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कच्चे या स्टीम्ड, किस तरह स्प्राउट खाने से मिलेंगे ज्यादा फायदे, जानें मसल फुलाने के लिए क्या है बेस्ट

Which Is Healthier Raw Or Steamed Sprouts In Hindi: बहुत से लोगों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि स्प्राउट्स का सेवन सीधे तौर पर करना ज्यादा फायदेमंद होता है, या इन्हें भाप में पकाकर खाने से ज्यादा फायदे मिलते हैं। क्योंकि सभी लोग अलग-अलग तरीके से स्प्राउट्स का सेवन करते हैं। ऐसे में उनमें स्प्राउट्स के सेवन को लेकर कई बार कन्फ्यूजन देखने को मिलती है।

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Which Is Healthier Raw Or Steamed Sprouts In Hindi

Which Is Healthier Raw Or Steamed Sprouts In Hindi: आपने अक्सर देखा होगा कि बहुत से लोग सुबह के समय नाश्ते में अंकुरित करके दाल और चना आदि का सेवन करते हैं। ये सेहत के लिए बहुत ही लाभकारी माने जाते हैं। इनमें प्रोटीन, फाइबर और शरीर के लिए लगभग सभी जरूरी पोषक भरपूर मात्रा में होते हैं। वजन घटाना हो, मसल फलानी हो या सिर्फ सेहतमंद रहना हो, ये सभी में काम आती हैं। लेकिन कुछ लोग इन्हें सलाद की तरह खाना पसंद करते हैं, तो वहीं कुछ इनका सीधे तौर पर सेवन करते हैं। इसके अलावा सभी लोगों का स्प्राउट्स खाने का तरीका अलग-अलग होता है।

लेकिन स्प्राउट्स को खाने से पहले बहुत से लोग या तो उन्हें उबालते हैं या भाप में पकाते हैं। इसके अलावा, ज्यादातर लोग ऐसे हैं जो इन्हें कच्चा खाना ही पसंद करते हैं। ऐसे में बहुत से लोगों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि आखिर सेहत के लिहाज से कच्चे स्प्राउट्स खाना ज्यादा फायदेमंद होता है या इन्हें भाप में पकाकर खाना। किसका सेवन करने से सेहत को ज्यादा फायदे मिलते हैं। इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं....

कच्चे स्प्राउट्स

यह स्प्राउट्स खाने का सबसे सामान्य और पॉपुलर तरीका है। इस तरह जब आप इनका सेवन करते हैं, तो यह चबाने में काफी क्रंची लगते हैं। लेकिन कुछ लोगों को इन्हें चबाने में थोड़ा मुश्किल हो सकती है। इसकी वजह से उन्हें जबड़ों में भी दर्द हो जाता है। इसके साथ-साथ कच्चे स्प्राउट्स में कुछ हानिकारक बैक्टीरिया के विकास का खतरा भी काफी अधिक होता है, जैसे ई.कोली, सैल्मोनेला आदि। ये पेट में जाने के बाद आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इन्हें नष्ट करने के लिए स्प्राउट्स को अच्छे तापमान पर कुछ समय पकाने की जरूरत होती है।

कच्चे स्प्राउट्स खाने के बाद कुछ लोगों में ब्लोटिंग, पाचन संबंधी समस्याएं, असहजता, उल्टी और दस्त, पेट में दर्द आदि जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। गर्भवती महिलाओं और बूढ़े लोगों को यह और भी अधिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, जिन लोगों की पाचन शक्ति मजबूत है, उन्हें आमतौर पर कच्चे स्प्राउट्स खाने के बाद कोई परेशानी नहीं होती है।

भाप में पके हुए स्प्राउट्स

जब आप स्प्राउट्स को भाप में पकाते हैं या पानी में अच्छे तापमान पर उबाल लेते हैं, तो इनमें मौजूद बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। इसके अलावा इन्हें चबाना और पचाना लोगों के लिए और भी अधिक आसान हो जाता है। इस तरह खाने से पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर तरीके से होता है। हालांकि, उबालने की तुलना में स्टीम्ड करना ज्यादा बेहतर विकल्प है। इस तरह खाने से आपको स्प्राउट्स खाने का लाभ अधिक मिलता है। उबालने में इनका पोषण नष्ट होने की संभावना रहती है, लेकिन भाप में पकाने पर इनका पोषण बरकरार रहता है।

दोनों में क्या ज्यादा फायदेमंद है - Raw Vs Steamed Sprouts Which Is Better In Hindi

अगर सेहत के लिहाज से देखें तो दोनों ही तरीके बहुत लाभकारी हैं। लेकिन कुछ मामलों में भाप में पके हुए स्प्राउट्स ज्यादा लाभकारी हो सकते हैं। इसके अलावा, आपके लिए स्प्राउट्स खाने का कौन सा तरीका ज्यादा लाभकारी है, यह व्यक्ति की जरूरत और व्यक्तिगत पसंद पर भी निर्भर करता है। क्योंकि सभी लोगों के लिए स्टीम करके स्प्राउट्स खाना मुमकिन नहीं हो पाता है।

ज्यादातर लोग स्प्राउट्स इसलिए खाते हैं, क्योंकि यह इंस्टेंट नाश्ते का विकल्प है। वहीं, जिन लोगों को पाचन सबंधी समस्याएं नहीं होती हैं और पाचन क्रिया मजबूत है, तो वह बिना किसी परेशानी के कच्चे स्प्राउट्स का आनंद ले सकते हैं। वहीं, अगर कच्चा खाने पर किसी व्यक्ति को परेशानी होती है, तो वह स्टीम्ड स्प्राउट्स का विकल्प चुन सकते हैं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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