Vijay Oath in Tamil Nadu: तमिलनाडु में आज से एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। पहली बार किसी नई लॉन्च हुई पार्टी की राज्य में सरकार बनने जा रही है। जी हां, बात कर रहे हैं रुपहले पर्दे के सुपरस्टार चंद्रशेखर विजय जोसेफ की जिन्हें उनके प्रशंसक थलापति विजय के नाम से सम्मान देते हैं। तमिलनाडु अब थलपति विजय की सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया। अभिनेता से नेता बने विजय जोसेफ आज सीएम पद की शपथ लेने जा रहे हैं। इसमें राहुल गांधी से लेकर कई बड़े नेता शामिल होंगे। विजय ने शनिवार को राजभवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की। इस दौरान, विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश किया जिसके बाद राज्यपाल ने विजय को राज्य का नया मुख्यमंत्री नियुक्त किया और सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।
विजय की जीत के 5 मंत्र
तमिलनाडु की सियासत में विजय नेऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उनकी पार्टी टीवीके की सफलता ने सियासी पंडितों को भी चौंका दिया है। आखिर सियासी पिच पर अपने पदार्पण में ही कोई पार्टी कैसे इतनी प्रचंड जीत हासिल कर सकती है, ये सवाल हर किसी के मन में गूंज रहा है। बहरहाल, जानने की कोशिश करते हैं कि विजय की जीत के वो 5 फॉर्मूले कौन से रहे, जिसने उन्हें ऐतिहासिक जीत दिलाई है।
न तीखे बयान, न व्यक्तिगत हमले
चुनावी प्रचार के दौरान विजय ने न तीखे बयान दिन, न किसी पर व्यक्तिगत हमले किए। उनका पूरा फोकस इस बात पर रहा कि सरकार बनने पर वह किस तरह की कल्याणकारी योजनाओं पर काम करेंगे। यानि विजय और उनकी पार्टी ने पॉजिटिव पॉलिटिक्स पर फोकस किया है। जब सरकार गठन में दिक्कत आई, तब भी विजय ने संयम बरता और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से दूर रहे।
फैन बेस को संगठित कैडर में बदला
बड़े पर्दे के सुपरस्यार विजय ने अपने फैन बेस को संगठित कैडर में बदल डाला। ये अपने आप में ही एक अनोखा मामला है। उन्होंने फैन क्लब्स को बूथ लेवल नेटवर्क में बदला। विजय के फैन ने चुनाव के दौरान खूब सक्रियता दिखाई और पार्टी की जीत में अहम भूमिका निभाई। 2009 में विजय ने सामाजिक कार्यों को सुव्यवस्थित करने के लिए "विजय मक्कल इयक्कम" नामक एक संगठन के तहत 85,000 से अधिक स्थानीय फैन क्लबों को एकजुट किया। आम फैन क्लबों के विपरीत वीएमआई वंचित छात्रों के लिए रात के अध्ययन केंद्र चलाने, आपदा राहत, रक्तदान अभियान और कल्याणकारी गतिविधियों के आयोजन सहित सामुदायिक कार्यों के लिए जाना जाता है।
युवाओं को किया टारगेट
चूंकी फिल्म इंडस्ट्री में विजय की धमक है और वह युवाओं के दिलों पर राज करते हैं, इसी के मद्देनजर पार्टी ने युवाओं और पहली बार वोट करने वालों पर फोकस किया। इसी के तहत आरोप-प्रत्यारोप की जगह पॉजिटिव सियासत पर बात हुई। विकास का खाका सामने रखा गया और युवाओं को साथ लेकर चलने की बात हुई। नतीजा सबके सामने है, विजय को लोगों ने ताज सौंप दिया।
सोशल मीडिया और ग्राउंड कैंपेन
टीवीके ने सोशल मीडिया और ग्राउंड कैंपेन, दोनों का मजबूत कॉम्बिनेशन रखा। गौर करने लायक बात है कि विजय ने बहुत कम रैलियां कीं। वह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से जुड़े। इसके अलावा उनकी पार्टी के नेता-कार्यकर्ताओं ने ग्राउंड कैंपेन किया। सोशल मीडिया और ग्राउंड कैंपेन के समीकरण को इस तरह से आगे बढ़ाया कि नतीजा प्रचंड जीत के रूप में सामने आया।
फिल्मों के जरिए सिस्टम विरोधी इमेज को भुनाया
विजय ने फिल्मों के जरिए पहले से बना सिस्टम विरोधी इमेज को भुनाया। विजय की कई फिल्मों में सियासी संदेश साफ नजर आता है। सरकार जैसी फिल्मों के जरिए विजय ने न सिर्फ अपना फैन बेस मजबूत किया बल्कि अपना संदेश भी साफ कर दिया। उनके प्रशंसकों ने इस संदेश को साफ समझा और विजय को सरकार बनाने का मौका दे दिया। विजय ने अपनी इसी इमेज को भुनाया और तमिलनाडु की सियासत नया इतिहास रच दिया।
