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क्या ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति है ट्रंप की चेतावनी? 'खतरनाक' मोड़ पर पहुंचा ईरान-इजरायल संघर्ष

रिपोर्टों के मुताबिक तेहरान में अफरा-तफरी का माहौल है। लोग सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए शहर से निकलने की कोशिश में हैं लेकिन हर तरफ उन्हें ट्रैफिक का सामना करना पड़ रहा है। जो दूरी आम तौर पर तीन घंटे में पूरी होती थी उसे पूरा करने में लोगों को करीब 14 घंटे का समय लग रहा है। तेहरान में लोग डरे हुए हैं।

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तेहरान में मंगलवार सुबह सुने गए धमाके।

Israel Iran War : इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष खतरनाक रूप लेने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में बड़े धमाके सुने गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने लोगों से तत्काल तेहरान छोड़ने के लिए कहा है। ट्रंप खुद तय समय से पहले जी-7 शिखर सम्मेलन से वापसी कर रहे हैं। इससे मध्य पूर्व में नाजुक होते हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने इजरायल की तरफ अपने हमले तेज कर दिए हैं। रिपोर्टों में इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) के हवाले से कहा गया है कि ईरान ने उनके देश की तरफ और ज्यादा मिसाइलें दागी हैं। इन हमले के बाद उत्तरी इजरायल में साइरन बजाए गए और लोगों से बम शेल्टरों में शरण लेने के लिए कहा गया।

रूबियो भी लौटेंगे वाशिंगटन

मध्य पूर्व में बिगड़ते हालात को देखते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रूबियो भी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ वाशिंगटन लौटेंगे। इस बीच, इजरायल स्थित चीनी दूतावास ने अपने नागरिकों से जल्द से जल्द इस देश को छोड़ने के लिए कहा है। चीन ने अपने नागरिकों से जॉर्डन की तरफ जाने के लिए कहा है।

तेहरान से निकलना चाहते हैं लोग

रिपोर्टों के मुताबिक तेहरान में अफरा-तफरी का माहौल है। लोग सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए शहर से निकलने की कोशिश में हैं लेकिन हर तरफ उन्हें ट्रैफिक का सामना करना पड़ रहा है। जो दूरी आम तौर पर तीन घंटे में पूरी होती थी उसे पूरा करने में लोगों को करीब 14 घंटे का समय लग रहा है। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बाद अब ट्रंप की चेतावनी पर लोग दहशत में हैं। तेहरान में करीब 10 लाख लोग रहते हैं।

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तेहरान में सुनी गईं विस्फोटों की आवाज

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की सरकारी मीडिया ने कहा कि मंगलवार तड़के तेहरान में भारी विस्फोटों की आवाज सुनाई दीं। इससे पहले ईरान के सरकारी टेलिविजन इमारत पर हमला हुआ। इस हमले में इमारत को नुकसान पहुंचा। एक्सपर्ट का मानना है कि ट्रंप का तेहरान छोड़ने का ताजा बयान ईरान पर दबाव बनाने की एक चाल हो सकती है। ट्रंप चाहते हैं कि इससे तेहरान में अफरा-तफरी मचेगी और लोग दहशत में आएंगे। इसका दबाव ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर आएगा और वे डील करने के लिए आगे आएंगे।

...तो ट्रंप, नेतन्याहू को फोन करें-आरागची

ईरान के विदेश मंत्री अब्बाद आरागची ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति यदि वास्तव में कूटनीति करना और संघर्ष रुकवाना चाहते हैं तो उन्हें हमले रोकने के लिए इजरायल के राष्ट्रपति नेतन्याहू को फोन करना चाहिए। आरागची ने कहा कि इस संघर्ष में यदि अमेरिका कूदता है तो इससे बातचीत के जरिए हल निकालने की संभावनाएं खत्म हो जाएंगी। इस बीच, इजरायल के हमलों को देखते हुए नतांज में एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है। नतांज, ईरान का बड़ा शहर है और वह राजधानी तेहरान से करीब 225 किलोमीटर दक्षिण में है।

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ईरान की सरकार को गिराना नहीं -नेतन्याहू

इजरायली पीएम ने सोमवार को कहा कि ईरान पर किए गए हमलों ने उसके परमाणु कार्यक्रम को 'बहुत लंबे समय' के लिए पीछे धकेल दिया है। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल का उद्देश्य ईरान की सरकार को गिराना नहीं है, लेकिन अगर हमलों के परिणामस्वरूप ऐसा होता है तो उन्हें हैरानी नहीं होगी। उन्होंने कहा, 'शासन बहुत कमज़ोर है।' नेतन्याहू ने यह भी कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ निरतंर संपर्क में हैं।

विकिरण का स्तर फिलहाल सामान्य-IAEA

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख ने सोमवार को कहा कि इजरायली हमलों के बाद नतांज स्थित ईरान के मुख्य परमाणु संवर्धन संयंत्र में रेडियोधर्मी और रासायनिक दोनों तरह के प्रदूषण की आशंका है, हालांकि परिसर के बाहर विकिरण का स्तर फिलहाल सामान्य है। आईएईए के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने कहा कि अगर यूरेनियम सांस के साथ शरीर के अंदर जाए तो विकिरण एक बड़ा खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा कि उचित सुरक्षात्मक उपायों, जैसे कि परमाणु संयंत्रों के अंदर श्वसन सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करके जोखिम से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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