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PMLA एक्ट क्या है? जिसमें दिल्ली सीएम केजरीवाल की हुई है गिरफ्तारी, नहीं मिलती है आसानी से बेल

  • Written by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Mar 22, 2024, 10:27 AM IST

What Is PMLA Act: पीएमएलए और इसके तहत अधिसूचित नियम 1 जुलाई, 2005 से लागू हुए। इस अधिनियम में वर्ष 2005, 2009 और 2012 में संशोधन किया गया था।

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किस कानून के तहत हुई केजरीवाल की गिरफ्तारी

What Is PMLA Act: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के साथ ही एक बार फिर से धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) की चर्चा हो रही है। पीएमएलए एक्ट इतना मजबूत है कि इसके लपेटे में अधिकारी से लेकर सांसद तक और मंत्री से लेकर सीएम तक आ चुके हैं। पीएएमएल एक्ट से ईडी को इतनी शक्ति मिलती है कि वो इस एक्ट के तहत बड़े से बड़े लोगों को पूछताछ से लेकर गिरफ्तार कर सकती है। इस कानून के तहत बेल मिलना भी मुश्किल हो जाता है।

क्या है धन शोधन निवारण अधिनियम (What Is PMLA Act)

मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम यानि कि धन शोधन निवारण अधिनियम को 2002 में लाया गया था, तब केंद्र में बीजेपी की सरकार थी। एनडीए सरकार ने मनी-लॉन्ड्रिंग को रोकने और मनी-लॉन्ड्रिंग से प्राप्त संपत्ति की जब्ती का प्रावधान करने के लिए इस कानून को लाया था। पीएमएलए और इसके तहत अधिसूचित नियम 1 जुलाई, 2005 से लागू हुए। इस अधिनियम में वर्ष 2005, 2009 और 2012 में संशोधन किया गया था।

pmla act.

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पीएमएलए एक्ट का उद्देश्य (PMLA Act Objectives)

पीएमएलए कानून का मुख्य उद्देश्य भारत में मनी लॉन्ड्रिंग से निपटना चाहता है और इसके तीन मुख्य उद्देश्य हैं।
  • मनी लॉन्ड्रिंग को रोकना और नियंत्रित करना।
  • लूटे गए धन से प्राप्त संपत्ति को जब्त करना।
  • भारत में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े किसी भी अन्य मुद्दे से निपटना।

पीएमएलए एक्ट के तहत सजा का प्रावधान (PMLA Act Punishment)

पीएमएलए एक्ट के तहत मनी-लॉन्ड्रिंग केस में दोषी पाए जाने के बाद व्यक्ति को तीन साल से सात साल तक के कठोर कारावास का दंड मिल सकता है। जहां अपराध की आय अनुसूची के भाग ए के पैराग्राफ 2 के तहत किसी भी अपराध से संबंधित है (मादक दवाओं के तहत अपराध) और साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985) के तहत अधिकतम सज़ा 7 साल की बजाय 10 साल तक हो सकती है।

money laundring.

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पीएमएलए एक्ट में जमानत (PMLA Act Bail Process)

पीएमएलए एक्ट को जबसे ज्यादा सख्त बनाता है, वो है इस कानून की धारा 45। पीएमएलए एक्ट की धारा 45 में आरोपी की जमानत के लिए कठोर शर्तें हैं। पीएमएलए एक्ट में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं है। इस कानून के तहत सारे अपराध संज्ञेय और गैर जमानती हैं। इसमें दोषी को ही कोर्ट में अपने आप को बेगुनाह साबित करना होता है।

पीएमएलएल एक्ट के तहत गिरफ्तार बड़े नाम

पीएमएलएल एक्ट के तहत अब तक कई नेता गिरफ्तार हो चुके हैं। जिसमें दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन, आप सांसद संजय सिंह, बीआरएस नेता और केसीआर की बेटी के कविता जैसे नाम शामिल हैं।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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