Gitanjali Angmo Biography: दिल्ली हाई कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk Wife) को जंतर-मंतर से पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराने के फैसले को सही और कानून के मुताबिक बताया है। कोर्ट ने उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो (Who is Gitanjali Angmo) की उस मांग को भी खारिज कर दिया, जिसमें वांगचुक को इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने की बात कही गई थी। गीतांजलि जे. आंग्मो भारत की एक जानी-मानी सोशल एंटरप्रेन्योर, कुशल शिक्षाविद् और समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता हैं।
लद्दाख के दुर्गम इलाकों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और वहां के स्थानीय समुदायों के विकास में उनका योगदान बेहद सराहनीय है। वे फेमस 'हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख' (HIAL) की सह-संस्थापक, सीईओ (CEO) और डीन हैं। यह संस्थान किसी भी चीज को रटकर सीखने के बजाय पहाड़ी इलाकों की समस्याओं के व्यावहारिक और स्थानीय समाधान खोजने पर केंद्रित है।
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शुरुआती जीवन और शिक्षा
गीतांजलि का जन्म साल 1972-73 के दौरान ओडिशा के बालासोर में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। वे बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में काफी होशियार थीं। उन्होंने ओडिशा की फकीर मोहन यूनिवर्सिटी से फिजिक्स (B.Sc) में स्नातक किया। इसके बाद, उन्होंने भुवनेश्वर के प्रतिष्ठित जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (XIMB) से मार्केटिंग और फाइनेंस में एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की।
आपको बता दें कि गीतांजलि की शैक्षणिक योग्यता यहीं नहीं रुकी। वे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की 'शेवनिंग फेलो' भी रही हैं और उन्होंने अपनी पीएचडी (PhD) भी पूरी की है। आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ गीतांजलि भारतीय आध्यात्मिकता, वेदांत, श्री अरविंद के विचारों, वेदों और उपनिषदों की भी गहरी समझ रखती हैं।
कॉर्पोरेट जगत से समाज सेवा तक का सफर
एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद गीतांजलि ने लगभग छह साल तक देश-विदेश की कई बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों में काम किया। इसके बाद उन्होंने खुद के कई सफल बिजनेस और संगठन शुरू किए, जिनमें पूषन, शंघाई पावर प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, हेलिओस बुक्स (पब्लिशिंग हाउस), एयूएम हॉस्पिटल्स और 'लव योर लीवर फाउंडेशन' शामिल हैं।
साल 2017 में उनके जीवन में एक बड़ा मोड़ आया, जब उन्होंने अपने पति और प्रसिद्ध इनोवेटर सोनम वांगचुक के साथ मिलकर लद्दाख में HIAL (Himalayan Institute of Alternatives, Ladakh) की स्थापना की। यह संस्थान पारंपरिक रटंत विद्या के बजाय व्यावहारिक (experiential) और वास्तविक परिस्थितियों के अनुकूल शिक्षा देने के लिए जाना जाता है। गीतांजलि ने शिक्षा के क्षेत्र में अपने अनुभवों के आधार पर महाराष्ट्र और लद्दाख सरकारों को शिक्षा नीति बनाने में भी सलाह दी है।
बहुमुखी प्रतिभा और व्यक्तिगत जीवन
गीतांजलि केवल एक शिक्षाविद् ही नहीं हैं, बल्कि वे एक बेहतरीन ओडिशी डांसर, रशियन बैले में प्रशिक्षित डांसर और कराटे में ब्लैक बेल्ट भी हैं। वे एक कुशल लेखिका भी हैं और वर्तमान में भविष्य की शिक्षा पर केंद्रित एक पुस्तक '5 Pillars of the Education of the Future' लिख रही हैं। एक शानदार टेडएक्स स्पीकर के रूप में वे अक्सर देश-विदेश में शिक्षा और राष्ट्र निर्माण पर अपने विचार शेयर करती हैं।
उनके व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो उन्होंने मशहूर लद्दाखी क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से शादी की है (जिनके जीवन से प्रेरित होकर '3 Idiots' फिल्म का फुंसुख वांगडू उर्फ 'रैंचो' का किरदार बना था)। शादी के बाद उन्होंने 'आंग्मो' सरनेम अपनाया। वे एक हिंदू हैं और अपने पति के साथ मिलकर लद्दाख के विकास में जुटी हैं। उनका एक बेटा है, जो विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहा है।
पुरस्कार और सम्मान
समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व कार्यों के लिए नीति आयोग (NITI Aayog) द्वारा साल 2022 में उन्हें 'वूमेन ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया अवॉर्ड' (Women Transforming India Award) से सम्मानित किया गया था। वर्तमान में, वे लद्दाख के अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने पति सोनम वांगचुक द्वारा चलाए जा रहे आंदोलनों में भी एक मजबूत स्तंभ की तरह उनका साथ दे रही हैं।
