Causes of Chest Pain: सीने में बाईं तरफ क्यों होता है दर्द? हार्ट अटैक ही नहीं ये भी हो सकते हैं कारण

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 10, 2022, 07:28 AM IST

Causes of Chest Pain: सीने के बाईं तरफ दर्द का होना सामान्य नहीं माना जाता है। यदि ऐसा होता है तो ये हार्ट अटैक का लक्षण माना जाता है। हालांकि, सीने में दर्द होने के हार्ट अटैक के अलावा कई कारण हो सकते हैं।

Causes of Chest Pain: सीने में बाईं तरफ क्यों होता है दर्द? हार्ट अटैक ही नहीं ये भी हो सकते हैं कारण

Causes of Chest Pain: जिस तरह से शरीर के अन्य अंगों में दर्द होता है, उसी तरह से सीने में भी दर्द होने की समस्या हो सकती हैं। हालांकि, सीने में दर्द होना सामान्य नहीं होता है। सीने में दर्द का होना हार्ट अटैक का मुख्य लक्षण माना जाता है। क्या आप जानते हैं कि सीने के लेफ्ट साइड में दर्द होना सिर्फ हार्ट अटैक का लक्षण नहीं होता है, इसकी कई अन्य वजह भी हो सकती हैं। दरअसल, सीने में दर्द का होना एनजाइना, कार्डियोमायोपैथी, एसोफेजियल रिफ्लक्स और ऐंठन के कारण भी हो सकता है। तो चलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं सीने में दर्द होने के कारणों के बारे में, आइए जानते हैं- 

एनजाइना 

एनजाइना खुद एक बीमारी नहीं है, लेकिन यह दिल की बीमारी जैसे कोरोनरी हृदय रोग का लक्षण होता है। एनजाइना होने पर बेचैनी के साथ ही सीने में दर्द की शिकायत हो सकती है। इस समस्या में दिल की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। इसके साथ ही बाहों, कंधों, गर्दन, पीठ या जबड़े में भी दर्द होने की शिकायत हो सकती है।

हार्ट अटैक

यदि आपको सीने के लेफ्ट साइड में दर्द का अनुभव हो रहा है, तो ये हार्ट अटैक का भी लक्षण हो सकता है। दरअसल, जब मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं और उन्हें पर्याप्त ऑक्सीजन की पूर्ति नहीं हो पाती है, तो ऐसे में व्यक्ति को सीने में बाईं तरफ दर्द महसूस हो सकता है। इसके साथ ही चक्कर आना, पेट दर्द, उल्टी आना, सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है।

एसोफेजियल रिफ्लक्स और ऐंठन  

एसोफेजियल रिफ्लक्स ये एक ऐसी समस्या है, जिसमें छाती में जलन पैदा हो सकती है। यह तीखा और मसालेदार खाना खाने से भी हो सकती है। दरअसल, यह दिक्कत गैस्ट्रिटिस लक्षणों से जुड़ी होती है। यह समस्या होने पर बाईं तरफ दर्द महसूस हो सकता है।  

( डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

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