Fruits For Diabetes: कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं, जो शरीर में जाते ही कार्बोहाइड्रेट को ग्लूकोज में बदलने का काम करते हैं। हालांकि, शरीर में मौजूद इंसुलिन इस ग्लुकोज को एनर्जी में बदलने का काम करता है, लेकिन जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या होती है, उनके शरीर में इंसुलिन की मात्रा सामान्य रूप से कम होती है, जिससे ग्लूकोज एनर्जी में नहीं बदल पाता और इससे शुगर लेवल बढ़ जाता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए चिंताजनक होता है। ऐसे में डायबिटीज के पेशेंट्स को कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल खाने की सलाह दी जाती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फलों के बारे में, आइए जानते हैं-
ग्लाइसेमिक इंडेक्स क्या है?
ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) आपको बताता है कि कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ खाने पर आपका ब्लड शुगर लेवल कितनी जल्दी बढ़ता है। डायबिटीज के रोगियों के लिए 55 से कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजों को खाना सही बताया गया है।
डायबिटीज के मरीज इन फलों का कर सकते हैं सेवन
1. चेरी
चेरी डायबिटीज के रोगियों के लिए अच्छा फल माना जाता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स स्कोर 20 है। ऐसे में ये शुगर पेशेंट्स के लिए बिल्कुल सेफ है। चेरी पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो आपके इम्यून सिस्टम को भी दुरुस्त करती है।
2. अंगूर
अंगूर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स स्कोर 25 होता है। अंगूर विटामिन सी से भरपूर होते हैं। इसके साथ ही पानी की अधिक मात्रा होने के कारण भी अंगूर स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माने जाते हैं और शुगर लेवल भी नहीं बढ़ाते। ऐसे में शुगर पेशेंट्स बेझिझक अंगूर का सेवन कर सकते हैं।
3. नाशपाती
नाशपाती एक मौसमी फल है। हालांकि, कुछ लोग शुगर लेवल बढ़ने के डर से नाशपाती का सेवन करने से घबराते हैं, लेकिन फाइबर से भरपूर नाशपाती का ग्लाइसेमिक इंडेक्स स्कोर 38 होता है। इसलिए ये कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला फल है, जो शुगर लेवल को नहीं बढ़ाता है।
4. सेब
सेब का ग्लाइसेमिक इंडेक्स स्कोर 39 होता है। ऐसे में मिठास से भरपूर होने के बाद भी सेब डायबिटीज पेशेंट्स के लिए अच्छा फल माना जाता है। ये विटामिन सी और फाइबर से भरपूर फल होता है, जो हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने के साथ ही आंत को भी स्वस्थ रखता है।
( डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

