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क्या है 'चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड'? सीमा पर सुरक्षा-निगरानी का बदलेगा ढांचा, गृह मंत्री शाह ने किया खुलासा

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  • Updated May 30, 2026, 09:40 AM IST

गृह मंत्री शाह ने गुजरात के सीमावर्ती जिले कच्छ के अपने दौरे के दौरान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कर्मियों के साथ अपनी बातचीत में कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार एक 'खामीरहित सुरक्षा ग्रिड' का निर्माण कर रही है और जहां बाड़ लगाना मुश्किल है, वहां तकनीकी बाड़ लगाकर एक अभेद्य सुरक्षा घेरा स्थापित कर रही है।

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सीमा सुरक्षा बल के साथ गृह मंत्री अमित शाह। तस्वीर- BSF

Quadrangular Security Grid: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इन दिनों देश की पश्चिमी सीमा के दौरे पर हैं। राजस्थान के बाद वह गुजरात दौरे पर हैं। वह पश्चिमी सीमा की सुरक्षा में तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) की चौकियों का दौरा कर रहे हैं और जवानों से मिल रहे हैं। अपने गुजरात के दौरे के दौरान सरहद की सुरक्षा को लेकर उन्होंने बड़ी बात कही है। गृह मंत्री ने बीते मंगलवार को कहा कि सहरदों की सुरक्षा के लिए सरकार एक 'चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड' तैयार करेगी। इस व्यापक सुरक्षा ग्रिड में बीएसएफ, सेना, सीमा पर रहने लोग और स्थानीय प्रशासन को शामिल किया जाएगा। गृह मंत्री का कहना है कि सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब केवल बीएसएफ के कंधों पर नहीं होगी।

'खामीरहित सुरक्षा ग्रिड' का होगा निर्माण

गृह मंत्री शाह ने गुजरात के सीमावर्ती जिले कच्छ के अपने दौरे के दौरान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कर्मियों के साथ अपनी बातचीत में कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार एक 'खामीरहित सुरक्षा ग्रिड' का निर्माण कर रही है और जहां बाड़ लगाना मुश्किल है, वहां तकनीकी बाड़ लगाकर एक अभेद्य सुरक्षा घेरा स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि ड्रोन, रडार, निगरानी टावरों और आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए, मोदी सरकार एक ऐसा आधुनिक सुरक्षा ग्रिड बना रही है जो इतना मजबूत होगा कि कोई भी सीमा का उल्लंघन करने की हिम्मत नहीं करेगा।

Amit Shah

Amit Shah

चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड होगी स्थापित

शाह ने कहा, 'बीएसएफ की स्थापना के 60वें वर्ष में बीएसएफ की सीमा सुरक्षा अवधारणा को पूरी तरह से बदलने का निर्णय लिया गया है। आने वाले दिनों में, हम एक चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड स्थापित करेंगे और केवल सीमा सुरक्षा के पारंपरिक दृष्टिकोण के स्थान पर 'क्षेत्रीय सुरक्षा’ की एक नई अवधारणा पेश करेंगे।’ उन्होंने कहा कि इस पहल में बीएसएफ कर्मियों के साथ-साथ जनता, नागरिक प्रशासन, स्थानीय पुलिस और सेना की भी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। उन्होंने 'स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट’ की भी चर्चा की और कहा कि सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं।

ग्रिड में ड्रोन, रडार, निगरानी टावर, अत्याधुनिक तकनीक

शाह ने कहा कि इस परियोजना में हजारों करोड़ रुपये का निवेश शामिल है । उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ड्रोन, रडार, निगरानी टावर, अत्याधुनिक तकनीक और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती से एक मजबूत सुरक्षा तंत्र का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि एक बार ऐसी व्यवस्था हो जाने के बाद, कोई भी हमारी सीमाओं को पार करने की हिम्मत नहीं करेगा। शाह ने कहा कि निगरानी टावरों, संपर्क सड़कों, पेयजल आपूर्ति, चिकित्सा सुविधाओं, आवास व्यवस्था और नई बाड़बंदी पर काम शुरू करके हर तरह से 'लीक-प्रूफ’ सुरक्षा ग्रिड स्थापित करने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों के भीतर हरामी नाला और सर क्रीक क्षेत्र समेत कच्छ सीमा क्षेत्र को दुश्मन की बुरी निगाहों से स्थायी रूप से सुरक्षित कर लिया जाएगा।

Amit shah

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सरकार बड़े पैमाने पर घुसपैठ रोकने में सफल होगी

शाह ने कहा कि एक बार बाड़बंदी पूरी हो जाने के बाद, सरकार बड़े पैमाने पर घुसपैठ रोकने में सफल होगी। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों के लिए केवल जंगल, पहाड़ और नदी मार्ग ही बचेंगे और इन क्षेत्रों में तकनीकी बाड़बंदी समाधानों को लागू करने का काम जारी है। केंद्रीय मंत्री शाह देश के सीमावर्ती क्षेत्रों के विस्तारित दौरे पर हैं, जहां वे सुरक्षा समीक्षा कर रहे हैं और स्थानीय अधिकारियों तथा बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने सुबह सीमा चौकी जी-7 का उद्घाटन किया, ओपी टावर 1170 के नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया और हरामी नाला खाड़ी का दौरा किया, जहां उन्होंने एक पौधा लगाया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने कठोर मौसम की स्थिति में बीएसएफ कर्मियों को होने वाली कठिनाइयों को कम करने के लिए आवश्यक धनराशि आवंटित करने और नवीनतम तकनीकी प्रगति का उपयोग करने में कभी संकोच नहीं किया है।

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