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PM Modi Birthday: पिछले 6 सालों में पीएम मोदी ने किस तरह मनाया अपना जन्मदिन, हर बार दिखा है अलग अंदाज

PM Modi: पीएम मोदी 74 साल के हो चुके हैं, इस बार के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का क्या खास प्लान है? बीते छह सालों का जिक्र किया जाए तो हर साल पीएम मोदी का जन्मदिन मनाने का अंदाज बदलता रहा है। इस मौके पर देश सेवा प्रमुख थीम रही है। आपको रूबरू करवाते हैं।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन।

Happy Birthday PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को 74 साल के हो जाएंगे, जिससे उनकी दशकों की सार्वजनिक सेवा में एक और शानदार साल जुड़ जाएगा। पीएम मोदी का जन्मदिन किसी भी अन्य कार्य दिवस की तरह ही है, लेकिन यह ‘सेवा पर्व’ मनाने का अवसर भी है, जो एक पखवाड़ा उत्सव है, जिसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हर साल नागरिक कल्याण और मानवता को ध्यान में रखकर निस्वार्थ सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित करती है।

तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने पीएम मोदी

17 सितंबर 1950 को गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में पैदा हुए नरेंद्र दामोदर दास मोदी ने लगातार तीन कार्यकाल (2001-14) तक राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और अब वह रिकॉर्ड तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री हैं।

हर साल की तरह इस बार भी भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में 17 सितंबर को ‘सेवा पखवाड़ा’ या ‘सेवा पर्व’ शुरू करने जा रही है। इस पहल के तहत देशभर में रक्तदान शिविर और स्वच्छता अभियान चलाए जाएंगे।

इसके साथ ही पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता अस्पतालों, स्कूलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सफाई अभियान चलाएंगे। स्वच्छ भारत अभियान, मोदी सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसे हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय विज्ञान पत्रिका नेचर ने बढ़ावा दिया था, जिसमें दावा किया गया कि इस अभियान ने 60,000 से 70,000 शिशु मृत्यु को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस बार पीएम मोदी के जन्मदिन पर क्या है प्लान

प्रधानमंत्री मोदी के 74वें जन्मदिन के उपलक्ष्य पर राजस्थान की प्रसिद्ध अजमेर शरीफ दरगाह पर 4,000 किलो शाकाहारी भोजन परोसा जाएगा।

गुजरात के सूरत में कई व्यापारियों ने 17 सितंबर को अपने उत्पादों पर 10 से 100% तक की छूट की घोषणा की है। यह छूट होटल, बाजार, परिवहन सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में लागू होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले कुछ वर्षों में अपना जन्मदिन कुछ इस अंदाज में मनाया...

साल 2023 - पिछले साल पीएम मोदी ने अपना जन्मदिन देश के किसानों, शिल्पकारों और कारीगरों के लिए एक गेमचेंजर योजना की घोषणा करके मनाया था। पीएम मोदी ने 17 सितंबर 2023 को 'पीएम विश्वकर्मा योजना' शुरू की, इसका लक्ष्य कारीगरों को कौशल प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना है। पीएम मोदी ने दो प्रमुख परियोजनाओं - इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (आईआईसीसी) और दिल्ली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का विस्तार भी शुरू किया था।

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में उनके शुभचिंतकों ने जमकर जश्न मनाया और उनकी उम्र के प्रतीक के रूप में पारंपरिक केक की जगह 73 किलो का लड्डू केक काटा। हनुमान मंदिर में हर्षोल्लास के साथ ‘अखंड रामायण पाठ’ का भी आयोजन किया गया।

साल 2022 - 17 सितंबर 2022 को पीएम मोदी का जन्मदिन बेहद ही खास रहा। उन्होंने देश से विलुप्त हो चुके चीतों को बसाने के लिए 'प्रोजेक्ट चीता' शुरू किया। जिसके तहत नामीबिया से आठ चीतों को विशेष विमान से मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में लाया गया था। पीएम मोदी ने खुद अपने जन्मदिन पर उन चीतों को बाड़े में छोड़ा था। इसके बाद उन्होंने अपने कैमरे से तस्वीरें भी खींची थी।

साल 2021 - उन्होंने इस साल के जन्मदिन समारोह एक विशेष क्षण को समर्पित किया था, क्योंकि देश ने एक ही दिन में 2.26 करोड़ कोविड टीकाकरण का अद्भुत देने वाला रिकॉर्ड बनाया था। कोरोना वायरस के खिलाफ भारत की लड़ाई को गति देने के लिए एक विशेष अभियान भी चलाया गया।

साल 2020 - साल 2020 में पूरा देश कोरोना महामारी की चपेट में था, इसलिए प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर कोई जश्न नहीं मनाया गया। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी ने ‘सेवा सप्ताह’ के तहत शिविर और हेल्प डेस्क का आयोजन किया था। जिसमें गरीबों और जरूरतमंदों को राशन वितरित किया गया, जबकि कई जगहों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए गए।

साल 2019 - इस साल, प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के केवड़िया में ‘नमामि नर्मदा’ उत्सव में भाग लिया। यह बांध के 138.88 मीटर के पूर्ण जलाशय स्तर तक भरने के उपलक्ष्य में मनाया गया। उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित किया।

साल 2018 - प्रधानमंत्री मोदी ने अपना जन्मदिन अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लोगों के साथ मनाया था। इसके साथ पीएम मोदी ने छात्रों को कई उपहार भी भेंट किए थे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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