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Operation Sindoor से भारत का संदेश साफ, छेड़ोगे तो कहीं का नहीं छोड़ेंगे

छेड़ोगे तो कहीं का नहीं छोड़ेंगे... यह भारत का पाकिस्तान और उसके आतंकी आकाओं के लिए कड़ा संदेश है। यही संदेश भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक करके दिया है। यहां देखें भारत ने किन 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तानाबूद कर दुनिया को कड़ा संदेश दिया है।

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भारत का संदेश साफ, छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं

Photo : Times Now Digital

भारतीय सेना ने पाकिस्तान में 4 और PoK में 5 आतंकवादी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक करके देश के मंसूबे साफ कर दिए हैं। भारत का मैसेज सीधा और सटीक है कि 'छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं… अंदर घुसकर ऐसा मारेंगे कि कहीं का नहीं छोड़ेंगे।' जिन आतंक के ठिकानों पर हमला हुआ उनमें पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मुहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर का ठिकाना भी है। भारत की इस कार्रवाई में मसूद अजहर के परिवार के 10 लोग और चार करीबी लोग मारे गए हैं। यहां तक कहा जा रहा है कि मसूद अजहर अपने लिए मौत की भीख मांग रहा है। मसूद अजहर कह रहा है कि काश मैं भी मर जाता... संदेश साफ है छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं...

पाकिस्तान और उसके आतंकी आकाओं ने 22 अप्रैल को पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों पर हमला किया था। इस आतंकी हमले में 26 पर्यटकों को निर्मम तरीके से मौत के घाट उतार दिया गया था। तभी से देश में लगातार पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा उबल रहा था। आम जनता से लेकर विपक्ष तक सरकार से आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। हर किसी ने सरकार को समर्थन की बात कही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी साफ कर दिया कि उन्होंने सेना को कार्रवाई की खुली छूट दे दी है। सेना अपने अनुसार समय और जगह देखकर जवाब देगी। और आज वह दिन भी आ गया जब 6 और 7 मई की दरम्यानी रात सेना ने पाकिस्तान व PoK में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।

पाकिस्तान ने छेड़ा और ये आतंकी ठिकाने तबाह हो गए

भारत की नीति हमला करने की नहीं रही है। लेकिन इसके साथ ही भारत अब वो भारत भी नहीं रहा, जो आतंकी हमले के बाद भी चुप रह जाता था। भारत की नीति अब साफ है कि अगर हमें छेड़ा तो हम आपको कहीं का नहीं छोड़ेंगे। भारत ने आज जिन 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया उनके बारे में जानकारी यहां है -

Operation Sindoor Amit shah

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह

1. मरकज सुभान अल्ला - यह पाकिस्तान में पंजाब के बहावलपुर में जैश-ए-मुहम्मद का हेडक्वार्टर है। कहने को यह मरकज है, लेकिन आतंकियों का ठिकाना है। यहीं पर पुलवामा, उरी और पहलगाम आतंकी हमले सहित भारत में कई आतंकी हमलों की प्लानिंग की गई थी। यहीं पर आतंकी मौलान मसूद अजहर के परिवार के 10 लोगों और 4 अन्य करीबियों के मारे जाने की खबर है।

2. मरकज तैयबा - पाकिस्तान में पंजाब के मुरीदके में नांगल सहदान में यह मरकज है। कहने को तो यहां पर लोगों को तालीम दी जाती है। लेकिन यह लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रमुख ट्रेनिंग सेंटर है।

3. सरजल - पाकिस्तान में पंजाब के नरोवाल जिले में जैश-ए-मुहम्मद का यह फैसिलिटी सेंटर है। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों को लॉन्च करने के लिए इसे जैश-ए-मुहम्मद लॉन्च पैड के रूप में इस्तेमाल करता रहा है। यह सेंटर सरजल इलाके में तेहरा कलां गांव के अंदर एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की आड़ में चल रहा था।

4. मेहमूनना जोया फैसिलिटी कोटली - पाकिस्तान में पंजाब के सिलायकोट जिले में हिजबुल मुजाहिद्दीन की यह फैसिलिटी चल रही थी। यह आतंकी कैंप कोटली भुट्टा सरकारी अस्पताल के पास था। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर और LoC के पास सरकारी बिल्डिंगों में छिपाकर कई ऐसे आतंकी कैंप चलाती है।

5. मरकज अहले हदीस, भिंबर - पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के भिंबर जिले में यहां पर लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी कैंप था। यहां से राजौरी, पुंछ, रियासी जैसे सेक्टरों में आतंकियों को भेजा जाता था।

6. मरकज अब्बास, कोटली - मरकज सैदना हजरत अब्बास बिन अब्दुल मुतालिब जैश-ए-मुहम्मद का आतंकी ठिकाना था। यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के कोटली में मोहल्ला रोली धारा बायपास रोड पर मौजूद था। यह कोटली मिलिट्री कैंप से करीब 2 किमी दूर था।

Tejashwi Yadav Operation Sindoor

समूचे विपक्ष ने की सेना की कार्रवाई की तारीफ

7. मस्कर रहील शाहिद, कोटली - PoK के कोटली जिले में हिजबुल-मुजाहिद्दीन का आतंकी कैंप था, जिस पर भारत ने एयरस्ट्राइक की है। यह हिजबुल का एक पुराना आतंकी कैंप था।

8. सवाई नाला कैंप - यह लश्कर-ए-तैयबा के एक प्रमुख आतंकी कैंप था। जिसे आतंकियों की भर्ती, रजिस्ट्रेशन और ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता था। यह कैंप साल 2000 से ही यहां चल रहा था।

9. मरकज सैदना बिलाल - पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में यह जैश-ए-मुहम्मद का आतंकी कैंप था। इस कैंप को आतंकियों को भारत भेजने से पहले उनके ट्रांजिट प्वाइंट के लिए रूप में इस्तेमाल किया जाता था। यहां पर 50 से 100 आतंकवादी रहते थे। इस कैंप को मुफ्ती अस्गर खान कश्मीरी चलाता था।

Digpal Singh
दिगपाल सिंह author

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी... और देखें

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