससे कई लोग खासकर बच्चे काफी परेशान हो रहे हैं और बड़ी संख्या में इसके मरीज दिल्ली के अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचने लगे हैं। आइये डॉक्टर से जानते हैं इससे बचाव के तरीके-

पुणे के PBMAHV देसाई आई हॉस्पिटल के चीफ मेडिकल डायरेक्टर, डॉ. राहुल देशपांडे ने टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से बातचीत में बताया कि ऐसे कई तरीके हैं, जिनके माध्यम से आप कंजंक्टिवाइटिस से बच सकते हैं। सबसे पहला है, अच्छी तरह से हाथ धोना। कम-से-कम 20 सेकंड तक गर्म पानी और साबुन से बार-बार हाथ धोने की आदत डालें। खासतौर पर, संक्रमित आंखों को साफ करने या आंखों में दवाई डालने से पहले और बाद में। अगर साबुन और पानी उपलब्ध नहीं हों, तो अल्कोहल वाले हैंड सेनिटाइजर का प्रयोग करें। देख लें कि इसमें कम-से-कम 60 प्रतिशत अल्कोहल जरूर हो।

आंखों में इंफेक्शन के दौरान इन बातों का रखें ध्यान - Eye Flu Precautions in Hindi

अपनी आंखों को छुएं या रगड़ें नहीं, वरना स्थिति और बिगड़ सकती है या संक्रमण दूसरी आंख में भी फैल सकता है। अगर आंख से किसी तरह का रिसाव हो रहा है, तो उसे दिन में कई बार साफ करना चाहिए। इसके लिए हाथों को साफ रखें और नई कॉटन-बॉल या साफ और गीले कपड़े का प्रयोग करें। साथ ही, कॉटन-बॉल को प्रयोग करने के बाद फेंकना न भूलें। इसके अतिरिक्त, सफाई के लिए इस्तेमाल कपड़े को गर्म पानी और डिटर्जेंट से साफ करें और इसके बाद एक बार फिर हाथ धो लें। आई ड्रॉप डिस्पेंसर को किसी के साथ शेयर न करें। अपने बिस्तर की चादर, तकिए आदि और तौलिये को साफ रखें और उन्हें नियमित रूप से गर्म पानी और डिटर्जेंट से धोते रहें। इन चीज़ों को छूने के बाद अपने हाथ धो लें। अंतत:, संक्रमण फैलने से रोकने के लिए निजी चीजों जैसे - तकिये, तौलिये, कपड़े, आई ड्रॉप्स, आंखों या मुंह के मेकअप, मेकअप ब्रश, कॉन्टैक्ट लेंस, कॉन्टैक्ट लेंस स्टोरेज केस या आई ग्लासेज को शेयर करने से बचें।

क्या आई फ्लू से आंखो की रोशनी जा सकती है ? - Can Eye Flu Affect Your Eyes & Vision?

डॉ. राहुल ने बताया कि कई लोगों को दृष्टि-दोष का शक हो सकता है, लेकिन औसतन कंजंक्टिवाइटिस से देखने की क्षमता पर सीधे तौर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। फिर भी, बहुत ज्यादा गीलेपन या रिसाव के कारण इस पर असर पड़ सकता है। ऑप्थेलमोलॉजिस्ट को यह देखना चाहिए कि क्या देखने की क्षमता पर कोई गंभीर असर पड़ा है, क्योंकि कई अन्य अधिक गंभीर रोगों के कारण भी ऐसे लक्षण उभर सकते हैं, जो देखने में कंजंक्टिवाइटिस जैसे लगते हैं।

मरीजों को धुंधला दिखाई दे सकता है, जिसे कंजंक्टिवाइटिस का लक्षण माना जाता है। वास्तव में, जो भी चीज आपकी आंख की स्वस्थ सतह को नुकसान पहुंचाती है, उससे देखने की क्षमता पर भी बुरा असर पड़ सकता है, क्योंकि आंख के फोकस करने की ज्यादातर क्षमता साफ कॉर्निया की सतह से ही निर्धारित होती है। इसके अतिरिक्त, आप बीमारी से निपटने के लिए जो दवाइयां खाते हैं, उनमें से कुछ धुंधलापन भी पैदा कर सकती हैं।

आई फ्लू के इलाज कैसे करें ? - How to Treat an Eye Flu

इसके अलावा, आई फ्लू के बढ़ते हुए मामलों पर भी ध्यान दें। उपरोक्त टिप्स का पालन करके संक्रमण को फैलने से रोकना महत्वपूर्ण है। आई फ्लू के इलाज में कई चीजें शामिल होती हैं, जैसे - एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स, आंखों का मलहम, सर्दी-खांसी की उचित दवा, लुब्रिकेंट्स और मुंह से ली जाने वाली एंटी-एलर्जिक दवाइयां आदि। इसके अलावा, विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि "प्रभावित आंखों को ठंडा रखना चाहिए। इसके लिए आइस पैक्स का प्रयोग कर सकते हैं। इलाज के इन तरीकों का प्रयोग करके आई फ्लू के लक्षणों से प्रभावी रूप से निपटा जा सकता है और सेहत में तेजी से सुधार किया जा सकता है।"

प्रणव मिश्र
प्रणव मिश्रauthor

मीडिया में पिछले 5 वर्षों से कार्यरत हैं। इस दौरान इन्होंने मुख्य रूप से टीवी प्रोग्राम के लिए रिसर्च, रिपोर्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम किया है। इससे पहले जनसत्ता, लोकसभा टीवी/संसद टीवी, पेबेल मीडिया नेटवर्क, टाइम 8, डीडी न्यूज़ के लिए काम कर चुके हैं। इस समय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पेशल करेस्पोंडेंट के पद पर कार्यरत हैं।

और पढ़ें
End of Article