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Brugada Syndrome : चलते-फिरते आपकी हो सकती है मौत, जानिए ब्रुगाडा सिंड्रोम के लक्षण और कारण

  • Edited by: प्रणव मिश्र
  • Updated Apr 10, 2023, 03:06 PM IST

Brugada syndrome in Hindi: पिछले कुछ दिनों में पैदल चलने के दौरान लोगों के मरने के मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी चिंतित हैं क्योंकि कई फिट लोग चलते-फिरते मर जाते हैं। इसके लिए ब्रुगाडा सिंड्रोम नामक बीमारी को भी जिम्मेदार बताया जाता है। ब्रुगाडा सिंड्रोम दिल की एक दुर्लभ स्थिति है। इसमें हृदय से मस्तिष्क तक आपूर्ति बाधित होने लगती है। दिल काम करना बंद कर देता है। बेहोशी आ जाती है और अंत में हालत और बिगड़ जाती है।

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Brugada syndrome causes: क्या ब्रुगडा सिंड्रोम दिल का दौरा पड़ने का कारण बन सकता है?

Photo : iStock

Brugada Syndrome Symptoms: साल 2022 में कई अभिनेताओं की मौत हार्ट अटैक से हुई। डॉक्टर्स भी हैरान रह गए जब नियमित रूप से अपनी सेहत का ख्याल रखने वाले एक्टर्स को हार्ट अटैक आया। लेकिन हार्ट अटैक के पीछे कई कारण हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि वह नियमित व्यायाम कर रहे हैं। इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि दिल एक ही बार में सही काम कर रहा है।हृदय पर तनाव हो सकता है, ब्लड वेसेल्स में चर्बी का बढ़ना, ब्लड वेसेल्स का सिकुड़ना हो सकता है। इस दबाव को सहते हुए हृदय कई तरह के लक्षण देता है। बस आपको इन लक्षणों को पहचानने की जरूरत है। इसके अलावा ब्रुगाडा सिंड्रोम भी दिल को बीमार कर सकता है। आइए इस सिंड्रोम के बारे में जानने की कोशिश करते हैं, जिसे डॉक्टर दिल की सेहत के लिहाज से अच्छा नहीं मानते हैं।

ब्रुगाडा सिंड्रोम क्या है? | What is Brugada Syndrome

डॉक्टरों का कहना है कि ब्रुगाडा सिंड्रोम दिल से जुड़ी एक दुर्लभ स्थिति है। इसमें व्यक्ति बेहोश हो सकता है। कार्डिएक अरेस्ट आ सकता है। दरअसल, इस स्थिति में दिल में वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन नामक एक खतरनाक लय बन जाती है। इससे हृदय से मस्तिष्क तक रक्त की आपूर्ति बाधित हो जाती है। इस स्थिति में अचानक बेहोशी के साथ हृदय मृत्यु का खतरा होता है।

4 में से एक मौत के लिए जिम्मेदार है ब्रुगाडा सिंड्रोम | Brugada syndrome is responsible for one in 4 deaths

इस सिंड्रोम में अचानक बेहोशी आ जाती है। लोग जिस भी स्थिति में हों। वहीं गिर जाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ब्रुगाडा सिंड्रोम की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार्डियक अरेस्ट से होने वाली 4 में से एक मौत के लिए यही सिंड्रोम जिम्मेदार होता है।

ब्रुगाडा सिंड्रोम के कारण | Causes of Brugada Syndrome

ब्रुगाडा सिंड्रोम वाले लगभग 30% लोगों में एक ज्ञात जेनेटिक म्यूटेशन होता है। ये म्यूटेशन हृदय में हार्ट बीट में बाधा डालते हैं। हालांकि, सभी में जेनेटिक रूप से यह सिंड्रोम नहीं होता है। जिन लोगों में जेनेटिक म्यूटेशन नहीं होता है, उन्हें किसी अज्ञात कारण से या कुछ मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों या हृदय संबंधी समस्याओं के लिए ली जाने वाली दवाओं से ब्रुगाडा सिंड्रोम हो सकता है। बुखार ब्रुगाडा सिंड्रोम को ट्रिगर कर सकता है। अन्य ट्रिगर्स में गर्मी का थकावट, डिहाइड्रेशन, कुछ दवाएं, बहुत अधिक शराब पीना और कोकीन शामिल हैं।

70 फीसदी में लक्षण नजर नहीं आते | Symptoms are not seen in 70 percent

TOI के मुताबिक मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली के कार्डियोलॉजी के निदेशक डॉ. समीर कुब्बा कहते हैं, “ब्रुगाडा सिंड्रोम वाले 70% से अधिक लोगों में कोई लक्षण नहीं होते हैं। कभी-कभी ब्रुगाडा सिंड्रोम का निदान इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) पर किया जा सकता है। कुछ लक्षण अक्सर 30 या 40 की उम्र में शुरू होते हैं। यह स्थिति जापान और दक्षिण पूर्व एशिया में अधिक आम है। ब्रुगाडा सिंड्रोम दुर्लभ है। 10,000 में से लगभग 5 लोगों की यह स्थिति होती है।”

ब्रुगाडा सिंड्रोम के क्या लक्षण हैं ? | What are the symptoms of Brugada syndrome?

इस सिंड्रोम के लक्षणों की बात करें तो बेहोशी, चक्कर आना, सांस लेने में दिक्कत, दौरे पड़ना, दिल की धड़कन का बढ़ना और अंत में कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। यह भी देखा गया है कि ब्रुगाडा सिंड्रोम से पीड़ित कुछ बच्चे नींद में ही मर जाते हैं। माता-पिता लक्षणों को नोटिस करने में असमर्थ होते हैं और जब वे देखते हैं, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।

प्रणव मिश्र
प्रणव मिश्रauthor

मीडिया में पिछले 5 वर्षों से कार्यरत हैं। इस दौरान इन्होंने मुख्य रूप से टीवी प्रोग्राम के लिए रिसर्च, रिपोर्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम किया है। इससे पहले जनसत्ता, लोकसभा टीवी/संसद टीवी, पेबेल मीडिया नेटवर्क, टाइम 8, डीडी न्यूज़ के लिए काम कर चुके हैं। इस समय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पेशल करेस्पोंडेंट के पद पर कार्यरत हैं।

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