Aurangzeb : मुगल शासक औरंगजेब पर राजनीति गरमा गई है। औरंगजेब पर अहमदनगर से शुरू हुआ विवाद कोल्हापुर पहुंचा और फिर इसने नेताओं को एक-दूसरे पर हमला बोलने का मौका दे दिया। कोल्हापुर में हुई हिंसा पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि 'देश में औरंगजेब की औलादें' पैदा हो गई हैं। फिर राकांपा सुप्रीमो शरद पवार ने कहा कि 'महाराष्ट्र की हिंसा संस्कृति' की नहीं है। पवार के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता एवं महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नीलेश राणे ने कहा कि 'शरद पवार औरंगजेब के अवतार हैं'। कुल मिलाकर औरंगजेब पर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है।
औरंगजेब पर सियासत गरमाई
'औलादों की लड़ाई' में ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी भी उतर गए। उन्होंने पूछा कि 'गोडसे की औलादों' को क्या कहोगे? एआईएमआईएम नेता के इस बयान पर भाजपा नेता राम कदम ने ओवैसी को 'पाकिस्तान की औलाद' बता दिया। जाहिर है कि औरंगजेब पर सियासत गर्म हो गई है। औरंगजेब को एक अत्याचारी, कट्टर, क्रूर एवं तानाशाह शासक माना जाता है। इतिहासकारों एवं अलग-अलग रिपोर्टों में बताया गया है कि उसने हिंदुओं पर जुल्म किए और उन्हें अपमानित करने के लिए कई सारे फैसले लिए। औरंगजेब पर जारी विवाद के बीच हम यहां जानने की कोशिश करेंगे कि हिंदू समुदाय इस मुगल शासक से इतनी नफरत क्यों करता है।
हिंदुओं के लिए कठोर नियम बनाए, जजिया टैक्स लगाया
इतिहासकारों का कहना है कि औरंगजेब ने अपने शासनकाल में हिंदुस्तान की जनता पर बेहद अत्याचार ढाए। अपने राज में उसने हिंदुओं के लिए कठोर नियम बनाए। हिंदुओं के धार्मिक स्थानों पर टैक्स लगा दिया। इसी के साथ उसने हिंदू रीति-रिवाज से मनाए जाने वाले त्योहारों पर प्रतिबंध लगा दिया। हिंदुओं पर जजिया टैक्स लगाया।
पिता को कैद किया, भाइयों की हत्या कराई
औरंगजेब की क्रूरता एवं कट्टरता का आलम यह था कि उसने अपने परिवार को भी नहीं छोड़ा। राजगद्दी हथियाने के लिए अपने पिता शाहजहां को कैद करा दिया। बड़े भाइयों की हत्या करा दी।
इस्लाम छोड़ अन्य धर्मों को निशाना बनाया
इतिहासकार विल ड्यूरैंट ने अपनी पुस्तक 'ऑवर ओरिएंटल हेरिटेज' में इस बात का जिक्र किया है कि औरंगजेब ने अपनी जिंदगी के 50 वर्ष भारत में इस्लाम को छोड़कर अन्य धर्मों के खात्मे की कोशिशों में खपा दीं।
धर्मांतरण नहीं करने पर दंड देता था
औरंगजेब में धार्मिक कट्टरता कूट-कूट कर भरी थी। उसने हिंदुओं और सिखों का धर्मांतरण कराने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी। धर्म परिवर्तन के लिए राजी नहीं होने पर उन्हें दंडित किया जाता था। कहा जाता है कि औरंगजेब के कहने पर ही जैन धर्म के मुनि जिन प्रसाद की हत्या की गई।
काशी विश्वनाथ मंदिर तुड़वाया
औरंगजेब दूसरे धर्मों को जरा भी पसंद नहीं करता था। कहा जाता है कि अपने शासनकाल में उसने करीब 1000 मंदिर तुड़वाए। वाराणसी के प्रसिद्ध मंदिर काशी विश्वनाथ के एक हिस्से को तोड़वाकर उसने मस्जिद का निर्माण कराया। सोमनाथ मंदिर को भी औरंगजेब ने तुड़वाया।
मराठा शासक संभाजी की हत्या कराई
औरंगजेब ने कई हिंदू राजाओं की हत्या कराई। उसने मारवाड़ के राणा राज सिंह को कैद कराया और फिर उनकी हत्या करा दी। उसने मराठा शासक संभाजी की भी हत्या कराई।
गुरु तेग बहादुर की हत्या
औरंगजेब के अत्याचारों एवं जुल्मों का सिख समुदाय ने बहादुरी से सामना किया। यह समुदाय उसके सामने झुका नहीं। इससे औरंगजेब चिढ़ गया था। औरंगजेब ने सिखों के नौवे गुरु गुरु तेग बहादुर की हत्या करा दी।
