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'मिसाइलबाज' किम को 'फ्रीडम शील्ड 23' से कड़ा संदेश, खास है अमेरिका-साउथ कोरिया का सैन्य अभ्यास

  • Edited by: आलोक कुमार राव
  • Updated Mar 13, 2023, 01:29 PM IST

US-South Korea Military drills : अमेरिका के साथ साउथ कोरिया का यह सैन्य अभ्यास इतना खास क्यों है? क्यों किम-जोंग-उन अमेरिका-साउथ कोरिया के बीच बढ़ती नजदीकी से बौखलाए हुए हैं और इस सैन्य अभ्यास के मायने क्या हैं?

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मिसाइल टेस्ट साइट पर किम जॉन्ग उन।

Photo : AP

US-South Korea Military drills : उत्तर कोरियाई तानाशाह किम-जोंग-उन समय-समय पर कुछ न कुछ ऐसा करते रहते हैं, जो अमेरिका समेत कई मुल्कों की टेंशन बढ़ा देता है। एक तरफ दुनिया रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग से बेहाल है तो दूसरी तरफ उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण ने फिर से अमेरिका के साथ उसके संबंधों को तनावपूर्ण कर दिया है। दरअसल, बीते गुरुवार को उत्तर कोरिया ने छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी, इसके बाद रविवार को फिर से सबमरीन से दो क्रूज मिसाइलें दागी गईं।

उत्तर कोरिया का कहना है कि यह मिसाइल परीक्षण अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच शुरू होने जा रहे सैन्य अभ्यास से पहले उसका शक्ति परीक्षण है। वह साउथ कोरिया से पनप रहे खतरे से खुद को बचाने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही उत्तर कोरिया ने अपनी सेना और खुफिया एजेंसियों को भी हाईअलर्ट पर रख दिया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि अमेरिका के साथ साउथ कोरिया का यह सैन्य अभ्यास इतना खास क्यों है? क्यों किम-जोंग-उन अमेरिका-साउथ कोरिया के बीच बढ़ती नजदीकी से बौखलाए हुए हैं और इस सैन्य अभ्यास के मायने क्या हैं?

पहले जानिए उत्तर कोरिया ने क्या किया?

उत्तर कोरिया ने बीते गुरुवार को छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की थी। यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय पर किया गया था, जब अमेरिका ने साउथ कोरिया के साथ सबसे बड़े सैन्य अभ्यास की घोषणा की थी। इसके बाद रविवार को भी उत्तर कोरिया ने सबमरीन से दो क्रूज मिसाइलों को लॉन्च किया। इसकी पुष्टि सोमवार को खुद उत्तर कोरियाई न्यूज एजेंसी KCNA ने की। एजेंसी ने कहा, हमने मिसाइल लॉन्च करके खुद को अमेरिका ओर साउथ कोरिया से पनप रहे खतरे से बचाया है। साथ ही उसने अमेरिका को हद में रहने की धमकी भी दी। एजेंसी के मुताबिक, दोनों मिसाइलों ने अपना लक्ष्य भेदने से पहले करीब 1500 किलोमीटर की दूरी तय की।
kim jong un

kim jong un

अब जानिए अमेरिका और साउथ कोरिया की मिलिट्री ड्रिल के बारे में?

अमेरिका और साउथ कोरिया के बीच आज यानी 13 मार्च से एक सैन्य युद्धाभ्यास शुरू हो रहा है। यह अभ्यास 11 दिनों तक चलेगा, जिसमें दोनों सेनाएं अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगी। इस युद्धाभ्यास को 'फ्रीडम शील्ड 23' नाम दिया गया है। कहा जा रहा है कि दोनों देशों के बीच यह युद्धाभ्यास करीब पांच साल बाद होने जा रहा है। इससे पहले इस तरह का युद्धाभ्यास 2017 में आयोजित किया गया था। दरअसल, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच शांति वार्ता की पहल के तहत इस तरह के युद्धाभ्यास को बंद कर दिया था।

अब जानिए बौखलाहट की वजह?

उत्तर कोरिया और साउथ कोरिया के बीच बीते दो सालों में संबंध बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुके हैं। कई बार दोनों देशों के बीच शांतिवार्ता की पहल हुई, लेकिन बात नहीं बनीं। इस बीच साउथ कोरिया के अमेरिका के साथ संबंध मजबूत होते चले गए, जिसे किम-जोंग-उन अपने देश के लिए खतरा मानते हैं। ऐसे में करीब पांच साल बाद दोनों देशों के बीच होने जा रहे सबसे बड़े युद्धाभ्यास को उत्तर कोरिया एक बड़े खतरे के रूप में देख रहा है। यही वजह है कि साउथ कोरिया एक के बाद एक मिसाइल परीक्षण कर रहा है।
n korea

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दुनिया के लिए क्यों चिंता का विषय?

तानाशाह किम-जोंग-उन लगातार मिसाइल परीक्षण करते हैं, यह कोई नई बात नहीं है। हालांकि, क्रूज और बैलिस्टिक जैसी खतरनाक मिसाइलों का परीक्षण जरूर चिंता का विषय है। दरअसल, संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया पर इस तरह के मिसाइल परीक्षण पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद यह देश अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। दूसरी तरफ उत्तर कोरिया की तरफ से यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय पर किया गया है, जब साउथ कोरिया और अमेरिका सबसे बड़ा युद्धाभ्यास करने जा रहे हैं, ऐसे में कभी भी स्थिति बिगड़ सकती है।

(प्रांजुल श्रीवास्तव की रिपोर्ट)

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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