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हाथ-पैर कांपने के पीछे हो सकती हैं ये 4 बीमारी, लक्षण दिखते ही हो जाएं सावधान, वरना पढ़ने - लिखने में होगी दिक्कत

Causes of Shaking Hands : हाथ-पैरों में कंपन की समस्या काफी परेशान करने वाली होती है। बहुत से लोग इसे केवल पार्किंसन की समस्या समझते हैं। लेकिन यह केवल इतनी सी समस्या नहीं है। इसके पीछे ये 4 रोग हो सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको इसे विस्तार से बताने जा रहे हैं।

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Causes of shivering hand

Photo : iStock

आप ने अक्सर बहुत से लोगों के हाथ-पैरों में कंपन की समस्या देखा होगा। कई बार ये समस्या इतनी बढ़ जाती है, कि इससे आपको लिखने-पढ़ने तक में परेशानी होने लगती है। ऐसे में लोगों को जिम या एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी ये कंपन की समस्या केवल इतनी आसान नहीं है। जिसे इतनी आसानी से हल किया जा सके। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से हाथ-पैरों में कंपन के पीछे कुछ रोग बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इसे विस्तार से..

हाथ-पैरों में कंपन के कारण रोग - Diseases due to Tremors in Hands and Legs in Hindi

1. पार्किंसन

हाथ-पैरों की कंपन का सबसे मुख्य कारण पार्किंसन रोग है। पार्किंसन एक न्यूरोलॉजिकल रोग है, जिससे हमारे पूरा शरीर प्रभावित होने लगता है। इस रोग के चलते न केवल हमारे हाथ-पैर बल्कि इससे हमारे शरीर में कंपन शुरु हो जाता है। इस तरह के लक्षण दिखते ही आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

2. एसेंशियल ट्रेमोर

एसेंशियल ट्रेमोर हाथ-पैरों में कंपन की सबसे अहम वजह है। हालांकि यह एक उम्र के बाद शुरू होने वाली एक परेशानी है, जिससे व्यक्ति के सिर और आवाज में भी कंपन आने लगता है। यह रोग किसी भी उम्र में हो सकता है, जिसका शुरुआत में इलाज बहुत जरूरी है।

3. थायराइड

हमारे हाथ-पैरों में हिलने के पीछे थायराइड भी एक कारण हो सकता है। हाइपरथायरायडिज्म यानी जब थायराइड हार्मोन ज्यादा बनने लगता है, तो ऐसे में हमारी दिल की धड़कन तेज होने लगती है और हाथ-पैरों में कंपन शुरू हो जाता है।

4. तनाव और स्ट्रेस

कभी-कभी तनाव और चिंता भी हाथ-पैरों की कंपन का कारण बन जाते हैं। जी हां यह समस्या सीधा हमारे दिमाग पर असर करती है, जो आपके हाथ-पैरों में कंपन की वजह बन जाती है। इससे बचाव के लिए आपको ध्यान और प्राणायाम का सहारा लेना चाहिए।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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