Tamilnadu Assembly Election Result 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। विधानसभा की 234 सीटों में से 108 सीटें जीती हैं लेकिन दक्षिण के इस राज्य में सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा 118 है। सरकार बनाने के लिए टीवीके को 10 और विधायकों की जरूरत है। ऐसे में विजय के सामने कई विकल्प हैं जिन पर वह आगे बढ़ सकते हैं। इस चुनाव में द्रमुक मात्र 59 सीट में ही जीत हासिल कर सकी। वहीं, अन्नाद्रमुक 47 सीटों पर विजयी हुई है। डीएमकी की सहयोगी पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) को चार सीट और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) को क्रमशः एक-एक सीट मिली।
1967 के बाद रही है डीएमके-एआईएडीएमके की सरकार
चूंकि, तमिलनाडु में किसी भी दल या गठबंधन को बहुमत नहीं मिला है लेकिन टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है तो जाहिर है कि राज्यपाल उसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे। यह भी तय है कि 218 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए विजय को अन्य दलों से समर्थन की जरूरत पड़ेगी। सवाल है कि क्या वह गैर-डीएमके अथवा गैर-एआईएडीएमके समर्थन वाली सरकार के लिए आगे बढ़ेंगे क्योंकि राज्य में 1967 के बाद बारी-बारी से इन्हीं दो दलों की सरकार रही है।
डीएमके गठबंधन के सहयोगियों के पास 14 विधायक
एक्सपर्ट की राय है कि सरकार बनाने के लिए विजय डीएमके गठबंधन की छोटी पार्टियां का समर्थन मांग सकते हैं। डीएमके गठबंधन में कांग्रेस भी है। इस गठबंधन की छोटी पार्टियों के पास 14 विधायक हैं जबकि सरकार बनाने के लिए विजय को 10 सदस्यों की जरूरत है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि कांग्रेस का एक धड़ा चुनाव से पहले TVK के साथ गठबंधन करने के पक्ष में था। यह धड़ा आज भी अभिनेता का समर्थन कर रहा है। तमिलनाडु में कांग्रेस के पांच विधायक विजयी हुए हैं। वहीं सीपीआई और सीपीएम दोनों के पास दो-दो विधायक हैं। कांग्रेस और लेफ्ट दलों के समर्थन के बाद भी सरकार बनाने के लिए टीवीके को एक विधायक की जरूरत होगी। जानकारों का कहना है कि यह एक विधायक उसे दलित पार्टी VCK से मिल सकता है।
क्या डीएमके इंडिया ब्लॉक में बना रहेगा?
इस समीकरण के पीछे सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि क्या इसके लिए डीएमके तैयार होगी क्योंकि गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी वही है। टीवीके को समर्थन दिए जाने पर डीएमके की अगुवाई वाले विपक्षी गठबंधन की भूमिका प्रभावित होगी। सवाल यह भी है कि राज्य में कांग्रेस और अन्य टीवीके के साथ यदि जाते हैं तो क्या डीएमके इंडिया ब्लॉक में बना रहेगा?
क्या डीएमके समर्थन देने के लिए तैयार है?
दूसरा संभावित परिदृश्य यह है कि पूरा डीएमके+ गठबंधन TVK का समर्थन करे और विजय बिना ज्यादा कठिनाई के मुख्यमंत्री बन जाएं। यह गणितीय और राजनीतिक दोनों दृष्टि से संभव है, क्योंकि इससे राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक विपक्षी गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बल्कि TVK के शामिल होने से यह और मजबूत ही होगा। लेकिन क्या DMK इसके लिए तैयार है? अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है। विजय DMK को अपना 'राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी' बताते रहे हैं और कई बार सीधे तौर पर पार्टी पर निशाना साध चुके हैं। कुछ विश्लेषकों का यह भी मानना है कि विजय DMK के साथ नहीं जाएंगे, क्योंकि मतदाताओं द्वारा एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार को नकारे जाने के बाद वे जन प्रतिक्रिया को लेकर सतर्क रह सकते हैं।
DMK ने समर्थन देने के अभी नहीं दिए कोई संकेत
हालांकि, एक दूसरा नजरिया यह भी है कि मतदाताओं ने विजय पर भरोसा जताया, लेकिन अगर TVK मैदान में नहीं होती, तो उनकी दूसरी पसंद DMK ही लगती है, जिसे अकेले 59 सीटें मिली हैं। एक और संभावना यह हो सकती है कि विपक्षी AIADMK TVK को सरकार बनाने में समर्थन दे। लेकिन इसके भी कोई संकेत नहीं हैं। बल्कि सार्वजनिक बयानों में TVK और AIADMK के साथ आने की संभावना के उलट ही बातें कही गई हैं। AIADMK के वरिष्ठ नेता सी. पोनैयन ने सोमवार को कहा कि पार्टी TVK के किसी भी गठबंधन प्रस्ताव को ठुकरा देगी। हालांकि यह बयान मतगणना के दौरान आया था। वहीं TVK के रणनीतिकार जॉन अरोकियासामी ने दोहराया कि पार्टी की 'AIADMK या BJP में कोई रुचि नहीं है', और 'विभाजनकारी राजनीति और भ्रष्टाचार' का विरोध इसका कारण बताया।
BJP के खिलाफ TVK का सख्त रुख है
किसी भी संभावित गठबंधन के सामने एक और बड़ी बाधा TVK का BJP के खिलाफ सख्त रुख है। TVK बार-बार संकेत दे चुकी है कि वह AIADMK-BJP धड़े के साथ नहीं जाएगी और BJP को अपना 'वैचारिक दुश्मन' मानती है। इसका मतलब है कि किसी भी समझौते के लिए AIADMK को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से बाहर निकलना पड़ सकता है।
फरवरी 2024 में हुई थी TVK की स्थापना
अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके ने सोमवार को तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में एक तरह का रिकॉर्ड बनाया और द्रमुक तथा उसके अध्यक्ष स्टालिन को उनके कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में करारी हार देकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, जबकि अन्नाद्रमुक तीसरे स्थान पर रही। विजय ने पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से जीत हासिल की। टीवीके ने अपने पहले चुनाव में लगभग 35 प्रतिशत (34.92) वोट हासिल किए। तमिलनाडु में ऐसा पहली बार हुआ है जब अपनी स्थापना के दो साल से कुछ अधिक समय बाद ही कोई पार्टी सत्ता में आएगी। इस पार्टी की स्थापना फरवरी 2024 में हुई थी।
