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डोनाल्ड ट्रंप को कैसे हराएंगी कमला हैरिस? चुनावी प्लान का खुद किया खुलासा; बताई ये 3 अहम बातें

Trump vs Kamala: कमला हैरिस ने खुशी जाहिर करते हुए ये कहा है कि जो बाइडन के समर्थन से सम्मानित महसूस कर रही हूं। उन्होंने खुद ये बताया कि वो अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले आगामी चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को कैसे हराएंगी। उन्होंने कहा कि ट्रंप को हराने के लिए देश को एकजुट करना लक्ष्य है।

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डोनाल्ड ट्रंप vs कमला हैरिस।

Kamala Harris Plan for US Election: कमला हैरिस ने आगामी चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को हराने के लिए रणनीतियों पर काम करना शुरू कर दिया है। अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा कि वह राष्ट्रपति पद के चुनाव में जो बाइडन द्वारा डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी के लिए उनके नाम की सिफारिश किए जाने को लेकर खुशी जाहिर किया है। उन्होंने बताया कि वो सम्मानित महसूस कर रही हैं। कमला ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति 'डोनाल्ड ट्रंप और उनके ‘प्रोजेक्ट 2025 एजेंडे’ को हराने' के लिए उनका क्या प्लान है।

जो बाइडन ने अचानक कर दिया ये बड़ा ऐलान

उपराष्ट्रपति की यह टिप्पणी राष्ट्रपति जो बाइडन के रविवार को राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर होने की अचानक घोषणा करने और डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी के लिए भारतीय-अफ्रीकी मूल की कमला (59) के नाम की सिफारिश करने के बाद आई। बाइडन के जून में अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप के साथ बहस में खराब प्रदर्शन के बाद से ही डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता उन पर राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर होने का दबाव बना रहे थे। आपको बताते हैं कि कमला हैरिस ने इस ऐलान के बाद क्या कुछ कहा।

Joe Biden and Kamala Harris

जो बाइडन और कमला हैरिस।

1). उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने बताया अपना लक्ष्य

कमला ने कहा, 'मैं राष्ट्रपति का समर्थन पाकर सम्मानित महसूस कर रही हूं। मेरा मकसद अब राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ में जीत हासिल करना है।' कमला जनवरी 2021 से उपराष्ट्रपति के रूप में सेवाएं दे रही हैं। वह अमेरिका की पहली ऐसी महिला, पहली ऐसी अश्वेत और पहली ऐसी दक्षिण एशियाई मूल की नागरिक हैं जो इस पद पर आसीन हुई हैं।

2). कमला हैरिस ने जो बाइडन का जताया आभार

बाइडन की सिफारिश से डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के रूप में कमला की दावेदारी को काफी बल मिला है, लेकिन उनके लिए शिकागो में अगले महीने प्रस्तावित ‘डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन’ के दौरान पार्टी प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल करना जरूरी है। कमला ने कहा, 'मैं राष्ट्रपति के रूप में बाइडन के असाधारण नेतृत्व और हमारे देश की कई दशकों तक सेवा करने के लिए अमेरिका के लोगों की तरफ से उनका शुक्रिया अदा करना चाहती हूं।'

US VP Kamala Harris

कमला हैरिस।

3). डोनाल्ड ट्रंप को हराने के लिए कमला का प्लान

उन्होंने कहा कि पिछले साल उन्होंने पूरे देश की यात्रा की और अमेरिकियों से इस महत्वपूर्ण चुनाव में उनके पसंदीदा उम्मीदवार और उससे उनकी अपेक्षाओं के बारे में जाना। कमला ने कहा, 'और आने वाले दिनों और हफ्तों में भी मैं यहीं करती रहूंगी। मैं डेमोक्रेटिक पार्टी और हमारे देश को एकजुट करने के लिए, डोनाल्ड ट्रंप और उनके विवादित ‘प्रोजेक्ट 2025 एजेंडे’ को हराने के लिए वह सब कुछ करूंगी, जो मेरे बस में है... अभी चुनाव में 107 दिन बचे हैं। हम साथ मिलकर लड़ेंगे। हम साथ मिलकर जीतेंगे।'

क्लिंटन ने भी की कमला के नाम की पैरवी

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने भी राष्ट्रपति पद की डेमोक्रेटिक उम्मीदवारी के लिए कमला के नाम की पैरवी की। क्लिंटन दंपति ने एक संयुक्त बयान में कहा, 'हमने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन हमें हमारे देश के लिए ट्रंप के दूसरे कार्यकाल से उत्पन्न खतरे से ज्यादा किसी और चीज को लेकर चिंता नहीं हुई।'

Donald Trump vs Joe Biden

डोनाल्ड ट्रंप, कमला हैरिस और जो बाइडन।

बयान में कहा गया है, 'उन्होंने (ट्रंप) पहले ही दिन से तानाशाह बनने का वादा किया है और ‘सुप्रीम कोर्ट’ के हालिया फैसले से उन्हें संविधान को और अधिक खंडित करने का साहस मिलेगा। अब समय आ गया है कि हम कमला हैरिस को समर्थन दें और उन्हें राष्ट्रपति बनाने के लिए हरसंभव कोशिश करें।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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