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आनंद मोहन रिहाई: जी कृष्णैया की पत्नी की याचिका पर SC में सुनवाई, बिहार सरकार को जारी किया नोटिस

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 8, 2023, 01:20 PM IST

उमा कृष्णैया ने 1 मई को बाहुबली नेता की रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट याचिका दायर की थ। इस पर सुप्रीम कोर्ट आठ मई को सुनवाई के लिए तैयार हो गया था।

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उमा कृष्णैया ने दायर की थी याचिका

Photo : ANI

Anand Mohan Release: सुप्रीम कोर्ट ने दिवंगत आईएएस अधिकारी जी कृष्णैया की पत्नी उमा कृष्णैया की याचिका पर बिहार सरकार और अन्य को नोटिस जारी किया है। इसमें बिहार के राजनेता आनंद मोहन को जेल से समय से पहले रिहा करने को चुनौती दी गई है। नीतीश सरकार ने आनंद की रिहाई के लिए नियमों में बदलाव प्रस्तावित किए थे जिसे विधानसभा से मंजूरी मिली थी। इस पूर्व बाहुबली के जेल से रिहा होते ही कृष्णैया की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

उमा कृष्णैया ने दायर की थी याचिका

उमा कृष्णैया ने 1 मई को बाहुबली नेता की रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट याचिका दायर की थ। इस पर सुप्रीम कोर्ट आठ मई को सुनवाई के लिए तैयार हो गया था। 1994 में गोपालगंज जिले के आईएएस अधिकारी जी कृष्णैया की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में बाहुबली नेता आनंद मोहन प्रमुख आरोपी थे। भीड़ को उकसाने के मामले में वह दोषी पाए गए थे, जिसके बाद उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, बाद में कोर्ट ने उनकी सजा को बदलकर उम्रकैद में तब्दील कर दिया था।

नीतीश सरकार ने जेल मैनुअल में बदलाव किया

बिहार की नीतीश सरकार ने बीते 10 अप्रैल को जेल मैनुअल में बदलाव किया था। इस बदलाव के तहत आनंद मोहन समेत 26 कैदियों को सहरसा जेल से रिहा किया गया था। बिहार सरकार ने जिस नियम को बदला था, उसमें पहले ड्यूटी के दौरान हत्या के मामले में जेल से रिहाई का प्रावधान नहीं था। सरकार ने इसे बदल दिया, जिसके बाद आनंद मोहन को रिहा किया गया। उसकी रिहाई के बाद से नीतीश सरकार की आलोचना हुई। दिवंगत आईएएस जी. कृष्णैया की पत्नी व बेटी ने भी आनंद मोहन की रिहाई पर सवाल खड़े किए थे।

कौन थे जी कृष्णैया?

1985 बैच के आईएएस अधिकारी जी कृष्णैया तेलंगाना के महबूबनगर के रहने वाले थे। दलित आईएएस अधिकारी जी कृष्णय्या 1994 में गोपालगंज के जिला मजिस्ट्रेट थे। वह एक गरीब दलित परिवार से ताल्लुक रखते थे और कहा जाता था कि वह अपने समय के सबसे ईमानदार नौकरशाह थे। 1994 में जब उनकी हत्या हुई थी वह गोपालगंज के जिलाधिकारी थे। जब उनका वाहन बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से गुजर रहा था तब एक गैंगस्टर छोटन शुक्ला की हत्या से गुस्साई भीड़ ने उन्हें पहले पीटा और फिर गोली मार दी थी। इस भीड़ की अगुवाई आनंद मोहन कर रहे थे।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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