Heart Attack Warning Signs In Hindi: दिल के दौरे (हार्ट अटैक) को अक्सर अचानक मौत का सबसे बड़े कारणों में से एक माना जाता है, पर सच यह है कि हमारी शरीर कई बार हमें पहले ही आगाह कर देती है। एक नई स्टडी में सामने आया है कि लगभग 99% मामलों में दिल का दौरा होने से पहले कम-से-कम एक संकेत मौजूद रहता है। यह संकेत कभी हल्के दर्द, कभी थकान, तो कभी बेचैनी की तरह होते हैं। यदि हम इन चेतावनियों को पहचान लें और समय रहते डॉक्टर से मिलें, तो दिल की गंभीर घटनाओं को रोका जा सकता है। यह रिसर्ज जर्नल ऑफ अमेरिकिन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी (Journal of the american college of cardiology) में प्रकाशित हुई है। चलिए विस्तार से जानते हैं रिसर्च में क्या कुछ पाया गया है....
बेहद आम हैं चेतावनियां
नई रिसर्च बताती है कि दिल का दौरा या स्ट्रोक होने से पहले 99% से ज़्यादा लोगों में कम-से-कम एक जोखिम कारक मौजूद था। इसका मतलब है कि लगभग हर मरीज की बॉडी पहले ही संकेत देती है, सिर्फ हमें सुनने की जरूरत होती है।
कौन-से जोखिम कारक सबसे ज्यादा मिले
इस स्टडी में चार मुख्य 'नॉन-ऑप्टिमल' कारक पाए गए - हाई बीपी (blood pressure), बढ़ा हुआ ब्लड शुगर (fasting glucose), कोलेस्ट्रॉल असंतुलन और धूम्रपान। इनमें से हाई ब्लड प्रेशर सबसे आम मिल, कई मामलों में 95% से ऊपर था।
ये संकेत शरीर देती है
ये चेतावनियां हमेशा जोर-जोर से नहीं आती। कभी हल्की सी बेचैनी, हल्का सी थकावट, सांस फूलना, चिड़चिड़ापन - ऐसी चीजें हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं। जब ये लक्षण बार-बार हों, तो इन्हें हल्के में न लें।
उम्र और जेंडर में क्या फर्क है
महिलाओं और युवाओं में ये चेतावनियां और भी हल्की हो सकती हैं, इसलिए अक्सर पल्ले नहीं पड़तीं। लेकिन इस स्टडी में यह भी दिखा कि 60 साल से कम उम्र की महिलाओं में भी 95% से ज्या मामलों में कम-से-कम एक जोखिम कारक था।
इस जानकारी से हमें क्या करना चाहिए
यह रिसर्च सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, एक चेतावनी सन्देश है कि हमें समय रहते जांच और रोकथाम करनी चाहिए। नियमित स्वास्थ्य जांच (blood pressure, sugar, cholesterol) जरूरी है। यदि कोई लक्षण नोटिस हो जैसे हल्की बेचैनी, थकान, सांस फूलना तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
उम्मीद की किरण
यह जानकर राहत है कि दिल का दौरा बिना संकेतों के शायद ही कभी आता है। इस रिसर्च से यह पता चलता है कि जागरूकता और समय रहते कदम उठाना जान बचा सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
