एक्सप्लेनर्स

किसने 'यमुना में जहर' छोड़ा? झूठ बोल रहे अरविंद केजरीवाल या दावे में है दम; समझिए पूरी सियासत

Arvind Kejriwal vs Nayab Singh Saini: क्या अरविंद केजरीवाल झूठे हैं या फिर उन्होंने 'यमुना में जहर' छोड़ने का जो आरोप लगाया है उसमें वाकई दम है? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि इस मुद्दे पर सियासत और भी गहराती जा रही है। भाजपा ने केजरीवाल की गिरफ्तारी की मांग की है, वहीं दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली में लोगों को जहरीले पानी से नहीं मरने देंगे। आपको सारा विवाद समझाते हैं।

Image

अरविंद केजरीवाल और नायब सिंह सैनी यमुना के मुद्दे पर आमने-सामने।

Delhi Chunav 2025: राजनीति में कोई भी कुछ भी दावा कर देता है, वादा कर देता है, यहां कोई भी कुछ भी कर सकता है। तो क्या अरविंद केजरीवाल ने जो आरोप हरियाणा सरकार पर लगाए हैं, वो सच्चे हैं? या फिर चुनाव में सारी हवा अपनी ओर करने के मकसद से आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल ने कोई नई चाल चली है। नई चाल का मतलब समझना यहां और भी दिलचस्प है। केजरीवाल ऐसा कह रहे हैं कि दिल्ली में लोगों को जहरीले पानी से नहीं मरने देंगे। वहीं हरियाणा के भाजपा सांसदों ने ‘यमुना में जहर' छोड़ने के दावे को लेकर केजरीवाल की गिरफ्तारी की मांग की है। हरियाणा सरकार केजरीवाल पर केस करेगी, वहीं भाजपा का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग में इसकी शिकायत भी करेगा।

अरविंद केजरीवाल ने क्या और क्यों लगाया है आरोप?

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि वह कानूनी कार्रवाई से नहीं डरते और दिल्ली में गंदे तथा जहरीले पानी के कारण लोगों को नहीं मरने देंगे। केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित हरियाणा पर यमुना नदी में ‘जहर’ मिलाने का आरोप लगाया है। केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सोमवार को एक पत्र में पुष्टि की है कि पड़ोसी राज्य से आपूर्ति किए जाने वाले पानी में अमोनिया नामक ‘जहर’ मिला दिया गया है।

माफी नहीं मांगी तो दायर करेंगे मानहानि का मुकदमा

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केजरीवाल के आरोपों का खंडन किया है और धमकी दी कि अगर उन्होंने माफी नहीं मांगी तो वह उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इस सिलसिले में शाम को निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। सैनी पर पलटवार करते हुए आप प्रमुख ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। केजरीवाल ने कहा, 'यह पाप है, आपको लोगों के अभिशाप का सामना करना पड़ेगा। वे मेरे खिलाफ मुकदमा दायर करने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने मुझे जेल भेजा, क्या अब वे मुझे फांसी पर चढ़ा देंगे?' पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह दिल्ली के लोगों को ‘जहरीला पानी’ पीकर नहीं मरने देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा को अपनी 'गंदी राजनीति' से बाज आना चाहिए और हरियाणा के मुख्यमंत्री को यमुना में स्वच्छ पानी छोड़ना चाहिए।

चुनाव के ही वक्त केजरीवाल का क्यों आई इसकी याद?

अब सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि ऐसा तो है नहीं कि दिल्ली में हरियाणा से पानी अभी-अभी आना शुरू हुआ है। जिस वक्त पानी की किल्लत होती है तो उस वक्त केजरीवाल और आतिशी हरियाणा पर पानी नहीं देने का आरोप लगाते हैं। अब चुनाव है तो केजरीवाल और आतिशी हरियाणा से मिल रहे पानी में जहर मिलाने का दावा कर रहे हैं। सियासत में ब्लेम गेम बड़ी आसान सीढ़ी होती है, लेकिन हर बात पर जब ऐसी बातें होने लगे तो जनता के जेहन में शक पैदा होने लगता है। यही वजह है कि इस मुद्दे पर भाजपा अब केजरीवाल को आसानी से नहीं छोड़ने वाली है। हरियाणा के भाजपा सांसदों ने 'यमुना में जहर' छोड़ने के दावे को लेकर केजरीवाल की गिरफ्तारी की मांग की है।

'दिल्लीवासियों के बीच डर पैदा करने की चेष्टा कर रहे केजरीवाल'

हरियाणा के भाजपा सांसदों ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को उनके इस दावे को लेकर गिरफ्तार करने की मांग की कि राज्य (हरियाणा) दिल्ली में पेयजल आपूर्ति के स्रोत यमुना नदी में ‘जहर’ बहा रहा है। हरियाणा के सभी 10 सांसदों ने कहा कि यह केजरीवाल की ‘आपराधिक साजिश’ का स्पष्ट मामला है क्योंकि वह दिल्लीवासियों के बीच डर पैदा करने की चेष्टा कर रहे हैं। भाजपा सांसदों ने आम आदमी पार्टी सरकार को चुनौती दी कि वह दिल्ली के घरों में आपूर्ति किए जाने से पहले हरियाणा से छोड़े जाने वाले पानी की गुणवत्ता की जांच कर ले।

धरमबीर सिंह ने अरविंद केजरीवाल को दिया करारा जवाब

भाजपा सांसद धरमबीर सिंह ने कहा, 'पिछले कुछ समय से दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ऐसे बयान दे रहे हैं, जिससे हरियाणा के लोगों की भावना आहत हो रही है। वे हम पर हमारे राज्य से छोड़े जा रहे पानी में जहर मिलाने का आरोप लगा रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'हमें भी पानी की दिक्कत होती है, उसके बाद भी हम दिल्ली को 10,000 क्यूसेक से अधिक पानी देते हैं। तब भी, हम दिल्ली को पानी भेजते हैं, क्योंकि यह राष्ट्रीय राजधानी है।'

सांसद किरण चौधरी ने केजरीवाल से पूछे तीखे सवाल

भाजपा सांसद किरण चौधरी ने कहा, 'मैं हैरान हूं कि केजरीवाल ने कहा कि हम जल आतंकवाद कर रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक मुख्यमंत्री इस तरह के बयान दे रहे हैं। कोई भी हरियाणा से आने वाले पानी की गुणवत्ता की जांच कर सकता है, लेकिन वजीराबाद के बाद वे पानी में कचरा और प्रदूषक मिला देते हैं। हमें यमुना के पानी पर सफेद झाग भी नजर आता है। ' उन्होंने कहा, 'यमुना में 37 शोधन संयंत्र हैं, लेकिन उनमें से केवल 17 ही चालू हैं। इसकी जिम्मेदारी किसकी है?'

रेखा शर्मा ने केजरीवाल पर झूठ फैलाने का लगाया आरोप

राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और भाजपा सांसद रेखा शर्मा ने केजरीवाल पर पांच फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले झूठ फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ' जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, केजरीवाल झूठ फैलाने लगते हैं। उन्हें लग गया है कि उनकी सरकार नहीं बनेगी, इसलिए वह आरोप लगाने लगे हैं। वह इतना गिर गए हैं कि अब नौटंकी पर उतर आए हैं।' उन्होंने दावा किया कि दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने कहा है कि वजीराबाद के बाद पानी में अशोधित अपशिष्ट मिलाया जाता है, जिससे दिल्ली में जहरीला पानी प्रवेश करता है। डीजेबी आप सरकार के अधीन आता है। शर्मा ने कहा, 'उन्हें (केजरीवाल को) दिल्ली और हरियाणा के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। हरियाणा सरकार ऐसे निराधार आरोपों के लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रही है।'

सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने केजरीवाल पर बोला जुबानी धावा

भाजपा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने केजरीवाल पर ऐसे आरोपों से संघीय ढांचे पर हमला करने का आरोप लगाते हुए कहा, ' यदि हरियाणा से भेजा गया पानी अनुमेय सीमा तक विषाक्त पदार्थों से मुक्त है, तो केजरीवाल को झूठे आरोप लगाने और साजिश रचने को लेकर गिरफ्तार किया जाना चाहिए।' इससे पहले दिन में केजरीवाल ने कहा कि वह कानूनी कार्रवाई से नहीं डरते हैं। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली में लोगों को ‘गंदे, जहरीले पानी’ के चलते मरने नहीं देंगे। केजरीवाल ने प्रेसवार्ता में दावा किया कि दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सोमवार को एक पत्र में पुष्टि की है कि पड़ोसी राज्य से आने वाले पानी में अमोनिया नामक ‘जहर’ मिला दिया गया है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केजरीवाल के आरोप का खंडन किया और माफी नहीं मांगने पर मानहानि का मुकदमा दायर करने की धमकी दी। इस पर केजरीवाल ने उनसे इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने का आह्वान करते हुए कहा, 'यह पाप है। आपको लोगों का श्राप लगेगा।' उन्होंने कहा, 'वे मुझ पर मामला दर्ज करने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने मुझे जेल भेजा था, क्या वे मुझे फांसी पर लटका देंगे?'

केजरीवाल पर केस करेगी हरियाणा सरकार

यमुना नदी पर दिए बयान को लेकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किल बढ़ सकती है। जहां एक तरफ हरियाणा सरकार ने उन पर मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग में भी केजरीवाल की शिकायत करेगा। केजरीवाल के आरोप पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा, 'केजरीवाल ने यह बयान देकर साबित कर दिया है कि वह सस्ती राजनीति के लिए कुछ भी कर सकते हैं। जिस धरती पर वह पैदा हुए वहां का अपमान किया है। हम लोग यमुना नदी को पवित्र मानते हैं। यहां के लोग नदी में जहर क्यों मिलाएंगे। 2020 में केजरीवाल ने कहा था कि यमुना नदी को साफ करेंगे नहीं तो वोट मांगने नहीं आएंगे। केजरीवाल वादा पूरा करने में फेल हुए तो दिल्ली के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। केजरीवाल इस बयान के लिए माफी मांगे नहीं तो हम उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएंगे।' हरियाणा सरकार पर लगे आरोप पर हरियाणा भाजपा की ओर से भी जवाब आया। हरियाणा भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया।

केजरीवाल को बताया कलयुग का कालिया नाग

पोस्ट में लिखा कि अपनी घटिया और कुत्सित राजनीतिक हित साधने के लिए किस हद तक कोई गिर सकता है इसका उत्कृष्ट उदाहरण अरविंद केजरीवाल है। हरियाणा की मिट्टी में दुर्भाग्य वश पैदा हुआ ये कपूत, हरियाणवियों को जी भर-भर के गालियां देता है, ताकि दिल्ली के चुनाव में राजनीतिक लाभ उठाया जा सके। यमुना में जहर मिलाने का पाप कोई भी सच्चा हरियाणवी नहीं कर सकता लेकिन द्वापर युग में कालिया नाग ने यमुना नदी को विषैला करने की कोशिश की थी।' पोस्ट में आगे केजरीवाल को कलयुग का कालिया नाग बताया गया है, जिसने 2020 में झूठा वादा किया था कि अगर यमुना को दूषित होने से नहीं बचाया तो कभी वोट नहीं मांगने आऊंगा। केजरीवाल को आगामी चुनाव में दिल्ली की जनता उसी तरह नाथने का काम करेगी, जैसा द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण ने कालिया नाग को किया था।

ज्ञात हो कि अरविंद ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया था। पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'लोगों को प्यासा मारने से बड़ा पाप नहीं होता। अपनी गंदी राजनीति के लिए भाजपा दिल्ली वालों को प्यासा मारना चाहती है। हरियाणा से भाजपा वाले पानी में जहर मिलाकर दिल्ली भेज रहे हैं। अगर ये पानी दिल्ली वालों ने पी लिया तो कई लोग मर जाएंगे। क्या इस से घिनौना काम कोई हो सकता है। जो जहर पानी में मिलाकर भेजा जा रहा है, वो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में साफ भी नहीं हो सकता। दिल्ली के लोगों की सुरक्षा के लिए कई इलाकों में पानी बंद करना पड़ रहा है। हमारी कोशिश है कि लोगों को कम से कम तकलीफ हो। भाजपा वाले दिल्ली वालों का मास मर्डर करना चाहते हैं। हम ये बिल्कुल नहीं होने देंगे।'

दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने भी पोस्ट करके लिखा था, 'चुनाव में हार के डर से भाजपा दिल्ली वालों को प्यासा मारना चाहती है। भाजपा अपनी हरियाणा सरकार से यमुना नदी में जहरीला पानी छुड़वा रही है। पानी में इतना अमोनिया है कि दिल्ली के 3 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद होने की कगार पर हैं। दिल्ली के 30 फीसदी लोगों को पानी नहीं मिलेगा। हिंदू धर्म में पानी रोकने से बड़ा कोई पाप नहीं होता। दिल्ली के लोग भाजपा वालों को इस पाप का जवाब 5 फरवरी को देंगे।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article