Anxiety Symptoms : बदलते लाइफस्टाइल की वजह से लोगों को कई तरह की समस्याएं हो रही हैं. इन समस्याओं में एंग्जायटी भी है। यह एक मानसिक समस्या है, जो शारीरिक रूप से भी प्रभावित कर सकता है। सर्दियों में एंग्जायटी की परेशानी काफी ज्यादा बढ़ जाती है, इसका कारण सर्दियों में सेरोटोनिन नामक हार्मोन काफी तेजी से बढ़ने लगता है। यह एक ऐसा हार्मोन है, जो फ्री फ्लोटिंग एंजाइटी की भावनाओं को बढ़ाता है। शरीर में एंग्जायटी हार्मोन बढ़ने से कई तरह के लक्षण दिखते हैं, जिसका समय पर इलाज जरूरी होता है। अगर समय पर एंग्जायटी का इलाज नहीं कराया जाए तो शरीर में कई तरह की परेशानी बढ़ने की संभावना होती है। आइए जानते हैं एंग्जायटी बढ़ने पर शरीर में किस तरह के लक्षण दिखते हैं और इसका क्या है इलाज?
सर्दियों में क्यों बढ़ता है एंग्जायटी हार्मोन
सर्दियों में एंग्जायटी हार्मोन बढ़ने की संभावना होती है। दरअसल, सर्दियों के दिनोों में हमारा शरीर धूप के संपर्क में काफी कम आता है। ऐसे में शरीर में विटामिन डी की कमी होने लगती है। धूप के संपर्क में कम आने की वजह से शरीर की चिंता और डिप्रेशन से जुड़ा न्यूरोट्रांसमीटर बाधित होता है। इस वजह से इस सीजन में एंग्जायटी बढ़ने की संभावना अधिक होती है।
एंग्जायटी के सामान्य लक्षण क्या हैं?
- थकान महसूस होना
- ध्यान लगाने में परेशानी होन
- बिना वजह स्ट्रेस लेना.
- हार्टबीट तेज होना.
- सांस फूलना
- लोगों से बात करने में डर लगना
- जीवन से निराश रहना
- पुरानी बातों को याद करके बेचैन होना.
- बार-बार चीजों को याद करके रोना
- लिफ्ट में जानें से डर लगना
- छाती में खिंचाव महसूस होना
- चीजों को बार-बार सही करना
- मांसपेशियों में तनाव होना, इत्यादि।
एंग्जायटी होने पर व्यक्ति को तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है। अगर समय पर एंग्जायटी का इलाज नहीं करवाया जाए तो यह डिप्रेशन का रूप धारण कर सकती है। इसके अलावा व्यक्ति को घबराहट और चिंता विकृति के अटैक पड़ सकते है। आइए जानते हैं एंग्जायटी होने पर क्या करें?
- एंग्जायटी महसूस होने पर किसी अच्छे मनोचिकित्सक की सलाह लें।
- एंग्जायटी की दवाओं और काउंलिंग का आपको बेहतर परिणाम मिल सकता है। ऐसे में एक भी दवा और काउंसलिंग को मिस न करें।
- इस समस्या से ग्रसित व्यक्ति को अकेले रहने से बचना चाहिए। परिवार और दोस्तों के साथ घुल-मिलकर रहें।
- गहराई में सोचने से बचें।
कैसे होना चाहिए खानपान
एंग्जायटी से ग्रसित व्यक्तियों को अपने खानपान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इस समस्या से ग्रसित लोगों को हरे-पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए। मसालेदार या फिर प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन करने से बचें। शराब और धूम्रपान से दूरी बनाकर रखें। ताकि एंग्जायटी की गंभीरता को कम किया जा सके।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
