Peterborough Ram Mandir: ब्रिटेन के पीटरबरो में मौजूद एक ऐतिहासिक हिंदू मंदिर इन दिनों चर्चा में है। 40 साल पुराने इस मंदिर को बचाने के लिए वहां का हिंदू समुदाय बड़ी कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। दरअसल, पीटरबरो सिटी काउंसिल ने प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के तहत मंदिर वाले परिसर को यूके इस्लामिक मिशन से जुड़े एक संगठन को बेचने का फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक, यह संस्था वहां मस्जिद और इस्लामिक सेंटर विकसित करना चाहती है।
विवाद तब शुरू हुआ जब जिस कॉम्प्लेक्स में मंदिर पिछले कई वर्षों से संचालित हो रहा था, उसे पीटरबरो सिटी काउंसिल ने एक इस्लामिक संगठन को बेच दिया। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट ने इस फैसले को चुनौती देते हुए यूके हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
ब्रिटेन में 'भारत हिंदू समाज' द्वारा संचालित 40 साल पुराना राम मंदिर।
क्या है पूरा मामला?
भारत हिंदू समाज (Bharat Hindu Samaj) मंदिर 1986 से न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स में संचालित हो रहा है। इसकी स्थापना उन भारतीय मूल के परिवारों ने की थी, जिन्हें 1972 में युगांडा के तत्कालीन शासक ईदी अमीन के शासन के दौरान देश छोड़ना पड़ा था। समय के साथ यह मंदिर पीटरबरो और आसपास रहने वाले हिंदू समुदाय का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बन गया।
विवाद कैसे शुरू हुआ?
पीटरबरो सिटी काउंसिल ने अपने आर्थिक संकट और बढ़ते कर्ज को कम करने के लिए इस परिसर को बेचने का फैसला किया। आरोप है कि मंदिर ट्रस्ट ने भी करीब 1.3 मिलियन पाउंड की बोली लगाई थी, लेकिन उसकी पेशकश स्वीकार नहीं की गई। इसके बाद यह परिसर यूनाइटेड किंगडम इस्लामिक मिशन (United Kingdom Islamic Mission) से जुड़े एक संगठन को बेच दिया गया, जो वहां मस्जिद और इस्लामिक सेंटर बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
ब्रिटेन के पीटरबरो मंदिर को लेकर विवाद की पूरी टाइमलाइन
मंदिर ट्रस्ट की आपत्ति क्या है?
मंदिर ट्रस्ट का आरोप है कि बिक्री प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी। उनकी बोली पर उचित तरीके से विचार नहीं किया गया। इस फैसले से हजारों हिंदुओं का धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र प्रभावित होगा। इसलिए उन्होंने परिषद (Council) के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। इन्हीं कारणों से मंदिर ट्रस्ट ने काउंसिल के फैसले को यूके हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
काउंसिल का क्या कहना है?
पीटरबरो सिटी काउंसिल का कहना है कि बिक्री पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। काउंसिल ने हाई कोर्ट में दलील दी है कि उसका फैसला गैरकानूनी नहीं था और पूरी प्रक्रिया सभी नियमों का पालन करते हुए पूरी की गई।
यह मंदिर ब्रिटेन में मौजूद हिंदू समुदाय का प्रमुख धार्मिक केंद्र ।
यह मंदिर कितना महत्वपूर्ण है?
भारत हिंदू समाज मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं है। यहां पर धार्मिक उत्सव भी मनाए जाते हैं। इसके अलावा, बच्चों को भारतीय संस्कृति और भाषाओं की शिक्षा दी जाती है।
सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। जरूरतमंदों के लिए सामाजिक सेवाएं भी चलाई जाती हैं। बताया जाता है कि यह मंदिर करीब 14,000 हिंदुओं की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। साथ ही, आसपास 35 मील के दायरे में ऐसा कोई दूसरा बड़ा हिंदू मंदिर नहीं है।
अब इस पूरे मामले पर फैसला यूके हाई कोर्ट करेगा। अदालत यह तय करेगी कि काउंसिल द्वारा की गई बिक्री कानूनी थी या नहीं। कोर्ट के फैसले के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मंदिर अपने मौजूदा परिसर में बना रहेगा या उसे किसी नई जगह स्थानांतरित होना पड़ेगा।
