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Blood Pressure की समस्या होने पर क्या हल्दी खानी चाहिए, जानें क्या हो सकते हैं इसके फायदे-नुकसान

Blood Pressure and Haldi: हल्दी को भारतीय रसोई का एक प्रमुख मसाला माना जाता है जो कई तरह की समस्याओं में भी गुणकारी रहती है। लेकिन क्या ब्लड प्रेशर के मरीज इसका सेवन कर सकते हैं। जानें इस बारे में विस्तार से।

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ब्लड प्रेशर की समस्या में हल्दी लेने के क्या फायदे हैं?

Haldi ke Fayde Nuksan:हल्दी भारतीय रसोई में सबसे लोकप्रिय मसालों में से एक है जिसका उपयोग कई तरीके से किया जाता है। अपने रंग, स्वाद और अपार स्वास्थ्य लाभों के लिए जानी जाने वाली हल्दी के बारे में देखने में आया कि ये उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड के मरीजों को कुछ छोटे लाभ पहुंचा सकती है।

हल्दी का मेन कंपाउंड करक्यूमिन है जिससे इसे सुनहरा रंग और कई लाभकारी गुण िमलते हैं। इसी कंपाउंड के चलते माना जाता है कि हल्दी में रक्तचाप को कम करने वाले गुण होते हैं। हालांकि, डॉक्टर्स का मानना है कि हल्दी का एक सीमित मात्रा से अधिक सेवन कुछ दवाओं के साथ सही नहीं होता। इसलिए इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले डॉक्टर से इसकी जानकारी लेना महत्वपूर्ण है।

ब्लड प्रेशर की समस्या में हल्दी लेने के क्या फायदे हैं?

अध्ययनों के अनुसार, ब्लड प्रेशर की समस्या में हल्दी के फायदे मिले जुले हैं। कुछ परीक्षणों में सुधार दिखाया गया है जबकि अन्य में कोई प्रभाव नहीं पाया गया है। इसलिए विशेषज्ञों का कहना है कि हल्दी के प्रभाव मामूली लेकिन असंगत होने की संभावना है। हालांकि यह भी कहा जाता है कि उचित मात्रा में सेवन करने पर हल्दी का प्रयोग ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित है।

सूजन कम करता है

हल्दी अपने गुणों के चलते रक्त वाहिकाओं में सूजन को कम करने में मददगार मानी जाती है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव होते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर ये अंदर की सूजन कम हो जाए तो रक्तचाप के स्तर को कम करने में मदद करती है।

समय के साथ, उच्च रक्तचाप से स्ट्रोक या दिल के दौरे जैसी हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, और इसलिए, हल्दी का सेवन ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करके शरीर में ब्लड के सही फ्लो को सुनिश्चित कर सकता है।

रक्त वाहिकाओं को आराम देता है

कुछ सबूतों के अनुसार, हल्दी रक्त वाहिकाओं के फैलाव को बेहतर बनाने में मदद करती है - जिससे रक्त आपके शरीर में अधिक आसानी से प्रवाहित हो पाता है। यह उच्च रक्तचाप और रक्त वाहिका की अकड़न को कम करने की क्षमता को भी कम करता है।

क्या हल्दी के इस्तेमाल से कोई साइड इफेक्ट भी होते हैं?

भले ही हल्दी का कोई बड़ा नुकसान देखने में नहीं है आया - खासकर जब इसे खाना पकाने में उपयोग किया जाता है। लेकिन जरूरत से ज्यादा हल्दी लेने से किसी को ये समस्याओं हो सकती हैं -

  • दस्त, पेट फूलना,
  • पीला या फीका मल और अन्य गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल असुविधाएँ
  • चक्कर आना
  • सरदर्द
  • घबराहट होना

कुछ अध्ययनों के अनुसार, हल्दी के सेवन में अतिरिक्त सावधानी भी बरतनी चाहिए। कुछ रिपोर्टों में हल्दी को हार्ट, गुर्दे आदि की समस्याओं में सही नहीं माना गया है। वहीं सूजन और चोट के कारण होने वाली यकृत रोगों और यहां तक कि गर्भावस्था की समस्याओं में भी इसका अधिक उपयोग परेशानी बढ़ा सकता है।

डॉक्टर्स कहते हैं कि कई बार, हल्दी रक्तस्राव के जोखिम को भी बढ़ा देती है यदि इसे वारफारिन जैसे एंटीकोआगुलंट्स या प्लाविस्क जैसी एंटीप्लेटलेट दवाओं के साथ लिया जाए तो। इन चीजों से मेल से मूत्र या मल में चोट लगने या खून आने का खतरा बढ़ा सकता है।

आपको डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आप हल्दी का उपयोग करके अपने रक्तचाप के स्तर को कम करने की सक्रिय रूप से कोशिश कर रहे हैं, तो हमेशा अपने डॉक्टर को जानकारी में रखना उचित होता है।

हल्दी भले ही नेचुरल चीज है लेकिन ब्लड प्रेशर की समस्या को गंभीरता से लेने की जरूरत है। यदि मशीन पर आपकी रीडिंग लगातार 130/80 मिमी एचजी से ऊपर है, तो डॉक्टर से चर्चा करें कि क्या आपको हल्दी का उपयोग बंद कर देना चाहिए या अपनी उपचार प्लान में कोई बदलाव लाना चाहिए।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं। इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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